after new order in up many schools were out of the merger list these two things became the basis यूपी में नए आदेश के बाद मर्जर लिस्ट से बाहर हुए कई स्कूल, ये दो बातें बनीं आधार, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
More

यूपी में नए आदेश के बाद मर्जर लिस्ट से बाहर हुए कई स्कूल, ये दो बातें बनीं आधार

कुछ विद्यालयों में नामांकन कम होने की समस्या सामने आती है। शासन ने इसके लिए ऐसे विद्यालयों को युग्मन करने का आदेश दिया था। जिन विद्यालयों में नामांकन कम होगा, उन विद्यालयों की लिस्ट बनी थी। आसपास के विद्यालयों में जहां नामांकन अधिक होगा, उस विद्यालय से कम नामांकन वाले विद्यालयों को युग्मन किया गया।

Sat, 2 Aug 2025 07:57 AMAjay Singh संवाददाता, कुशीनगर
share
यूपी में नए आदेश के बाद मर्जर लिस्ट से बाहर हुए कई स्कूल, ये दो बातें बनीं आधार

यूपी के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह ने दो दिन पहले कहा था कि एक किलोमीटर से अधिक दूरी और 50 से अधिक बच्चों वाले स्कूलों का विलय नहीं होगा। इन दोनों मानदण्डों के विपरीत कहीं पेयरिंग हुई है तो वह एक सप्ताह में समाप्त कर दी जाएगी। इस नए आदेश के बाद अब प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्कूलों को मर्जर लिस्ट से बाहर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कुशीनगर में 50 से कम नामांकन वाले 178 परिषदीय विद्यालयों का युग्मन (समायोजन या अटैच) पहले होना था। शासन के नए आदेश के बाद यहां एसएमसी (स्कूल मैनेजमेंट कमेटी) की असहमति और निर्धारित दूरी अधिक होने के कारण 74 स्कूलों की संख्या कम हो गई है। 104 स्कूलों में पांच दर्जन स्कूलों में बच्चे नये विद्यालय में पहुंच कर शिक्षण कार्य शुरू कर दिये हैं। युग्मन के बाद जो विद्यालय भवन खाली हुए हैं, उन्हें प्री प्राइमरी (को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केन्द्र) के उपयोग में लिया जाएगा। अगर पहले से को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्र हैं, तो स्थानीय स्तर पर उस भवन को हेल्थ और वेलनेस सेंटर के प्रयोग में लिया जाएगा।

बेसिक शिक्षा परिषद से कुशीनगर में 2464 परिषदीय संचालित हैं। इनमें 1640 प्राथमिक विद्यालय, 286 उच्च प्राथमिक विद्यालय और 538 कंपोजिट विद्यालय शामिल हैं। कुछ विद्यालयों में नामांकन कम होने की समस्या सामने आती है। शासन ने इसके लिए ऐसे विद्यालयों को युग्मन करने का आदेश दिया था। जिन विद्यालयों में नामांकन कम होगा, उन विद्यालयों को सूचीबद्ध किया गया था। इसके बाद आसपास के परिषदीय विद्यालयों में जहां नामांकन अधिक होगा, उस विद्यालय से कम नामांकन वाले विद्यालयों को युग्मन किया गया। बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी ब्लॉकों ने प्रथम चरण में 50 या 50 से कम नामांकन वाले स्कूलों का डाटा तैयार किया था। इसके दायरे में कुल 178 विद्यालय आए थे। उनका समीप के विद्यालयों में युग्मन किया गया था।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:महिला के लिवर में पल रहा है भ्रूण, यूपी में डॉक्टरों को भी चौंका देने वाला केस

शासन के आदेश पर विभाग ने एक किमी के दायरे में ही युग्मन फाइनल किया है। शिक्षकों को विद्यालय में नामांकित बच्चों के अभिभावक, ग्राम प्रधान व विद्यालय प्रबंध समिति के पदाधिकारियों से सहमति लेकर एक प्रस्ताव तैयार करने के बाद दूसरे स्कूलों में जाने का आदेश था। इसके आधार पर एक किमी से अधिक दूरी होने तथा समिति के असहमति के आधार पर जिले में 74 स्कूलों के युग्मन की कार्रवाई पर रोक लगा दी गई है, सिर्फ 104 विद्यालयों का युग्मन फाइनल है। इसमें से 60 स्कूलों में बच्चे पुराने से नये विद्यालय पहुंच कर शिक्षा ग्रहण करना शुरू कर दिये हैं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:स्कूलों के मर्जर को सीएम योगी ने बताया दूरगामी दृष्टिकोण, अखिलेश ने किया ये वार

क्या बोले बीएसए

कुशीनगर के बीएसए डॉ.रामजियावन मौर्य ने बताया कि एक किलोमीटर के दायरे में ही कम नामांकन वाले विद्यालयों का युग्मन हुआ है। ऐसे विद्यालयों को सूचीबद्ध किया गया था। 50 या 50 से कम नामांकन वाले स्कूलों में प्रथम चरण में 178 विद्यालय की सूची बनी थी। एसएमसी की असहमति और दूरी अधिक होने के कारण 74 स्कूलों को सूची से बाहर कर दिया गया है। अब सिर्फ 104 विद्यालयों का युग्मन किया जायेगा।

लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।