काट-काटकर जलाता रहा पत्नी का शव, नीले ड्रम के बाद नीला संदूक कांड से सनसनी
राम सिंह ने अपनी तीसरी पत्नी प्रीति की हत्या के बाद उसके शव के साथ 10 दिनों तक हैवानियत की। वह रोज शव का एक हिस्सा कुल्हाड़ी से काटता और उसे एक लोहे के संदूक में डालकर जला देता था।

उत्तर प्रदेश के झांसी से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। मेरठ में नीला ड्रम कांड को भी इस नीले बॉक्स कांड ने पीछे छोड़ दिया है। एक रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी ने अपनी ही पत्नी की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या की और फिर सबूत मिटाने के लिए जो किया, उसने दिल्ली के 'श्रद्धा-आफताब कांड' की यादें ताजा कर दी हैं। राम सिंह ने अपनी तीसरी पत्नी प्रीति की हत्या के बाद उसके शव के साथ 10 दिनों तक हैवानियत की। वह रोज शव का एक हिस्सा कुल्हाड़ी से काटता और उसे एक लोहे के संदूक में डालकर जला देता था। उसने अंगों को ठिकाने लगाने के लिए एक नीला ड्रम भी खरीदा था।
खौफनाक कबूलनामा
पुलिस के सामने राम सिंह ने बताया कि प्रीति उसके साथ बतौर पत्नी रहती थी। वह उससे बहुत प्यार करता था। कई दिनों से वह किसी दूसरे से फोन पर बात करती थी। उसकी रुपयों की डिमांड भी बढ़ गई थी। आठ जनवरी को वह प्रीति को लेकर किराए के कमरे में आया था।
10 दिन पहले उसे कुल्हाड़ी से काटा था। रोज उसका एक अंग काटता और उसे संदूक में बंदकर जला देता था। उसके अंगों को कोई पहचान न सके इसलिए एक नीला ड्रम भी खरीदा था। शव को सर्दी न लगे इसलिए उसे रोज एक कंबल ओढ़ाता था।
दूसरी पत्नी और बेटे ने भी की मदद
रामसिंह ने प्रीति के शव को ठिकाने लगाने के लिए अपनी दूसरी पत्नी गीता और बेटे नितिन की मदद मांगी थी। नितिन चार लोगों को लेकर आया। सभी ने अधजले शव के टुकड़े एक बैग में भरकर चार सौ रुपये में किराए का ऑटो किया और रविवार भोर ठिकाने लगाने जा रहे थे। ऑटो चालक को दुर्गंध महसूस हुई तो उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस पहुंची तो पूरा मामला खुल गया। ऑटो के पीछे बाइक से आ रहा राम सिंह भाग निकला। हालांकि देर रात उसे पकड़ लिया गया। इसके बाद गीता और नितिन को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों की निशानदेही पर आलाकत्ल भी बरामद कर लिया गया है।
कातिल का अजीब तर्क: 'सर्दी न लगे इसलिए शव को रोज ओढ़ाता था कंबल'
पुलिस की पूछताछ में राम सिंह ने एक बेहद अजीब और चौंकाने वाला दावा किया। उसने बताया कि वह अपनी पत्नी से बहुत प्यार करता था, इसलिए हत्या के बाद भी वह शव का ख्याल रखता था। उसने कहा, "उसे ठंड न लगे, इसलिए मैं रोज शव को कंबल ओढ़ाता था।" ### 3. हत्या की वजह: शक और रुपयों की डिमांड राम सिंह के मुताबिक, प्रीति का किसी और से फोन पर बात करना और लगातार पैसों की मांग करना उसे नागवार गुजरा। 8 जनवरी को वह उसे एक किराए के कमरे में लाया और वहीं उसे मौत के घाट उतार दिया।
ऐसे खुला राज: ऑटो चालक बना 'हीरो'
राम सिंह ने शव के अधजले टुकड़ों को ठिकाने लगाने के लिए अपनी दूसरी पत्नी गीता और बेटे नितिन की मदद ली। रविवार भोर में वे एक बैग में टुकड़े भरकर ऑटो से जा रहे थे। ऑटो चालक को जब बैग से तेज दुर्गंध आई, तो उसने सूझबूझ दिखाते हुए पुलिस को सूचना दे दी। एसएसपी बीवीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि इस जांबाज ऑटो चालक को पुलिस सम्मानित करेगी।
पूरा परिवार सलाखों के पीछे
पुलिस ने मुख्य आरोपी राम सिंह, उसकी दूसरी पत्नी गीता और बेटे नितिन को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी (आलाकत्ल) भी बरामद कर ली गई है। गिरफ्तारी से पहले राम सिंह नदी में कूदकर जान देने की फिराक में था।




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