4 दिन काम और 3 दिन की छुट्टी; पेट्रोल-डीजल की बचत के लिए भाजपा सरकार बना रही ऐसा प्लान
वर्क फ्रॉर्म होम समेत अन्य उपायों के विकल्पों के बीच राजस्थान सरकार 'कार्य दिवस' घटाने पर भी विचार कर रही है। सरकार का लक्ष्य सरकार का खर्च घटाना, ईंधन बचाना, कार्बन उत्सर्जन में कटौती और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना है।

पश्चिम एशिया में युद्ध की वजह से पेट्रोलियम उत्पादों की आवक में कमी की वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल वाली गाड़ियों का कम से कम इस्तेमाल करने की अपील की है। वर्क फ्रॉर्म होम समेत अन्य उपायों के विकल्पों के बीच राजस्थान सरकार 'कार्यदिवस'घटाने पर भी विचार कर रही है। इसके तहत गैर-आपातकालीन विभागों में हफ्ते में '4 दिन काम और 3 दिन की छुट्टी' का फॉर्मूला अपनाया जा सकता है।
टाइम्स ऑफ इंडिया ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि सरकार व्यवस्थित प्लान के तहत धीरे-धीरे चुनिंदा विभागों में मौजूदा 5 दिन कार्यदिवस की बजाय 4 दिन के कार्यदिवस का आदेश जारी कर सकती है। सरकार का लक्ष्य सरकार का खर्च घटाना, ईंधन बचाना, कार्बन उत्सर्जन में कटौती और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना है। अंतिम निर्णय से पहले सरकार दूसरे राज्यों में लिए जा रहे फैसलों पर भी नजर बनाए हुए है।'
सरकार की बचत भी होगी
अधिकारियों का मानना है कि सप्ताह में 4 दिन काम वाले फॉर्मूले से प्रतिदिन की आवाजाही में 20 फीसदी की कटौती हो सकती है। इससे सरकारी और निजी वाहनों में ईंधन की खपत काफी कम होगी। यह भी कहा जा रहा है कि 4 दिन काम और 3 दिन की छुट्टी की वजह से दफ्तरों में बिजली की खपत भी कम होगी। लाइट, एसी, पंखे और अन्य उपकरण सप्ताह में एक दिन अतिरिक्त बंद रहने से सरकार को बिजली बिल में बचत होगी।
प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद पहल
यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 10 मई को जारी सात सूत्री अपील के बाद विचाराधीन है। प्रधानमंत्री ने पेट्रोल-डीजल की गाड़ियों के कम इस्तेमाल, वर्क फ्रॉर्म होम, कम विदेश यात्रा, एक साल तक सोने की खरीद ना करने जैसे कदम उठाने की अपील की है। सूत्रों के मुताबिक राजस्थान में जिला प्रशासनों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रधानमंत्री की अपील के तहत उपायों को लागू करें।
पीएम से सीएम तक ने छोटा किया काफिला
प्रधानमंत्री मोदी ने पेट्रोलियम से चलने वाली गाड़ियों के कम इस्तेमाल की सिर्फ जनता से अपील नहीं की, बल्कि उन्होंने खुद अपने काफिले को भी बेहद छोटा कर लिया है। बुधवार को पीएम के काफिले में महज दो गाड़ियां ही दिखीं। उनके आह्वान के बाद भाजपा-शासित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और अन्य नेताओं ने भी इसी तरह का कदम उठाया है और अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या में कटौती की है। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी निर्देश दिया कि उनके काफिले में वाहनों की संख्या कम से कम रखी जाए और अनावश्यक तौर पर वाहनों का इस्तेमाल न किया जाए, विशेषकर सुरक्षा उद्देश्यों के लिए। उन्होंने मुख्य सचिव समेत सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को भी इसी तरह की प्रक्रियाओं का पालन करने का निर्देश दिया।




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