प्रेमानंद से मिलने ग्वालियर से मथुरा पहुंच गए 13 और 7 साल के बच्चे, परिवार को अपहरण की आशंका
मध्य प्रदेश के ग्वालियर से 13 और 7 साल के दो बच्चे संत प्रेमानंद जी महाराज से मिलने मथुरा पहुंच गए। घर वालों बिना बताए निकले बच्चों के लापता होने पर परिवार वालों को अपहरण की आशंका हो गई और पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करा दी।

वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने के लिए दो बच्चे ग्वालियर से मथुरा पहुंच गए। बिना बताए घर से निकले बच्चों के लापता होने पर परिजनों ने अपहरण की आशंका में रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने दोनों की तलाश शुरू की तो और फोटो सर्कुलेट किया तो मथुरा रेलवे स्टेशन पर दोनों मिले। इसके बाद जीआरपी ने दोनों को परिजनों की मौजूदगी में एमपी पुलिस को सौंप दिया।
कंट्रोल रूम आगरा से मथुरा जीआरपी को गुरुवार की रात सूचना मिली कि दो बच्चे घर से बिना किसी सूचना के निकल आए हैं। दोनों की लोकेश मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर मिली है। कंट्रोल रूम ने दोनों बच्चों का फोटो भी साझा किया। इस सूचना पर जीआरपी थाना प्रभारी यादराम सिंह ने थाने रात्रि ड्यूटी पर तैनात उप निरीक्षक दुष्यंत कुमार कौशिक को बच्चों की फोटो थाने के ग्रुप के माध्यम से साझा करते उनकी तलाश करने के निर्देश दिए।
उप निरीक्षक महिला सिपाही नीलम के साथ दोनों बच्चों की तलाश में जुट गए। काफी तलाश के बाद दोनों बच्चे प्लेटफार्म संख्या तीन पर मिल गए। बच्चों को थाना कार्यालय लाकर उनसे जानकारी की गई। बरामद बच्ची की उम्र 13 व बच्चे की 7 वर्ष थी। किशोरी रिश्ते में किशोर की खास मौसी थी। बच्चों ने बताया कि वह वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने घर से बिना बताए निकल आए थे।
जीआरपी थाना प्रभारी यादराम सिंह ने बताया कि बच्चों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर उनके परिजनों से संपर्क किया गया, तो पता चला कि दोनों बच्चों के अपहरण कर लिए जाने की रिपोर्ट ग्वालियर के थाना गोला का मंदिर में दर्ज थी। सूचना मिलने के बाद गोला थाने के उप निरीक्षक व मुकदमे की विवेचक अनुराग सिंह तोमर मय हमराह हेड कांस्टेबल यशपाल सिंह सेंगर, राजेश गुर्जर और दोनों बच्चों के परिजन रात में ही जीआरपी थाने पहुंच गए। दोनों को पुलिस की मौजूदगी में परिजनों के हवाले कर दिया।




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