Accused Name Not Mandatory Panchnama Report Objective Is Solely to Record Cause Death High Court Observation पंचनामा रिपोर्ट में आरोपी का नाम जरूरी नहीं, सिर्फ मौत का कारण दर्ज करना उद्देश्य, हाईकोर्ट की टिप्पणी, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
More

पंचनामा रिपोर्ट में आरोपी का नाम जरूरी नहीं, सिर्फ मौत का कारण दर्ज करना उद्देश्य, हाईकोर्ट की टिप्पणी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि बीएनएसएस की धारा 194 के तहत तैयार की जाने वाली पंचनामा रिपोर्ट का उद्देश्य केवल मृत्यु के प्रथमदृष्टया कारण और चोटों का विवरण दर्ज करना है, न कि आरोपी का नाम लिखना।

Mon, 6 April 2026 08:23 PMDinesh Rathour प्रयागराज, विधि संवाददाता
share
पंचनामा रिपोर्ट में आरोपी का नाम जरूरी नहीं, सिर्फ मौत का कारण दर्ज करना उद्देश्य, हाईकोर्ट की टिप्पणी

Allahabad Highcourt: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 194 के तहत तैयार की जाने वाली पंचनामा रिपोर्ट का उद्देश्य केवल मृत्यु के प्रथमदृष्टया कारण और चोटों का विवरण दर्ज करना है, न कि आरोपी का नाम लिखना। न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल ने यह टिप्पणी हत्या के आरोपी गौतमबुद्ध नगर के सनी की जमानत याचिका खारिज करते हुए की।

मामले में आरोपी ने दलील दी थी कि उसे एक हत्या मामले में झूठा फंसाया गया। प्रारंभिक पुलिस डायरी और अस्पताल रिकॉर्ड में हमलावर को अज्ञात बताया गया। आरोपी की ओर से यह भी कहा गया कि जब पंचनामा रिपोर्ट तैयार हुई उस समय मृतक के हत्यारे का नाम ज्ञात नहीं था, इसलिए उसमें अज्ञात लिखा गया और बाद में उसे गलत तरीके से नामजद कर दिया गया। बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि प्रथम सूचना देने वाले के पिता इनक्वेस्ट के पंच गवाह थे। फिर भी रिपोर्ट में आरोपी का नाम नहीं लिखा गया, जिससे संदेह उत्पन्न होता है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:करंट हादसे में बिजली विभाग जिम्मेदार, लापरवाही साबित करना जरूरी नहीं: हाईकोर्ट

वहीं राज्य की ओर से जमानत का विरोध करते हुए कहा गया कि कई गवाहों ने आरोपी को घटना से पहले मृतक की रेकी करते देखा था। साथ ही घटना से दो घंटे पहले आरोपी द्वारा घटनास्थल के पास एक दुकान पर यूपीआई भुगतान करने का भी साक्ष्य है। अभियोजन ने यह भी बताया कि आरोपी के निशानदेही पर .32 बोर का देशी तमंचा बरामद हुआ, जिसकी वीडियोग्राफी भी की गई। अदालत ने बीएनएसएस की धारा 194 का विश्लेषण करते हुए कहा कि पंचनामा रिपोर्ट में केवल यह उल्लेख करना आवश्यक है कि मौत कैसे हुई, शरीर पर क्या चोटें हैं और वे किस प्रकार या किस हथियार से हुई प्रतीत होती हैं। हाईकोर्ट ने पूर्व के न्यायिक फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि इनक्वेस्ट रिपोर्ट में आरोपी का नाम दर्ज करना अनिवार्य नहीं है। अपराध की गंभीरता और आरोपी की भूमिका को ध्यान में रखते हुए अदालत ने जमानत याचिका खारिज की।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:अपनी जरूरत पर दुकान खाली करा सकता है मालिक, किराएदारों को लेकर हाईकोर्ट का आदेश
लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News , Pareet Yadav Death Live और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।