यूपी में चिराग के बाद आठवले की एंट्री; कोई 403 सीट लड़ने को तैयार, कोई मांग रहा 25 सीट
यूपी में चिराग के बाद आठवले ने एंट्री का ऐलान किया है। अब रामदास आठवले की रिपब्लिकन पार्टी आफ इंडिया भी 25 की सीटों की डिमांड कर रही हैं। इसके साथ 26 को बड़ी रैली करने जा रहे हैं।

UP News: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से सियासी हलचल तेज हो गई है। पार्टियां सिर्फ चुनावी तैयारियों पर ही बल्कि गठबंधन में सीटों को लेकर भी दावा ठोंकना शुरू कर दी हैं। इस क्रम में भाजपा की सहयोगी पहले चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने यूपी की सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया और अब रामदास आठवले की रिपब्लिकन पार्टी आफ इंडिया भी 25 की सीटों की डिमांड कर रही हैं। इसके साथ ही 26 नवंबर को बड़ी रैली करने जा रहे हैं। राजनीतिक जानकारों की मानें तो यह सिर्फ चुनावी तैयारी नहीं बल्कि गठबंधन की अंदरूनी ताकत और मोलभाव की राजनीति का संकेत भी है।
दअसल, रिपब्लिकन पार्टी आफ इंडिया (आठवले) यूपी में अपनी जमीन तैयार करने के लिए संविधान दिवस पर 26 नवंबर को लखनऊ में बड़ी रैली करेगी। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री डॉ. रामदास आठवले ने शनिवार को इसकी घोषणा की। उन्होंने आगामी यूपी विधानसभा चुनाव में 25 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का दावा भी किया।
यूपी में 26 नवंबर को बड़ी रैली से आठवले ताकत दिखाने की कोशिश में
उन्होंने वीवीआईपी गेस्ट हाउस में पत्रकारों से कहा कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट कर भाजपा की सहयोगी पार्टी के तौर पर चुनाव में सीटों की भागीदारी को लेकर वार्ता करेंगे। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी में गुंडाराज खत्म हो चुका है। उनकी पार्टी 26 नवंबर को लखनऊ में डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में रैली करेगी, जिसमें एक लाख कार्यकर्ताओं को जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। उनकी पार्टी का संगठन प्रदेश के 62 जिलों में है, जल्द सभी जिलों में इसका विस्तार होगा।
दलितों का समर्थन जुटाने में मदद का भरोसा
आठवले ने कहा कि बसपा का जनाधार खत्म हो चुका है। उनकी पार्टी बाबा साहेब डा.भीमराव अंबेडकर के सिद्धांतों पर चलने वाली है। यूपी में उनकी पार्टी को वंचित समाज का समर्थन मिलेगा और उनके सहयोग से भाजपा को दलित वोट मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी को सभी वर्ग व जाति के लोगों को समर्थन है। समाजवाद महिलाओं का समर्थन करने वाला होता है, लेकिन अखिलेश यादव महिलाओं का विरोध कर रहे हैं। विपक्ष ने महिला आरक्षण के बिल को जानबूझकर फेल किया है। आठवले ने कहा कि बंगाल चुनाव में भाजपा की जीत होगी।
चिराग पहले से कर चुके हैं यूपी की राजनीति में एंट्री का ऐलान
वहीं इससे पहले चिराग पासवान की उत्तर प्रदेश की सियासत में एंट्री की बात आ चुकी है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने 2027 विधानसभा चुनाव में सभी 403 सीटों पर उम्मीदवार उतारने का चुकी है। चिराग पासवान का यह कदम साफ संकेत देता है कि वह अपनी पार्टी को अब राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करना चाहते हैं। हालांकि यूपी जैसे बड़े और राजनीतिक रूप से अहम राज्य में उतरना उनके लिए बड़ी चुनौती के साथ बड़ा अवसर भी है।
पश्चिम बंगाल और असम का चुनाव बहुत कुछ तय करेगा
पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों के चुनाव परिणाम पर बहुत कुछ निर्भर करेगा कि छोटी पार्टियां बारगेनिंग कितनी हैसियत में होंगी। यानी जो दल अभी ज्यादा सीटों की मांग कर रहे हैं, उन्हें बाद में कम पर भी समझौता करना पड़ सकता है। क्योंकि उत्तर प्रदेश में बीजेपी पहले से ही मजबूत संगठन और उसके पास बड़ा वोट बैंक है। ऐसे में सहयोगी दलों की भूमिका सपोर्टिंग रहती है।




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