37 km link road from Ganga Expressway to Greater, reducing travel time to 45 minutes गंगा एक्सप्रेसवे से ग्रेटर नोएडा तक 37 KM लिंक रोड मंजूर, 45 मिनट में यमुना एक्सप्रेसवे के पास पहुंचेंगे, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
More

गंगा एक्सप्रेसवे से ग्रेटर नोएडा तक 37 KM लिंक रोड मंजूर, 45 मिनट में यमुना एक्सप्रेसवे के पास पहुंचेंगे

गंगा एक्सप्रेसवे से ग्रेटर नोएडा तक 37 KM लिंक रोड को मंजूरी मिल गई है। ग्रेटर नोएडा को जल्द ही गंगा एक्सप्रेसवे तक तेज और सीधी कनेक्विटी मिल जाएगी। सफर में 45 मिनट से कम समय लगेगा।

Wed, 6 May 2026 05:56 PMDeep Pandey लाइव हिन्दुस्तान
share
गंगा एक्सप्रेसवे से ग्रेटर नोएडा तक 37 KM लिंक रोड मंजूर, 45 मिनट में यमुना एक्सप्रेसवे के पास पहुंचेंगे

UP News: ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने ग्रेटर नोएडा को गंगा एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ने के लिए 37 किलोमीटर सड़क विस्तार को मंजूरी दे दी है। ग्रेटर नोएडा को जल्द ही गंगा एक्सप्रेसवे तक तेज और सीधी कनेक्विटी मिल जाएगी। आठ लेन कॉरिडोर जो हापुड़ बाईपास तक एक सीधे एक्सप्रेसवे लिंक के साथ विस्तारित होगा, यात्रा का समय घटकर सिर्फ 30-45 मिनट तक कर देगा। गाड़ियां 45 मिनट में यमुना एक्सप्रेसवे के पास पहुंच जाएगी। ऐसी उम्मीद है। इससे इस इलाके में रफ्तार बढ़ेगी और आर्थिक गतिविधियां भी तेज होंगी। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर दी है।

आपको बता दें कि 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण होने के साथ ही यूपी देश में सबसे अधिक सात एक्सप्रेसवे संचालित करने वाला राज्य बन गया है। यूपी में सभी सात एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 1911 किलोमीटर हो गई है। देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क का अब 60 प्रतिशत नेटवर्क यूपी में संचालित है। गंगा एक्सप्रेसवे पर 3.5 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी भी तैयार की गई है, जिस पर वायु सेना के लड़ाकू विमान भी आपात लैंडिंग कर सकेंगे।

हरिद्वार और जेवर एयरपोर्ट से जोड़ा जाएगा गंगा एक्सप्रेसवे

हापुड़ के ब्रजघाट में गंगा पर एक किलोमीटर और इससे आगे रामगंगा पर 720 मीटर लंबे पुलों से यह एक्सप्रेसवे गुजरता है। इसमें 381 अंडरपास, 14 मुख्य पुल, 126 छोटे पुल और 929 पुलिया शामिल हैं। गंगा एक्सप्रेसवे को भविष्य में हरिद्वार और जेवर एयरपोर्ट से जोड़े जाने की योजना प्रस्तावित है। प्रदेश में नए प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण का काम शुरू हो गया है। नए प्रस्तावित एक्सप्रेसवे से कई जिलों की तस्वीर बदलेगी। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगा।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:गंगा एक्सप्रेसवे पर चढ़े वाहनों की डिजिटल एंट्री, CNG छोड़ मिलेंगी ये सुविधाएं
ये भी पढ़ें:गंगा एक्सप्रेसवे से कन्नौज, इटावा, फर्रुखाबाद भी जुड़ेंगे; हरिद्वार तक विस्तार

गंगा एक्सप्रेसवे से 12 जिले जुड़े हैं

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से 10 जिले, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से नौ जिले, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से छह जिले, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे से पांच जिले, मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे से तीन जिले और यमुना एक्सप्रेसवे से पांच जिले जुड़े हैं। इनमें चित्रकूट, बांदा, महोबा, जालौन, इटावा, गोरखपुर, संतकबीरनगर, आजमगढ़, हापुड़, फिरोजाबाद, मैनपुरी, कन्नौज, कानपुर, हरदोई, बाराबंकी, अमेठी, सुलतानपुर, अयोध्या, मऊ, गाजीपुर, वृंदावन, मथुरा, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, रायबरेली, प्रतापगढ़ व प्रयागराज एक्सप्रेसवे से जुड़े जिलों की सूची में शामिल हैं। एक्सप्रेसवे से जुड़े जेवर की अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनने से वैश्विक पहचान बनी है। बड़े शहरों को छोड़कर अब उनके आसपास स्थित आध्यात्मिक महत्व रखने वाले छोटे शहरों के लिए आवागमन बढ़ियां होने से भी उनके विकास तेज हुआ है।

लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News , Pareet Yadav Death Live और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।