पहली अप्रैल से चलेगा बड़ा अभियान, यूपी मुख्य सचिव एसपी गोयल ने जिलाधिकारियों को दिए ये निर्देश
यूपी में पहली अप्रैल से 30 अप्रैल तक बड़ा अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही मुख्य सचिव एसपी गोयल ने अन्य निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से हीट वेव से बचाव के लिए उपाय करने के निर्देश दिए। साथ ही इसका व्यापक प्रचार प्रसार करने को कहा।

UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश सरकार द्वारा जनस्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से संचारी रोग नियंत्रण अभियान एक से 30 अप्रैल 2026 तक और दस्तक अभियान 10 से 30 अप्रैल 2026 तक संचालित किया जाएगा। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से हीट वेव से बचाव के लिए उपाय करने के निर्देश दिए। साथ ही इसका व्यापक प्रचार प्रसार करने को कहा।
मुख्य सचिव एस.पी.गोयल ने ये निर्देश बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जनपदों में स्वास्थ्य विभाग के साथ अन्य संबंधित विभागों की अंतर्विभागीय बैठक आयोजित कर माइक्रो प्लान तैयार करते हुए अभियान की सभी तैयारियां समय से सुनिश्चित कराएं। साथ ही, अभियान में संलग्न सभी कर्मियों का प्रशिक्षण भी समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाएगा, ताकि अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
मुख्य सचिव ने अभियान की सफलता के लिए सतत एवं प्रभावी मॉनिटरिंग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान पंचायती राज विभाग एवं नगर निकायों द्वारा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में साफ-सफाई, एंटी-लार्वा छिड़काव, झाड़ियों की कटाई, जलभराव का निस्तारण, नालियों की सफाई तथा शुद्ध पेयजल की व्यवस्था जैसे कार्य प्राथमिकता पर सुनिश्चित कराए जाएं। यह भी कहा कि सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को अभियान में पूर्ण रूप से सक्रिय किया जाए तथा डेंगू, चिकनगुनिया आदि संचारी रोगों की दृष्टि से संवेदनशील जनपदों में विशेष ध्यान दिया जाए। अभियान के सफल संचालन हेतु ग्राम प्रधानों, ग्राम विकास अधिकारियों, आशा, एएनएम एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का संवेदीकरण कराया जाए।
उन्होंने गेहूँ क्रय वर्ष 2026-27 की तैयारियों की समीक्षा के दौरान निर्देश दिया कि समस्त व्यवस्थाएं समय से पूर्ण कर ली जाएं, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। यह भी निर्देश दिए कि सभी क्रय केन्द्रों का भौतिक निरीक्षण कराकर उन्हें पूर्णतः क्रियाशील बनाया जाए तथा पेयजल, छाया, बैठने की व्यवस्था, साफ-सफाई जैसी आवश्यक मूलभूत सुविधाएँ सुनिश्चित करायी जाए। किसानों को गेहूं विक्रय के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए प्रभावी प्रबंधन किया जाए। बैठक में अवगत कराया गया कि 5000 प्रस्तावित क्रय केन्द्रों के सापेक्ष 4990 क्रय केन्द्रों को अनुमोदन प्रदान किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त विभिन्न जनपदों में 504 मोबाइल क्रय केन्द्र भी स्वीकृत किए गए हैं। इस प्रकार कुल क्रय केन्द्रों की संख्या 5494 हो गई है।




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