यूपी में क्रिप्टो ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा दे एक अरब की ठगी, फर्जी खातों से होता था खेल; 4 गिरफ्तार
गोरखपुर पुलिस ने ऑनलाइन निवेश और फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर ठगी करने वाले करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि फर्जी बैंक खातों के जरिए करीब एक अरब रुपये मंगाकर उसी रकम से क्रिप्टो करेंसी में ट्रेडिंग की और लोगों को भारी मुनाफे का लालच देकर ठगी की है।
Gorakhpur News: यूपी के गोरखपुर जिले के रामगढ़ताल थाना पुलिस ने ऑनलाइन निवेश और फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर बड़े पैमाने पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि गिरोह ने फर्जी बैंक खातों के जरिए करीब एक अरब रुपये मंगाकर उसी रकम से क्रिप्टो करेंसी में ट्रेडिंग की और लोगों को भारी मुनाफे का लालच देकर ठगी की है।
पुलिस के मुताबिक, 20 मार्च को मुखबिर से सूचना मिली थी कि तारामंडल स्थित एक होटल में कुछ लोग फॉरेक्स ट्रेडिंग और ऑनलाइन गेमिंग में निवेश कराने के नाम पर लोगों को झांसा दे रहे हैं। यह गिरोह अधिक लाभ का लालच देकर सैकड़ों लोगों से रुपये ऐंठ चुका है और कुछ नए लोगों को बुलाकर ठगी की योजना बना रहा है। इस सूचना पर पुलिस टीम ने होटल में छापा मारकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से लैपटॉप, कई मोबाइल फोन, बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज और विभिन्न खातों की यूजर आईडी और पासवर्ड से संबंधित डिटेल भी बरामद हुई है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी फर्जी और किराए पर लिए गए बैंक खातों का इस्तेमाल करते थे। इन खातों में लोगों से निवेश के नाम पर बड़ी रकम ट्रांसफर कराई जाती थी। इसके बाद उसी पैसे से क्रिप्टो ट्रेडिंग की जाती थी और निवेशकों को मुनाफे के झूठे आंकड़े दिखाकर और अधिक पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया जाता था। जब निवेशक अपनी रकम वापस मांगते तो टालमटोल कर संपर्क तोड़ लेते थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह अविनियमित निक्षेप योजनाएं संचालित कर रहा था, जो पूरी तरह गैरकानूनी हैं। मामले में कई पीड़ितों के सामने आने की संभावना है। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों का ब्योरा खंगाल रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ठगी की कुल रकम कितनी है और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
एक खाता बंद होने पर खुलवा लेते थे दूसरा
आरोपियों के पास से ऐसे खातों के भी डिटेल मिले हैं, जिसमें साइबर जालसाजी की रकम भी आई है। इन खातों को दूसरे जनपद की साइबर पुलिस ने फ्रीज भी कराए हैं। यह लोग एक खाता बंद होने के बाद झांसा देकर दूसरे के नाम से खाता खुलवा लेते थे और उसकी यूजर आईडी अपने पास लेकर उससे ठगी करते थे।
इनकी हुई गिरफ्तारी, ये अभी भी हैं वांछित
पकड़े गए आरोपियों की पहचान अंबेडकरनगर जिले के जहांगीरगंज थाना क्षेत्र के लखनडीह निवासी अजीत यादव, बलिया जिले के बांसडीह थाना क्षेत्र के छोटकी सेढिया निवासी पारतेश सिंह, कुशीनगर के बृजमंनगंज थाना क्षेत्र के आलम चक निवासी अजय कुमार और यहीं के सेनुआ निवासी गणेश साहनी के रूप में हुई। नोएडा निवासी अजय और शाहजहांपुर निवासी ऋषभ को वांछित किया गया है।
वहीं, इस मामले में सीओ अरुण कुमार एस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, साइबर सेल की मदद से नेटवर्क खंगालकर इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश भी तेज कर दी गई है।




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