महिलाओं को प्रापर्टी खरीद पर स्टांप में छूट, योगी कैबिनेट ने 37 प्रस्तावों पर लगाई मुहर
यूपी में महिलाओं के नाम प्रापर्टी खरीदने पर योगी सरकार ने बड़ी राहत दे दी है। अब एक करोड़ तक की प्रापर्टी पर महिलाओं को एक प्रतिशत की छूट मिलेगी। पहले दस लाख रुपए तक की प्रापर्टी पर ही यह छूट मिलती थी। कैबिनेट ने कुल 37 प्रस्तावों पर मुहर लगाई है।

राज्य सरकार ने प्रदेश की आधी आबादी महिलाओं को बड़ा तोहफा देते हुए एक करोड़ रुपये तक की संपत्तियों की रजिस्ट्री पर एक प्रतिशत की छूट देने का फैसला किया है। अभी तक उन्हें 10 लाख तक की संपत्तियों पर 10 हजार रुपये तक की छूट मिल रही थी। नए फैसले से एक करोड़ रुपये की संपत्ति की खरीद पर महिलाओं को एक लाख रुपये की छूट मिलेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला हुआ। राज्य सरकार का मानना है कि इससे महिलाओं के पक्ष में संपत्तियां खरीदने में भारी इजाफा होगा। स्टांप तथा न्यायालय शुल्क पंजीयन राज्य मंत्री रवींद्र जायसवाल ने बताया कि महिला सशक्तीकरण की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। प्रदेश में 23 फरवरी 2006 को महिलाओं के पक्ष में 10 लाख रुपये तक की संपत्तियों की खरीद पर 10 हजार रुपये की छूट का आदेश जारी किया गया था।
यह फैसला 19 साल पहले किया गया था, उस समय संपत्तियों की कीमत कम थी। मौजूदा समय संपत्तियों की कीमत आसमान छू रही है। इसको ध्यान में रखते हुए एक करोड़ रुपये तक की संपत्तियों की खरीद पर एक प्रतिशत छूट देने का फैसला किया गया है। देश के अन्य राज्यों में इस संबंध में दी जा रही सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश में भी महिलाओं के पक्ष में होने वाली रजिस्ट्रियों पर यह छूट देने का फैसला किया गया है।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं से महिलाओं को आर्थिक सशक्तीकरण के साथ-साथ सामाजिक भागीदारी में वृद्धि हुई है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2024 के बजट में स्टांप शुल्क की दर कम करने की अपेक्षा की गई थी। इस फैसले से संपत्ति स्वामित्व में महिलाओं को लाभ मिलेगा। राज्य सरकार द्वारा मिशन शक्ति कार्यक्रम के अंतर्गत महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में भी इससे लाभ मिलेगा। इससे महिलाओं के पक्ष में संपत्तियों की रजिस्ट्री भी बढ़ेगी।
कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने कैबिनेट के फैसले की जानकारी दी। कहा कि सरकार ने फैसला लिया है कि 11 अगस्त से मानसून सत्र का आगाज होगा। 15 साल से पुरानी सरकारी गाड़ियों को अब कबाड़ घोषित किया जाएगा। इसके साथ ही विवेकानंद छात्र सशक्तिकरण योजना के तहत अब छात्रो को केवल टैबलेट दिए जाएंगे। स्मार्टफोन नहीं देने का फैसला लिया गया है।
2000 कार्मिकों को मिलेगी पुरानी पेंशन योजना का लाभ
यूपी सरकार ने पुरानी पेंशन का विकल्प न ले पाने वाले कार्मिकों को एक बार फिर इस विकल्प में लाने का मौका देने का निर्णय लिया है। कैबिनेट ने मंगलवार को वित्त विभाग के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
श्रम मंत्री अनिल राजभर ने कैबिनेट में लिए गए इस निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 28 जून 2024 के शासनादेश से आच्छादित कार्मिकों द्वारा विकल्प प्रस्तुत करने की तारीख पहले 31 अक्तूबर 2024 थी। इसे अब बढ़ाकर 30 सितंबर 2025 कर दिया गया है। विकल्प के आधार पर पुरानी पेंशन योजना से आच्छादित करने के लिए नियुक्ति प्राधिकारी द्वारा आदेश निर्गत करने की पूर्व निर्धारित तिथि पहले इस साल 31 मार्च तक थी।
इसे अब बढ़ा कर इस साल 30 नवंबर तक किया गया है जबकि एनपीएस खाता बन्द करने की तारीख इस साल 30 जून से बढ़ाकर अब अगले साल 28 फरवरी कर दी गई है। मंत्री ने बताया कि इस निर्णय से करीब 2000 कार्मिक पुरानी पेंशन के दायरे में आ जाएंगे। कैबिनेट ने स्पष्ट किया कि यह समय विस्तार अंतिम होगा। यदि इस विस्तारित समय-सीमा के अधीन कार्मिकों द्वारा अपना विकल्प प्रस्तुत नहीं किया जाता है तो, ऐसे कार्मिक राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के दायरे में शामिल माने जाएंगे।
