होली पर राजस्थान पुलिस का बड़ा एक्शन,लॉरेंस और गोदारा नेटवर्क के 214 गुर्गे दबोचे
होली के मौके पर प्रदेश में संगठित अपराध के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए राजस्थान पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। रविवार तड़के चलाए गए विशेष ऑपरेशन के तहत 19 जिलों में एक साथ दबिश देकर 214 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया।

होली के मौके पर प्रदेश में संगठित अपराध के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए राजस्थान पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। रविवार तड़के चलाए गए विशेष ऑपरेशन के तहत 19 जिलों में एक साथ दबिश देकर 214 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपियों में लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा गैंग से जुड़े अपराधी भी शामिल हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से अवैध हथियारों का जखीरा और भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किए हैं।
डीजीपी की मॉनिटरिंग में चला ऑपरेशन
डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में इस मिशन की रणनीति तैयार की गई। ऑपरेशन की कमान डीजी आनंद श्रीवास्तव को सौंपी गई, जबकि एडीजी दिनेश एमएन और डीआईजी योगेश यादव के नेतृत्व में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार किया। ग्राउंड लेवल पर एसपी ज्ञान चंद यादव और उनकी टीम ने मोर्चा संभाला। सभी रेंज आईजी और जिला पुलिस अधीक्षकों ने स्थानीय स्तर पर समन्वय कर एक साथ दबिश की कार्रवाई की।
डीजीपी ने बताया कि मिशन का मुख्य उद्देश्य रंगदारी, अवैध हथियारों की सप्लाई और ड्रग्स नेटवर्क को जड़ से खत्म करना था। होली जैसे संवेदनशील अवसर पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह ऑपरेशन रणनीतिक रूप से तड़के शुरू किया गया, ताकि अपराधियों को संभलने का मौका न मिले।
1276 अपराधियों की सूची तैयार
पुलिस मुख्यालय ने इस विशेष अभियान के लिए पहले से ही 1276 अपराधियों की सूची तैयार की थी। इनमें 383 अपराधी लॉरेंस और गोदारा गैंग से संबंधित चिन्हित किए गए थे। इसके अलावा 534 स्थानीय गिरोहों से जुड़े अपराधी और 359 अन्य वांछित व इनामी बदमाश टारगेट पर थे। खुफिया इनपुट और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर दबिश की लोकेशन तय की गई।
अचानक हुई कार्रवाई से कई जिलों में अपराधियों के ठिकानों पर हड़कंप मच गया। पुलिस टीमों ने एक साथ छापेमारी कर कई बदमाशों को घरों, खेतों और ठिकानों से गिरफ्तार किया।
हथियारों और ड्रग्स की बड़ी बरामदगी
कार्रवाई के दौरान आर्म्स एक्ट के तहत 30 मामले दर्ज किए गए। पुलिस ने 17 पिस्टल, 3 देशी कट्टे, 14 कारतूस और 12 चाकू-छुरे बरामद किए। विशेष रूप से पंजाब से जुड़े बंबीहा गैंग के नेटवर्क से 11 पिस्टल और 12 मैगजीन जब्त की गईं।
एनडीपीएस एक्ट के तहत 34 प्रकरण दर्ज कर 1.166 किलो हेरोइन, स्मैक, एमडी, गांजा और डोडा पोस्त बरामद किया गया। झुंझुनूं जिले में एक खेत पर छापेमारी कर 8,153 अफीम के पौधे नष्ट किए गए, जिसे पुलिस इस अभियान की बड़ी सफलता मान रही है।
‘जीरो टॉलरेंस’ नीति जारी रहेगी
डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि प्रदेश को भयमुक्त बनाना पुलिस की प्राथमिकता है। संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ इस तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि रंगदारी, अवैध वसूली और हथियार तस्करी में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ ने गिरोहों के सूचना तंत्र और सुरक्षित ठिकानों को बड़ा झटका दिया है। त्योहार के दौरान हुई इस कार्रवाई से आम जनता में सुरक्षा का विश्वास मजबूत हुआ है, वहीं अपराधियों में खौफ का माहौल देखा जा रहा है।
राजस्थान पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी इसी तरह समन्वित और तकनीकी रूप से सशक्त ऑपरेशन चलाए जाएंगे, ताकि प्रदेश में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ बनी रहे और संगठित अपराध की कमर तोड़ी जा सके।
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