राजस्थान: कोर्ट ने पूर्व विधायक बलजीत यादव को भेजा जेल, ईडी कस्टडी पूरी
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई से जुड़े बहुचर्चित मामले में शनिवार को पूर्व विधायक बलजीत यादव को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया। ईडी रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उन्हें जयपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां लंबी बहस के बाद अदालत ने उन्हें जेल भेजने के आदेश दिए।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई से जुड़े बहुचर्चित मामले में शनिवार को पूर्व विधायक बलजीत यादव को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया। ईडी रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उन्हें जयपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां लंबी बहस के बाद अदालत ने उन्हें जेल भेजने के आदेश दिए। पूर्व विधायक की ओर से गिरफ्तारी को चुनौती देने के मामले में ईडी 9 फरवरी को अपना जवाब दाखिल करेगी, जबकि अगली सुनवाई 10 फरवरी को होगी।
यह सुनवाई PMLA मामलों की सुनवाई करने वाली विशेष अदालत, CBI कोर्ट संख्या-3 में हुई। अदालत में न्यायाधीश खगेन्द्र कुमार शर्मा ने मामले से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तार से सुनवाई की। ईडी की ओर से अधिवक्ता अपेक्षा तिवारी ने पूर्व विधायक को न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की। इस दौरान अदालत ने केस डायरी पेश करने के निर्देश दिए, लेकिन मौके पर केस डायरी उपलब्ध नहीं हो सकी। इस पर ईडी ने अदालत को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद न्यायालय ने केस डायरी मंगवाने के आदेश दिए।
सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने ईडी रिमांड के दौरान हुई पूछताछ को लेकर पूर्व विधायक बलजीत यादव से सवाल किए और जांच की प्रगति के बारे में जानकारी ली। लंच के बाद दोबारा शुरू हुई सुनवाई में पूर्व विधायक की ओर से गिरफ्तारी को अवैध और गैरकानूनी बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। बचाव पक्ष ने दलील दी कि बलजीत यादव ने हर समन का जवाब दिया है और जांच में पूरा सहयोग किया है।
कोर्ट में खुद पूर्व विधायक बलजीत यादव ने कहा कि उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “मैंने ईडी के हर समन का जवाब दिया है। मेरे खाते में कोई पैसा नहीं आया, फिर भी मुझे गिरफ्तार किया गया। विधायक का सीधा रोल नहीं होता, इसके बावजूद मुझे आरोपी बनाया गया।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके विधानसभा क्षेत्र से गिरफ्तारी कर जानबूझकर बखेड़ा खड़ा किया गया, ताकि उन्हें विलेन की तरह पेश किया जा सके।
इस बीच, पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट परिसर में हुई नारेबाजी को लेकर अदालत ने सख्त नाराजगी जाहिर की। न्यायाधीश ने इस पर टिप्पणी करते हुए व्यवस्था बनाए रखने की बात कही। इस पर पूर्व विधायक ने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि नारेबाजी किसने की। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कोर्ट का पूरा सम्मान करते हैं और जिन्होंने ऐसा किया, उन्होंने जानबूझकर स्थिति को खराब किया। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने समर्थकों को समझाने की कोशिश करेंगे।
लंबी बहस और सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने पूर्व विधायक बलजीत यादव को न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए। फिलहाल वे जेल में रहेंगे और आगे की कानूनी प्रक्रिया आगामी सुनवाई में तय होगी। गिरफ्तारी को चुनौती देने के मामले में ईडी 9 फरवरी को अदालत में अपना जवाब पेश करेगी, जबकि 10 फरवरी को मामले की अगली सुनवाई होगी।
क्या है पूरा मामला
यह मामला वर्ष 2022-23 का है। आरोप है कि बहरोड़ क्षेत्र में विधायक कोष से खेल सामग्री की खरीद में बड़े पैमाने पर हेरफेर किया गया। जांच के अनुसार, बलजीत यादव और उनके सहयोगियों की कंपनियों ने विधायक कोष के तहत क्रिकेट और बैडमिंटन किट की आपूर्ति की। आरोप है कि इन सामानों की खरीद वास्तविक कीमत से करीब 2.50 गुना अधिक दरों पर की गई, जिससे सरकार को आर्थिक नुकसान हुआ।
जांच में सामने आया है कि कुल 32 सरकारी स्कूलों को खेल सामग्री दी गई थी। प्रत्येक स्कूल के लिए करीब 9 लाख रुपये की खरीद दर्शाई गई। आरोप है कि क्रिकेट बैट की कीमत 15,600 रुपये तक दिखाई गई, जबकि बाजार में इसकी वास्तविक कीमत काफी कम थी। कई स्कूलों को 50-50 क्रिकेट बैट दिए जाने का भी दावा किया गया है।
इस कथित घोटाले में पहले एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की ओर से मामला दर्ज किया गया था। एसीबी ने बलजीत यादव सहित 8 अधिकारी-कर्मचारियों पर आपसी मिलीभगत के आरोप लगाए थे। बाद में मामला मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा होने के चलते प्रवर्तन निदेशालय के पास पहुंचा। ईडी ने जांच के बाद पूर्व विधायक को गिरफ्तार किया था।
फिलहाल, पूर्व विधायक बलजीत यादव न्यायिक हिरासत में हैं और पूरे मामले पर सबकी नजरें 9 और 10 फरवरी की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई किस दिशा में बढ़ेगी।
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