कौन हैं मौत को मात देने वाले राउल जिमेनेज? फीफा वर्ल्ड कप में बने मेक्सिको की जीत के हीरो
मेक्सिको के स्ट्राइकर राउल जिमेनेज की कहानी आज हम आपको बताते हैं। 2020 के दौरान उनको एक ऐसी चोट लगी थी, जिसकी वजह से उनकी जान भी जा सकती है। हालांकि उन्होंने मौत को मात दी और अब मेक्सिको की जीत के हीरो बने।

मेक्सिको की जीत के साथ फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आगाज हुआ। साउथ अफ्रीका को 2-0 से हराकर सह-मेजबान ने टूर्नामेंट की पहली जीत दर्ज की। मेक्सिको की जीत के हीरो राउल जिमेनेज रहे, जिन्होंने 67वें मिनट में दूसरा गोल दागकर टीम की जीत सुनिश्चित की। राउल जिमेनेज की कहानी बड़ी प्रेरणादायक है। एक समय ऐसा था जब फुटबॉल फील्ड पर ही उनका भयंकर एक्सीडेंट हुआ था, उनके सिर पर भयंकर चोट लगी थी। उस समय फुटबॉल मैदान पर मौजूद हर खिलाड़ी के चहरे पर शिकन थी कि राउल जिमेनेज बचेंगे या नहीं। मगर इस खिलाड़ी ने मौत को मात देकर फुटबॉल फील्ड पर वापसी की और अब फीफा वर्ल्ड कप में मेक्सिको की जीत के हीरो बने।
कैसे हुआ था राउल जिमेनेज का एक्सीडेंट?
29 नवंबर, 2020 को आर्सेनल के खिलाफ प्रीमियर लीग मैच के दौरान राउल जिमेनेज को सिर पर चोट लगी थी। यह चोट ज्यादा गंभीर थी। उन्हें स्कल फ्रेक्चर हुआ था, आसान भाषा में कहें तो उनके सिर की हड्डी टूट गई थी, जिससे उनकी जान को खतरा हो गया था। डेविड लुइज के साथ सिर की जबरदस्त टक्कर के बाद मैक्सिकन स्ट्राइकर को इमरजेंसी सर्जरी की जरूरत पड़ी और वे कुछ समय के लिए बेहोश रहे।
जब यह टक्कर हुई तो उनके साथी खिलाड़ी, मैनेजर और परिवार वाले चिंता में उन्हें देखते रहे कि क्या वे अभी भी जिंदा हैं, जबकि उन्हें पिच पर ही ऑक्सीजन दी जा रही थी।
ठीक होने की प्रक्रिया धीमी थी। उन्हें छह महीने तक दूसरे खिलाड़ियों के साथ ट्रेनिंग करने की इजाजत नहीं मिली और वे आठ महीने तक वॉल्व्स के लिए नहीं खेले। चोट के बाद उन्होंने अपना पहला गोल सितंबर 2021 में साउथैम्पटन के खिलाफ 1-0 की जीत में निर्णायक गोल करके किया।
अब, छह साल से भी कम समय बाद, 35 वर्षीय खिलाड़ी भावुक हो गए जब उन्होंने 2026 वर्ल्ड कप के पहले मैच में मशहूर एज्टेका स्टेडियम में हेडर से गोल करके मैक्सिको को दक्षिण अफ्रीका पर 2-0 से जीत दिलाई।
मेक्सिको वर्सेस साउथ अफ्रीका मैच में गोल से ज्यादा मिले रेड कार्ड
यह पहली बार है जब फीफा वर्ल्ड कप के ओपनिंग मैच में तीन खिलाड़ियों को मैदान से बाहर भेजा गया है – और तीनों को सीधे रेड कार्ड दिखाए गए, यानी बाहर भेजे गए किसी भी खिलाड़ी को दो येलो कार्ड नहीं मिले थे।
दूसरे हाफ की शुरुआत में बॉक्स के किनारे पर मेक्सिको के ब्रायन गुटिएरेज को गिराने के बाद सिथोले को रेड कार्ड दिखाया गया।
साउथ अफ्रीका के लिए स्थिति तब और खराब हो गई जब 84वें मिनट में रॉबर्टो अल्वाराडो के चेहरे पर मारने के कारण वीडियो रिव्यू के बाद जवाने को बाहर भेज दिया गया। आखिर में, स्टॉपेज टाइम में, खुलिसो मुदाऊ को गिराने के कारण मोंटेस को रेड कार्ड मिला।
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