पीसीएस जे भर्ती पाठ्यक्रम में शामिल होंगे संशोधित अधिनियम
राज्य सरकार ने पीसीएस (जे) भर्ती पाठ्यक्रम में संशोधित होने वाले अधिनियमों को शामिल करने का फैसला किया गया है। इसके लिए उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा नियमावली 2001 में संशोधन को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला हुआ। आईपीसी के स्थान पर भारतीय न्याय संहिता लागू की गई है। इसी तरह अन्य कई अधिनियमों को संशोधन किया गया है। इसीलिए पीसीएस (जे) भर्ती में इन संशोधनों को शामिल करने के लिए उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा (षष्ठम संशोधन) नियमावली-2025 को मंजूरी दी गई है। इससे समय-समय पर होने वाले संशोधनों के कारण नियमावली में पुन: संशोधन नहीं करना पड़ेगा।
अयोध्या में इंटेलिजेंस ब्यूरो कार्यालय के लिए 1000 वर्ग मीटर भूमि
राज्य सरकार ने योजनाओं के लिए मुफ्त भूमि उपलब्ध कराने का फैसला किया है। अयोध्या में इंटेलिजेंस ब्यूरो के ओसीआर कांप्लेक्स निर्माण के लिए 1000 वर्ग मीटर भूमि देने का फैसला किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला हुआ। अयोध्या में भ्रष्टाचार निवारण संगठन की मंडल स्तर पर अधिष्ठापित इकाई पुलिस थाना एंटी करप्शन की स्थापना के लिए भूमि देने का फैसला किया गया है। इसके साथ हमीरपुर में भारत सरकार द्वारा संचालित योजना आपकी सखी आशा ज्योति केंद्र वन स्टाप सेंटर के भवन निर्माण के लिए महिला कल्याण विभाग को भूमि देने का फैसला किया गया है।
लखनऊ में बनेगा डिटेक्शन टेक्नोलॉजी सेन्टर
यूपी में आईआर डिटेक्शन टेक्नोलॉजी सेन्टर बनेगा। इसके लिए यूपीडा 10 हेक्टेयर जमीन रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) को एक रुपये के वार्षिक लीज रेंट पर देगा। कैबिनेट ने मंगलवार को औद्योगिक विकास विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
इस जमीन पर डीआरडीओ की प्रयोगशाला यंत्र अनुसंधान एवं विकास संस्थान आई आर डिटेक्टरों के विकास और निर्माण के लिए स्वदेशी फैब-लाइन की स्थापना पर एक नई परियोजना शुरू कर रहा है। इस परियोजना में सेमीकंडक्टर आई आर डिटेक्टर निर्माण होगा। इस परियोजना में एक निर्माण भवन और विभिन्न श्रेणियों से स्वच्छ कमरों के साथ अत्याधुनिक स्वच्छ कक्ष सुविधा शामिल है।
आईआरडीई विभिन्न थर्मल इमेजिंग सिस्टम और मल्टीसेंसर सर्विलांस सिस्टम का विकास करती है। इसके लिए आर आर डिटेक्टरों की जरूरत होती है। इस प्रकार आई आर डिटेक्शन टेक्नोलॉजी सेन्टर का लखनऊ नोड में विकास किया जाना रक्षा उत्पादन के इकोसिस्टम के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगा। इस परियोजना के तहत 150 इन्जीनियर्स व तकनीकी लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार तथा 500 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त होने की सम्भावना है।
पेयजल, सीवरेज, ड्रेनेज व नगरीय परिवहन के लिए ग्राम समाज की भूमि मुफ्त मिलेगी
राज्य सरकार शहरी लोगों को पेयजल आपूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और नगरीय परिवहन आदि सुविधाएं देने के लिए ग्राम समाज की भूमि मुफ्त में देगी। इसके लिए नगर विकास विभाग को सेवारत विभाग का दर्जा देने का फैसला किया गया है। इसके आधार पर पांच तक ऐसी भूमि को मुफ्त में दिया जा सकेगा।
