राजस्थान: पूर्व विधायक बलजीत यादव पर MLA-फंड घोटाले का आरोप, रिश्तेदारों के खातों में डालकर ₹2.87 करोड़ की हेराफेरी
राजस्थान में क्रिकेट और बैडमिंटन किट खरीद से जुड़े बहुचर्चित घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि बहरोड़ विधानसभा से पूर्व विधायक रहे

राजस्थान में क्रिकेट और बैडमिंटन किट खरीद से जुड़े बहुचर्चित घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि बहरोड़ विधानसभा से पूर्व विधायक रहे बलजीत यादव ने अपने कार्यकाल के दौरान विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (MLA-LAD फंड) में करीब 2.87 करोड़ रुपए की हेराफेरी की। इस राशि को कथित तौर पर रिश्तेदारों और सहयोगियों के खातों में डायवर्ट किया गया, जबकि फंड का एक हिस्सा प्रॉपर्टी खरीदने में भी इस्तेमाल किया गया।
ईडी ने मंगलवार रात अलवर जिले के शाहजहांपुर टोल प्लाजा से पूर्व विधायक बलजीत यादव को हिरासत में लिया। यह कार्रवाई दिल्ली-जयपुर हाईवे पर स्थित NHAI ऑफिस के पास की गई। इसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए जयपुर स्थित ईडी कार्यालय लाया गया, जहां लंबी पूछताछ के बाद बलजीत यादव को PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। ईडी ने उन्हें तीन दिन की रिमांड पर लिया है।
32 सरकारी स्कूल, 3.72 करोड़ की खरीद और बड़ा खेल
ईडी की जांच के अनुसार, वर्ष 2021-22 में बहरोड़ विधानसभा क्षेत्र के करीब 32 सरकारी स्कूलों के लिए क्रिकेट और बैडमिंटन किट खरीदी गईं। इन किट्स की खरीद के नाम पर MLA-LAD फंड से 3.72 करोड़ रुपए खर्च किए गए। आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं की गईं और सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ।
ईडी ने इस मामले में दिसंबर 2024 में PMLA एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच में सामने आया कि खेल सामग्री की सप्लाई में घटिया गुणवत्ता का सामान दिया गया और खरीद प्रक्रिया को नियमों के विपरीत अंजाम दिया गया।
9 जगहों पर सर्च, 31 लाख कैश बरामद
ईडी ने 24 जनवरी 2025 को जयपुर, दौसा (राजस्थान) और रेवाड़ी (हरियाणा) में 9 अलग-अलग ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया। ये ठिकाने पूर्व विधायक बलजीत यादव, उनके रिश्तेदारों, सहयोगियों और उनसे जुड़ी कंपनियों से संबंधित थे। सर्च के दौरान 31 लाख रुपए नकद, फर्जी दस्तावेज, कई अहम रिकॉर्ड और डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए, जिनसे MLA-LAD फंड की मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत मिले।
‘मेन मास्टरमाइंड’ थे बलजीत यादव
ईडी अधिकारियों के अनुसार, बहरोड़ विधानसभा से 2018 से 2023 तक विधायक रहे बलजीत यादव इस पूरे घोटाले के मुख्य साजिशकर्ता (मेन मास्टरमाइंड) थे। उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र के 32 स्कूलों के लिए खेल सामग्री खरीद की सिफारिश की और अपने सहयोगियों के साथ मिलीभगत कर मेसर्स बालाजी कम्प्लीट सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड को इस प्रक्रिया में शामिल किया।
जांच में यह भी सामने आया कि मेसर्स सूर्या एंटरप्राइजेज लिमिटेड, मेसर्स राजपूत स्पोर्ट्स एंटरप्राइजेज लिमिटेड और मेसर्स शर्मा स्पोर्ट्स एंटरप्राइजेज लिमिटेड जैसी कंपनियां कर्मचारियों और सहयोगियों की आईडी का इस्तेमाल कर बनाई गई थीं। इन कंपनियों को स्पोर्ट्स इक्विपमेंट ट्रेडिंग का कोई पूर्व अनुभव नहीं था।
टेंडर नियम तोड़े, कॉम्पिटिशन रोका
ईडी की रिपोर्ट के अनुसार, इन कंपनियों को अलवर जिला परिषद से एडमिनिस्ट्रेटिव और फाइनेंशियल अप्रूवल दिलवाया गया। प्रतियोगिता को रोकने और इन्हीं कंपनियों को टेंडर देने के लिए तय नियमों का उल्लंघन करते हुए टेंडर जारी किए गए। इसके बाद घटिया क्वालिटी का खेल सामान कैश में खरीदा गया और बढ़ा-चढ़ाकर बनाए गए बिलों को नीमराना पंचायत समिति से मंजूरी दिलाई गई।
रिश्तेदारों के खातों में पैसा, प्रॉपर्टी में निवेश
बैंक अकाउंट एनालिसिस में सामने आया कि MLA-LAD फंड से मिली राशि को बलजीत यादव के रिश्तेदारों और सहयोगियों के खातों में ट्रांसफर किया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, फंड का एक हिस्सा उनके नाम पर प्रॉपर्टी खरीदने में लगाया गया, जिसे बाद में बेचकर कंपनियों को वापस किया गया और अधिकांश रकम कैश में निकाल ली गई।
ईडी का कहना है कि मामले में अभी जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां व खुलासे संभव हैं। यह घोटाला न केवल सरकारी फंड के दुरुपयोग का मामला है, बल्कि शिक्षा और खेल जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में भ्रष्टाचार की गंभीर तस्वीर भी पेश करता है।
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