No action no investigation committee KGMU urology department is busy protecting doctor accused of molestation न कोई ऐक्शन, न जांच कमेटी; KGMU में छेड़छाड़ के आरोपी डॉक्टर को बचाने में जुटा यूरोलॉजी विभाग, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
More

न कोई ऐक्शन, न जांच कमेटी; KGMU में छेड़छाड़ के आरोपी डॉक्टर को बचाने में जुटा यूरोलॉजी विभाग

केजीएमयू का यूरोलॉजी विभाग छेड़छाड़ के आरोपी आयुष डॉक्टर को बचाने में जुट गया है। एक सप्ताह पहले पीड़ित महिला ने छेड़छाड़ की शिकायत की। अभी तक अधिकारियों ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। हीलाहवाली का आलम यह है कि अभी तक जांच कमेटी तक गठित करने की जहमत नहीं उठाई।

Mon, 13 April 2026 01:58 PMsandeep हिन्दुस्तान, वरिष्ठ संवाददाता, लखनऊ
share
न कोई ऐक्शन, न जांच कमेटी; KGMU में छेड़छाड़ के आरोपी डॉक्टर को बचाने में जुटा यूरोलॉजी विभाग

लखनऊ के केजीएमयू के यूरोलॉजी विभाग छेड़छाड़ के आरोपी आयुष डॉक्टर को बचाने में जुट गया है। एक सप्ताह पहले पीड़ित महिला ने छेड़छाड़ की शिकायत की। अभी तक अधिकारियों ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। हीलाहवाली का आलम यह है कि अभी तक जांच कमेटी तक गठित करने की जहमत नहीं उठाई। यूरोलॉजी विभाग में काकोरी मोड़ निवासी महिला इलाज के लिए आई थीं। डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड जांच कराने की सलाह दी थी।

महिला मरीज से डॉक्टर पर छेड़छाड़ का आरोप

आरोप है कि यूरोलॉजी विभाग में अल्ट्रासाउंड जांच के दौरान महिला मरीज से डॉक्टर ने छेड़छाड़ की। इसकी शिकायत पीड़िता ने विभाग के अध्यक्ष से की। लगभग एक सप्ताह का समय गुजर चुका है। अभी तक विभाग की तरफ से मामले की जांच नहीं कराई गई। न ही कोई कमेटी बनाई गई। नतीजतन पीड़िता को इंसाफ नहीं मिल पा रहा है। वहीं अब पीड़िता विभाग में इलाज कराने से भी घबरा रही है।

यूरोलॉजी विभाग में पीपीपी मॉडल का खेल

केजीएमयू में रेडियोलॉजी विभाग है। विभाग में करीब 12 नियमित डॉक्टर तैनात हैं। जबकि 40 से अधिक रेजिडेंट डॉक्टर हैं। विभाग में अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, एमआरआई, एक्सरे समेत दूसरी मशीनों का संचालन कर रहा है। विभाग लगातार रेडियोडायग्नोसिस जांच की गुणवत्तापरक सुविधाएं बढ़ा रहा है। इसके बावजूद केजीएमयू में पीपीपी मॉडल पर मशीन चलाने का खेल चल रहा है। केजीएमयू के बिल्डिंगों में सिर्फ मशीन व कर्मचारी लगातार कंपनियां मोटी कमाई कर रही हैं। बदले में केजीएमयू को मामूली कमीशन मिल रहा है। यूरोलॉजी विभाग में भी करीब 20 साल से पीपीपी मॉडल पर अल्ट्रासाउंड आदि मशीनों का संचालन किया जा रहा है। इनमें जांच कौन कर रहा है? इसकी फिक्र केजीएमयू प्रशासन को नहीं है।

आयुष डॉक्टर कर रहा जांच, मरीजों की जान सांसत में

यूरोलॉजी विभाग में आयुष विधा का डॉक्टर अल्ट्रासाउंड जांच की प्रक्रिया कर रहा है। पीड़िता की शिकायत है कि आयुष डॉक्टर ने ही उसकी जांच की। जांच के दौरान छेड़छाड़ की। केजीएमयू में आयुष डॉक्टर जांच कर मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। इसे रोकने की जहमत कोई नहीं उठा रहा है। प्रवक्ता डॉ. केके सिंह का कहना है कि विभाग से छेड़छाड़ के मामले की जानकारी मांगी गई है। कमेटी गठित कर जांच कराई जाएगी। यदि आयुष विधा के डॉक्टर द्वारा अल्ट्रासाउंड जांच करने की पुष्टि हुई तो कंपनी पर भी कार्रवाई की जाएगी। छेड़छाड़ के मामले को किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News , Pareet Yadav Death Live और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।