After a ten year legal battle 1113 unemployed people got jobs in UP 10 साल का वनवास खत्म, एक दशक की कानूनी लड़ाई के बाद 1113 बेरोजगारों को मिली नौकरी, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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10 साल का वनवास खत्म, एक दशक की कानूनी लड़ाई के बाद 1113 बेरोजगारों को मिली नौकरी

परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विज्ञान और गणित विषय के 29334 सहायक अध्यापकों की भर्ती में आवेदन करने वाले 1113 बेरोजगारों को तकरीबन एक दशक की कानूनी लड़ाई के बाद नौकरी मिली है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में बेसिक शिक्षा परिषद सचिव ने 1113 अभ्यर्थियों को जिला आवंटित कर दिया।

Wed, 11 March 2026 06:07 AMPawan Kumar Sharma कार्यालय संवाददाता, प्रयागराज
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10 साल का वनवास खत्म, एक दशक की कानूनी लड़ाई के बाद 1113 बेरोजगारों को मिली नौकरी

यूपी के परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विज्ञान और गणित विषय के 29334 सहायक अध्यापकों की भर्ती में आवेदन करने वाले 1113 बेरोजगारों को तकरीबन एक दशक की कानूनी लड़ाई के बाद नौकरी मिली है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र कुमार तिवारी ने सोमवार को 1113 अभ्यर्थियों को जिला आवंटित कर दिया है। यह आवंटन नीरज कुमार पांडेय व अन्य मामले में सुप्रीम कोर्ट के 29 जनवरी 2025 को दिए गए आदेश के आधार पर किया गया है।

बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र कुमार तिवारी ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति और पदस्थापन की प्रक्रिया 19 मार्च के भीतर पूरी की जाए। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कोर्ट में याचिका करने वाले कुल 1501 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया था, जिनमें से 1354 अभ्यर्थियों ने 23 से 25 जनवरी के बीच अपने अभिलेखों का परीक्षण कराया। अभिलेखों की जांच और पात्रता सत्यापन के बाद 1113 अभ्यर्थियों को अंतिम रूप से चयनित करते हुए कटऑफ के आधार पर विभिन्न जिलों में आवंटन कर दिया गया है। सचिव ने स्पष्ट किया है कि शासनादेश 11 जुलाई 2013 के प्रावधानों का पालन करते हुए सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।

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साथ ही यह भी निर्देश दिए हैं कि यदि किसी प्रकार की विसंगति या त्रुटि सामने आती है तो उसे तत्काल परिषद कार्यालय को अवगत कराया जाए, ताकि आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त कर आगे की कार्रवाई की जा सके। सचिव के अनुसार काउंसिलिंग में शामिल 232 ऐसे अभ्यर्थी जिनके अभिलेख में कोई त्रुटि है या समुचित साक्ष्य नहीं है उनको 28 मार्च को दोबारा काउंसिलिंग का मौका दिया जाएगा। गौरतलब है कि 2017 में सरकार बनने के बाद इस भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई थी। उसके बाद पहले अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका की और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट तक मुकदमा लड़ा अंततः शीर्ष अदालत के आदेश पर भर्ती पूरी हो सकी।

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