rajasthan monkey menace assembly manish yadav question minister statement reason राजस्थान में बढ़ रहा बंदरों का आतंक, MLA मनीष यादव के सवाल से गरमाया सदन; मंत्री ने विधानसभा में बताई वजह, Jaipur Hindi News - Hindustan
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राजस्थान में बढ़ रहा बंदरों का आतंक, MLA मनीष यादव के सवाल से गरमाया सदन; मंत्री ने विधानसभा में बताई वजह

सोमवार को राजस्थान विधानसभा में शून्यकाल के दौरान बंदरों के बढ़ते आतंक पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव ने सदन का माहौल गरमा दिया। सामान्यतः 10 से 15 मिनट में निपटने वाला यह प्रस्ताव 22 मिनट तक चर्चा का केंद्र बना रहा।

Tue, 24 Feb 2026 01:42 PMSachin Sharma लाइव हिन्दुस्तान
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राजस्थान में बढ़ रहा बंदरों का आतंक, MLA मनीष यादव के सवाल से गरमाया सदन; मंत्री ने विधानसभा में बताई वजह

सोमवार को राजस्थान विधानसभा में शून्यकाल के दौरान बंदरों के बढ़ते आतंक पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव ने सदन का माहौल गरमा दिया। सामान्यतः 10 से 15 मिनट में निपटने वाला यह प्रस्ताव 22 मिनट तक चर्चा का केंद्र बना रहा। बहस के दौरान हल्ला, टोका-टाकी और तीखी टिप्पणियां भी देखने को मिलीं।

शाहपुरा विधायक मनीष यादव ने अपने क्षेत्र में बंदरों के हमलों की बढ़ती घटनाओं को गंभीर बताते हुए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव रखा। हालांकि, जब स्पीकर ने उनका नाम पुकारा, उस समय बीकानेर में एक बालिका की हत्या को लेकर सदन में हंगामा चल रहा था और कांग्रेस सदस्य वॉकआउट करते हुए बाहर जा रहे थे। इसी बीच यादव भी ऊहापोह की स्थिति में बाहर की ओर बढ़े, जिस पर स्पीकर वासुदेव देवनानी नाराज हो गए।

देवनानी ने कड़े शब्दों में कहा कि “आपका ही प्रस्ताव है और आप बाहर जा रहे हैं, ऐसे मंत्री जवाब नहीं देंगे।” उन्होंने इसे अस्वीकार्य आचरण बताते हुए चेतावनी भी दी। बाद में यादव अपनी बात रखकर गेट तक गए और फिर लौटे, लेकिन स्पीकर ने व्यवस्था और अनुशासन बनाए रखने पर जोर दिया।

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4200 लोगों को लगे रेबीज के टीके

मनीष यादव ने सदन को बताया कि वर्ष 2025 में शाहपुरा क्षेत्र में लगभग 4200 लोगों को रेबीज के टीके लगाए गए हैं, जिनमें 90 प्रतिशत मामले बंदरों के काटने से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि कई परिवार भय के कारण क्षेत्र छोड़ने को मजबूर हुए हैं और कुछ लोगों को हमलों में स्थायी शारीरिक क्षति भी हुई है।

उन्होंने इसे केवल शाहपुरा नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में विकराल होती समस्या बताया। इस पर स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा और वन मंत्री संजय शर्मा ने आश्वासन दिया कि सुझावों के आधार पर व्यापक कार्ययोजना तैयार कर स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

सत्ता पक्ष को भी फटकार

बंदरों के मुद्दे पर सत्ता पक्ष के कई विधायक एक साथ बोलने लगे तो स्पीकर देवनानी ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने विधायक हरलाल सहारण का नाम लेकर कहा कि सत्ता पक्ष को अधिक संयम बरतना चाहिए। “जब मैंने व्यवस्था दे दी तो फिर क्यों बोल रहे हो? आप तय करो, आसन पर आकर बैठो,” उन्होंने सख्त लहजे में कहा। स्पीकर ने स्पष्ट किया कि व्यवस्था देते समय पक्ष और विपक्ष दोनों को अनुशासन बनाए रखना होगा।

दिव्यांग स्कूटी वितरण पर तीखी बहस

शून्यकाल के दौरान दिव्यांगजनों को स्कूटी वितरण के मुद्दे पर भी सदन में तीखी नोकझोंक हुई। भाजपा विधायक के पूरक प्रश्न के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने टोका-टाकी की।

इस पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने तंज कसते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री सदन में मौजूद हैं, इसलिए दोनों नेताओं के बीच प्रतिस्पर्धा चल रही है। इस पर जूली ने आपत्ति जताते हुए कहा कि राजनीतिक टिप्पणी के बजाय प्रश्न का सीधा जवाब दिया जाए।

मंत्री गहलोत ने जानकारी दी कि राज्य सरकार के पहले बजट में दिव्यांगजनों के लिए 2000 स्कूटियों की घोषणा की गई थी, जिनका वितरण हो चुका है। बजट वर्ष 2025-26 में संख्या बढ़ाकर 2500 की गई, जिनमें से 2450 स्कूटियां वितरित की जा चुकी हैं। शेष 50 स्कूटियों का वितरण 31 मार्च से पहले कर दिया जाएगा।

लिव-इन रिलेशन पर कानून की मांग

शून्यकाल में विधायक छगन सिंह राजपुरोहित ने लिव-इन-रिलेशन पर माता-पिता की अनुमति अनिवार्य करने के लिए कानून बनाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि युवक-युवतियां घर से भागकर विवाह या लिव-इन में रह रहे हैं, जिससे सामाजिक ताने-बाने और भारतीय संस्कृति पर असर पड़ रहा है।

181 हेल्पलाइन से फीडबैक

सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार ने गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना पर जानकारी देते हुए बताया कि 181 हेल्पलाइन के माध्यम से 90 हजार लाभार्थियों से फीडबैक लिया जा रहा है। बाड़मेर जिले में अनियमितता की शिकायत पर तत्कालीन प्रबंध निदेशक को निलंबित किया गया है और संबंधित शाखा प्रबंधकों पर भी कार्रवाई हुई है।

विधायक कालीचरण सराफ के प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने बताया कि जयपुर जिले में 14,513 गोपालकों ने ऋण के लिए आवेदन किया, जिनमें से 7,852 को लगभग 38.43 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है।

सोमवार को विधानसभा में बंदरों के आतंक से लेकर स्कूटी वितरण, लिव-इन संबंधों और सहकारिता योजनाओं तक कई मुद्दों पर गरमागरम बहस हुई, जिसने सदन की कार्यवाही को असाधारण रूप से लंबा और तीखा बना दिया।

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