ट्यूशन से घर लौट रहीं नाबालिग छात्रा को रास्ते में खींचा, डर के मारे चीखने लगीं दो बहनें; फिर...
12 वर्षीय नाबालिग छात्रा शुक्रवार शाम अपनी चचेरी और तेहेरी बहन के साथ ट्यूशन पढ़कर घर लौट रही थी। जैसे ही वह भंडापट्टी काजीवाड़ा स्थित मस्जिद के पास पहुंची तो पहले से ही वहां घात लगाए खड़े एक किशोर ने एक बहन का हाथ खींचकर ले जाने की कोशिश की। यह देख वहां मौजूद अन्य दो बहनें डर के मारे चीखने लगीं।

उत्तर प्रदेश के हापुड़ के कोतवाली नगर क्षेत्र के मोहल्ला भंडापट्टी काजीवाड़ा में मस्जिद के पास ट्यूशन से घर लौट रही तीन नाबालिग बहनों में से एक का हाथ पकड़कर किशोर ने खींचने की कोशिश की। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गई। हालांकि लाइव हिन्दुस्तान वायरल हो रहे वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। पुलिस ने बाल अपचारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे अभिरक्षा में ले लिया है।
जानकारी के अनुसार हापुड़ के एक मोहल्ले की 12 वर्षीय नाबालिग छात्रा शुक्रवार शाम अपनी चचेरी और तेहेरी बहन के साथ ट्यूशन पढ़कर घर लौट रही थी। जैसे ही वह मोहल्ला भंडापट्टी काजीवाड़ा स्थित मस्जिद के पास पहुंची तो पहले से ही वहां घात लगाए खड़े एक किशोर ने एक बहन का हाथ खींचकर ले जाने की कोशिश की। यह देख वहां मौजूद अन्य दो बहनें डर के मारे चीखने लगीं। अचानक हुई इस वारदात से तीनों बहनें घबरा गईं। किसी तरह छात्रा ने किशोर से अपना हाथ छुड़ाया और तुंरत वहां से चली गई। घर पहुंचने के बाद भी छात्राएं काफी डरी हुई थीं। उनकी घबड़ाहट देखकर परिवार के लोगोंं ने उनसे बात की। पूरी बात पता चलने पर परिवारों के पैरों तले से जमीन खिसक गई। उन्हें समझ ही नहीं आ रहा था कि इन परिस्थितियों में क्या करें। इसके बाद पीड़ित छात्रा को लेकर उसके चाचा कोतवाली पहुंचे। उन्होंने पुलिस को पूरी घटना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। पीड़ित की सारी बातें सुनने के बाद पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया और जांच शुरू कर दी।
आरोपी भी नाबालिग
ट्यूशन से लौट रही तीन बहनों में से एक को खींचने की कोशिश करने वाला आरोपी भी नाबालिग है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेने के बाद पूछताछ की। उधर, इस घटना की पूरे इलाके में चर्चा हो रही है। लोग एक तरफ बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं तो दूसरी तरफ एक नाबालिग द्वारा इस तरह की शर्मनाक घटना को अंजाम दिए जाने से भी हैरान हैं। लोगों का कहना है कि समाज और पुलिस को सड़क पर बेटियों की सुरक्षा को लेकर थोड़ा और सतर्क रहने की जरूरत है। वहीं बेटियों को भी अपनी रक्षा स्वयं करने में सक्षम बनाया जाना चाहिए।
लोगों का कहना है कि बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही बेटों की काउंसलिंग भी की जानी चाहिए। उन्हें दूसरों का सम्मान करना सिखाया जाना चाहिए। वहीं पुलिस का कहना है कि इस मामले की जांच बेहद संवेदनशीलता से की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर उचित कार्यवाही की जाएगी।




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