केजीएमयू के बाद PGI में यौन शोषण का केस, रेजीडेंट के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा; तलाश में जुटी पुलिस
पीजीआई में पश्चिम बंगाल की रहने वाली महिला रेजिडेंट डॉक्टर का आरोप है कि नई दिल्ली के नागलोई के रहने वाले डॉक्टर ने नवंबर, 2023 में दोस्ती का प्रस्ताव रखकर नजदीकियां बढ़ाईं। शादी के नाम पर बहला फुसलाकर वह शारीरिक संबंध बनाता रहा। यह रिश्ता उसके लिए मानसिक और शारीरिक पीड़ा का कारण बन गया।

UP News : केजीएमयू के बाद एसजीपीजीआई में रेजिडेंट डॉक्टर के यौन शोषण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि साथी रेजिडेंट डॉक्टर ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण किया। पता चला कि उसकी कई लड़कियों से संबंध हैं तो मारपीट की। पीड़िता ने संस्थान, महिला आयोग, विशाखा कमेटी से शिकायत की। दो महीने की जद्दोजहद के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। पीजीआई इंस्पेक्टर का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर आरोपी डॉक्टर की तलाश की जा रही है।
पीजीआई में पश्चिम बंगाल निवासी महिला रेजिडेंट डॉक्टर (एमडी रेडियोलॉजी) का आरोप है कि नई दिल्ली के नागलोई निवासी डॉक्टर ने नवंबर, 2023 में दोस्ती का प्रस्ताव रखकर नजदीकियां बढ़ाईं। शादी के नाम पर आरोपी बहला फुसलाकर शारीरिक संबंध बनाता रहा। अगस्त 2024 आते-आते यह रिश्ता उसके लिए मानसिक और शारीरिक पीड़ा का कारण बन गया।
दो महीने से न्याय के लिए दौड़ रही थी पीड़िता
पीजीआई के रेडियोलॉजी विभाग की महिला रेजिडेंट दो महीने से न्याय की गुहार लगा रही थी। हर उस दफ्तर का दरवाजा खटखटाया जहां महिला से जुड़ी शिकायतों का समाधन होता है। सबसे पहले 24 फरवरी को पीजीआई कोतवाली में तहरीर दी। वन स्टॉप सेंटर, महिला आयोग, विशाखा कमेटी का दरवाजा खटखटाया। आरोप है कि यहां कार्रवाई के बजाय समझौते की बातें होती रहीं। आरोप है कि संस्थान की विशाखा कमेटी ने न्याय देने के बजाय सिर्फ इंतजार कराया। अभी तक विशाखा कमेटी ने आरोपी रेजिडेंट पर कार्रवाई का कोई फैसला नहीं लिया। दो महीनों की जद्दोजहद के बाद मंगलवार रात पुलिस मामला दर्ज किया।
पुलिस पर आरोपी को सह देने का आरोप
पीड़िता का आरोप है कि पुलिस आरोपी रेजिडेंट की मदद कर रही है। पुलिस चाहती तो आरोपी को पहले ही पकड़ लेती, लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया।
अवसाद में आकर आत्महत्या का किया प्रयास
पीड़िता ने फरवरी 2025 में आरोपी से सम्बन्धों को सुधारने की कोशिश करते हुए बातचीत करनी चाही। इस पर आरोपी ने मारा-पीटा और गालीगलौज की। गला दबाते हुए जाति सूचक भद्दी गालियां देते हुए धक्का देकर गिरा दिया। पीड़िता अवसाद में चली गई। धीरे धीरे नशे की आदी हो गई। दिसंबर 2024 में उसने आत्महत्या करने की कोशिश की, पर सहयोगियों ने बचा लिया।
फोरम से शिकायत
-24 फरवरी: पीजीआई थाने में पहली तहरीर
- 16 मार्च: पीजीआई विशाखा कमेटी से शिकायत
- 24 मार्च: वन स्टाप सेंटर
- 30 मार्च: यूपी महिला आयोग
- 05 अप्रैल: पीजीआई थाने में दूसरी तहरीर
- 10 अप्रैल: विशाखा कमेटी से फिर शिकायत




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