प्रदेश की कुल जनसंख्या की लगभग एक चौथाई आबादी शहरों में रहती है। प्रदेश में मौजूदा समय 762 निकाय हैं। इनमें 17 नगर निगम, 200 पालिका परिषद और 545 नगर पंचायतें हैं। नगर विकास विभाग द्वारा संचालिक पेयजल आपूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज, ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन और नगरीय परिवहन के लिए पांच साल तक मुफ्त भूमि देने का आदेश राजस्व विभाग द्वारा 17 जून 2011 को जारी किया गया था, जो जून 2016 में समाप्त हो गया है। इसी तरह जो आदेश सात मार्च 2019 को इस संबंध में जारी आदेश मार्च 2024 में समाप्त हो गया है।
इसके चलते स्वच्छ भारत मिशन और अमृत योजना में केंद्र सरकार से स्वीकृत कार्यों को पूरा कराने में कठिनाई आ रही थी। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए सेनेट्री लैंडफिल साइट का विकास किया जाना, पेयजल परियोजनाओं के लिए ओवरहेड टैंक बनाने, टयूबवेल लगाने, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए भूमि की जरूरत है। ग्राम समाज की भूमि मुफ्त न मिलने की वजह से विभाग को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था। इसीलिए नगर विकास विभाग को सेवारत विभाग मानते हुए पांच साल तक इन योजनाओं के लिए ग्राम समाज की भूमि मुफ्त में देने का फैसला कैबिनेट द्वारा किया गया है।
नोएडा पीसीडीएफ के प्लांट की भूमि शस्त्र उत्पादक कम्पनी को दिए जाने को मंजूरी
कैबिनेट ने मंग़लवार को नोएडा स्थित पीसीडीएफ (पराग डेयरी) की 4.62 हेक्टेयर भूमि को अर्द्धसैनिक बल व पुलिस बल के उपयोग में आने वाली यूएवी, इंजन, पेलोड्स और विभिन्न तरीके के दूसरे सिस्टम का निर्माण करने वाली कंपनी मे. राफे. एम. फेर प्रा. लि. को दिए जाने के प्रस्ताव को मंगलवार को मंजूरी दे दी। मे. राफे एम फेर प्रा. लि. का नोएडा में ही पराग डेयरी से सटे बी-200, फेज-2, सेक्टर-81 पर स्थित है, जिसमें कंपनी द्वारा 800 करोड़ रुपये का निवेश प्लांट व मशीनरी में किया जा चुका है।
स्ट्रैटजिक एवं राष्ट्रीय महत्त्व की इस कंपनी को अतिरिक्त भूमि की जरूरत है, लिहाजा कंपनी द्वारा राज्य सरकार से किए गए अनुरोध के दृष्टिगत उसके बगल स्थित प्लाट संख्या बी-219, फेज-2, नोएडा पराग डेयरी की 4.62 हेक्टेयर भूमि को कंपनी के विस्तार के लिए नोएडा प्राधिकरण के वर्तमान औद्योगिक भूखण्डों की दर 101 करोड़ रुपये में विक्रय किया जाने को स्वीकृति दे ही है। इसके बदले में नोएडा पराग डेयरी को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण में 10 एकड़ भूमि प्राधिकरण के वर्तमान औद्योगिक भूखण्ड की दर पर आवंटित किया जाएगा, जिस पर पीसीडीएफ की संतुष्टि के अनुसार 4 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता के नवीन डेयरी प्लांट की स्थापना राफे ए फेर द्वारा स्वयं के व्यय पर कराया जाएगा।
पराग डेयरी प्लांट की स्थापना में दो वर्ष का समय लगता है तो कंपनी की ओर से 10 करोड़ रुपये अतिरिक्त पराग डेयरी को उपलब्ध कराया जाएगा। यदि दो वर्ष में निर्माण कार्य पूर्ण नहीं होता है तो पांच करोड़ रुपये प्रति वर्ष की दर से निर्माण कार्य पूर्ण होने तक 10 करोड़ रुपये के अतिरिक्त राफे एम फेर द्वारा पीसीडीएफ को भुगतान किया जाएगा। वर्तमान नोएडा प्लांट में स्थापित मशीनरी, जो पीसीडीएफ के स्वामित्व की है, के स्थानांतरण में आने वाला व्यय कम्पनी द्वारा ही वहन किया जाएगा।
इन प्रस्तावों पर भी मुहर
वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर के पास स्थित दालमंडी के चौड़ीकरण को मंजूरी मिल गई है।
6935 करोड़ से 121 पॉलिटिक्निक में टाटा टेक्नोलॉजी सेंटर आफ एक्सीलेंस स्थापित होंगे।
चित्रकूट लिंक एक्सप्रेस 115 किमी का होगा। यह फिलहाल 4 लेन का होगा। इसे 6 लेन तक बढ़ाया जा सकता है। 548 दिवस दिन में इसे पूरा करते हुए बाँदा से चित्रकूट तक बनाया जाएगा।
आईआईआरडी डिटेक्शन सेंटर बनेगा। इसके लिए लखनऊ में यूपीडा 10 हेक्टेयर जमीन देगा।
जो कर्मचारी पुरानी पेंशन नहीं ले पाए वह 30 नवम्बर 2025 तक आवेदन कर सकते है। इसमे कई शर्ते भी लगाई गई है।
जेवर एयरपोर्ट के निकट कृषि उपज के भंडारण के लिए हब बनेगा।




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