राजस्थान: बेटियां नाचने वाली नहीं, IAS-IPS बनें; धीरेंद्र शास्त्री की हिंदुओं से अपील
धीरेंद्र शास्त्री ने पुष्कर में आयोजित हनुमंत कथा के दौरान हिंदू समाज से जनसंख्या, धर्म और सामाजिक जिम्मेदारियों पर खुलकर बात की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि हिंदुओं को चार बच्चे पैदा करने चाहिए

धीरेंद्र शास्त्री ने पुष्कर में आयोजित हनुमंत कथा के दौरान हिंदू समाज से जनसंख्या, धर्म और सामाजिक जिम्मेदारियों पर खुलकर बात की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि हिंदुओं को चार बच्चे पैदा करने चाहिए और बेटियों को आईएएस-आईपीएस, काली और दुर्गा बनने की प्रेरणा लेनी चाहिए, “इंस्टाग्राम की नाचने वाली नहीं।” उन्होंने कहा कि हिंदुओं को अपने धर्म पर गर्व करना चाहिए और सनातन पर चलना चाहिए।
तीन दिवसीय हनुमंत कथा की शुरुआत आरती से हुई। कथा में राजस्थान की डिप्टी सीएम दीया कुमारी और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी पहुंचीं। दोनों ने मंच पर धीरेंद्र शास्त्री को प्रणाम किया। कार्यक्रम के दौरान वसुंधरा राजे मंच पर फर्श पर ही बैठीं, जिसकी चर्चा भी रही।
‘घटते हिंदू और बढ़ते मजहबी’ पर चिंता
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि घटते हिंदू और बढ़ते मजहबी संतुलन देश को बर्बादी की स्थिति की ओर ले जा सकता है। उन्होंने इसे वैश्विक विषय बताते हुए कहा कि भारत के लिए यह बड़ा मुद्दा है। धर्मांतरण पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आर्थिक तंगी, अशिक्षा और अंधविश्वास इसके प्रमुख कारण हैं।
उन्होंने अपील की कि आर्थिक रूप से सक्षम लोग गरीबों का सहयोग करें, अंधविश्वास मिटाने के लिए भक्ति को अपनाएं और अशिक्षा दूर करने के लिए शिक्षा का प्रसार करें।
‘पुष्कर टूरिस्ट प्लेस नहीं, श्रद्धालुओं का शहर’
पुष्कर की पवित्रता पर जोर देते हुए शास्त्री ने कहा कि यहां नशा और पार्टियां बंद होनी चाहिए। “यह कोई टूरिस्ट प्लेस नहीं, बल्कि तीर्थ है। विदेशी आएं, लेकिन सैलानी बनकर नहीं, श्रद्धालु बनकर।” उन्होंने कहा कि सनातनियों को संगठित होकर पुष्कर को पवित्र बनाए रखने की पहल करनी चाहिए।
उन्होंने संकेत दिया कि यदि यहां क्लब और पार्टी संस्कृति बंद होगी तो कथा आयोजन और भी होंगे।
स्वच्छता पर सरकार ही नहीं, जनता भी जिम्मेदार
पुष्कर के कुंड और तालाबों की सफाई का मुद्दा उठाते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि विदेशों में भारतीय अनुशासित रहते हैं, कचरा नहीं फैलाते, लेकिन अपने तीर्थ स्थलों पर लापरवाह हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर व्यक्ति का कर्तव्य है।
इस पर वसुंधरा राजे ने भी समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि पुष्कर सबका तीर्थ है, इसे साफ रखना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। “बार-बार पूछती हूं कि इसमें कमी क्यों नहीं आती? महाराज के सामने तो कह दो, गंदगी नहीं होनी चाहिए।”
‘सोशल मीडिया के दोस्त काम नहीं आते’
कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने आध्यात्मिक संदेश देते हुए कहा कि जीवन में भक्ति नहीं होगी तो जीवन भी नहीं। उन्होंने कहा कि संकट के समय सोशल मीडिया के दोस्त काम नहीं आते। “इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब के फ्रेंड मुसीबत में साथ नहीं खड़े होते। एक परमात्मा का दर पकड़ लो, दर-दर नहीं भटकना पड़ेगा।”
उन्होंने लोगों से जगदीश को साधने की बात कही, न कि केवल दुनिया को साधने की।
‘राज्यों का राजा राजस्थान, उसका मुकुट पुष्कर’
राजस्थान की महिमा का उल्लेख करते हुए शास्त्री ने कहा, “राज्यों का राजा राजस्थान है तो उसका मुकुट पुष्कर है।” उन्होंने इस पावन भूमि में आने को सौभाग्य बताया। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने ‘जय जय राधा रमण हरि बोल’ भजन गाया, जिस पर श्रद्धालु झूम उठे।
पुष्कर में चल रही इस हनुमंत कथा के बीच धीरेंद्र शास्त्री के जनसंख्या और धर्म पर दिए गए बयान ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। खासकर ‘हिंदू चार बच्चे पैदा करें’ और ‘बेटियां IAS-IPS बनें, नाचने वाली नहीं’ जैसे कथनों को लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं। हालांकि मंच से उनका जोर हिंदू समाज में संगठन, शिक्षा, भक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी बढ़ाने पर रहा।
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