अविमुक्तेश्वरानंद पर केस दर्ज होने के बाद तेज हुई कार्रवाई, बच्चों का बयान दर्ज करने हरदोई पहुंची पुलिस
ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी आदि के खिलाफ यौन शोषण के गंभीर आरोपों में एफआईआर दर्ज होने के बाद कार्रवाई तेज हो गई है।

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी आदि के खिलाफ यौन शोषण के गंभीर आरोपों में एफआईआर दर्ज होने के बाद कार्रवाई तेज हो गई है। रविवार की देर रात प्रयागराज पुलिस की एक टीम हरदोई पहुंची। यह टीम यहां के पीड़ितों से बयान लेने के लिए आई थी। हालांकि टीम ने स्थानीय पुलिस को सिर्फ सूचना दी। बताया कि जरूरत पड़ने पर स्थानीय पुलिस का सहयोग लिया जाएगा। फिलहाल इससे अधिक जानकारी न तो स्थानीय पुलिस को दी गयी न ही किसी अन्य एजेंसी को। फिलहाल पुलिस की एक टीम पीड़ितों और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज करने के लिए हरदोई आई थी। बयान हुए या नही इसकी अभी पुष्टि नही हो सकी है।
प्रयागराज में दर्ज हुआ था केस
प्रयागराज में ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के अलावा 2-3 अज्ञात लोगों पर बाल यौन शोषण के आरोपों में एफ़आईआर दर्ज की गयी है। प्रयागराज की पॉक्सो कोर्ट ने शनिवार को झूंसी पुलिस स्टेशन के एसएचओ को निर्देश दिए थे कि वो लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम यानी पॉक्सो क़ानून की धाराओं के तहत इन अभियुक्तों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज करें। इसके बाद एफआईआर हुई है। हालांकि मुकदमा दर्ज होने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इस मामले के मुख्य वादी आशुतोष ब्रह्मचारी पर पलटवार करते हुए उन्हें अपराधी बताया। उनकी क्रिमिनल हिस्ट्री होने का दावा किया है।
कोर्ट ने दिया था मुकदमा दर्ज करने का आदेश
प्रयागराज की बाल यौन अपराध संरक्षण (पॉक्सो) अदालत ने शनिवार को शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे। जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने अदालत में दो बच्चों को पेश करके उनके यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए थे। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो कानून) विनोद कुमार चौरसिया की अदालत ने प्रयागराज पुलिस की जांच रिपोर्ट के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद और उनके सहयोगियों पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी किए थे। याचिकाकर्ता ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69, 74, 75, 76, 79 और 109 के साथ ही पॉक्सो अधिनियम की धारा 3/5/9 और 17 के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने का आग्रह करते हुए यह आवेदन दाखिल किया था।
क्या बोली हरदोई पुलिस
सीओ सिटी अंकित मिश्रा ने बताया, प्रयागराज की पुलिस टीम हरदोई रविवार की रात में आई थी और रात में ही वापस चली गई थी किस मामले में आई थी यह जानकारी टीम के द्वारा नहीं दी गई थी। वहीं दूसरी ओर हरदोई के एसपी अशोक कुमार मीणा ने बताया कि अभी स्पष्ट नहीं किया गया है कि टीम ने बयान लिए या नहीं। बच्चों की सुरक्षा के लिए वार्ता कर समुचित व्यवस्था की जाएगी।




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