Rajasthan Budget 2026: जयपुर को क्या मिला? आउटर रिंग रोड और ट्रैफिक मैनेजमेंट पर बड़ा फोकस
राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने अपने कार्यकाल का तीसरा बजट पेश करते हुए एक बार फिर राजधानी जयपुर को केंद्र में रखा है। उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट में जयपुर की सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक जाम, जलभराव और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया।

राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने अपने कार्यकाल का तीसरा बजट पेश करते हुए एक बार फिर राजधानी जयपुर को केंद्र में रखा है। उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट में जयपुर की सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक जाम, जलभराव और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही मेडिकल सेक्टर में जयपुर को और मजबूत करने के लिए भी कई अहम घोषणाएं की गईं।
सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जयपुर को एक सुव्यवस्थित, जाम मुक्त और आधुनिक शहरी ढांचे वाले शहर के रूप में विकसित करना प्राथमिकता में है। इसके लिए बड़े वित्तीय प्रावधान किए गए हैं।
ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए 1 हजार करोड़ का प्रावधान
बजट में जयपुर की ट्रैफिक समस्या को दूर करने के लिए 1 हजार करोड़ रुपये की बड़ी घोषणा की गई है। इस राशि से शहर के ट्रैफिक सिग्नल, प्रमुख चौराहों, जंक्शन और मुख्य सड़कों को व्यवस्थित किया जाएगा। यह कार्य कंप्रेसिव मोबिलिटी प्लान (CPM) के तहत किया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य है कि जयपुर शहर में ट्रैफिक मूवमेंट को वैज्ञानिक तरीके से व्यवस्थित किया जाए। इसके तहत स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम, जंक्शन री-डिजाइन, रोड वाइडनिंग, ट्रैफिक मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी और बेहतर यातायात प्रवाह के लिए आधुनिक समाधान लागू किए जाएंगे।
जयपुर में बढ़ती आबादी, तेजी से बढ़ते वाहन और अव्यवस्थित यातायात व्यवस्था लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। ऑफिस समय में प्रमुख चौराहों पर लंबा जाम आम बात हो चुकी है। ऐसे में इस योजना को राजधानी के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
जलभराव की समस्या से निजात के लिए 500 करोड़
बरसात के दौरान जयपुर के कई इलाकों में जलभराव की समस्या गंभीर रूप ले लेती है। सड़कों पर पानी भरने से न केवल यातायात बाधित होता है बल्कि आमजन को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 500 करोड़ रुपये की लागत से जयपुर में ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने की घोषणा की है। इस योजना के तहत शहर में आधुनिक जल निकासी तंत्र तैयार किया जाएगा ताकि बारिश का पानी तेजी से निकल सके और सड़कों पर जलभराव की स्थिति न बने।
ड्रेनेज सिस्टम के विकास के साथ ही सीवरेज और पानी की पाइपलाइन व्यवस्था को भी सुदृढ़ करने पर काम किया जाएगा। इससे न केवल मौसमी समस्याओं का समाधान होगा बल्कि दीर्घकालिक आधार पर शहर की बुनियादी संरचना मजबूत होगी।
मेडिकल सेक्टर में भी बड़ी पहल
जयपुर को उत्तर भारत के प्रमुख मेडिकल हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी बजट में कई घोषणाएं की गई हैं। सरकार ने संकेत दिए हैं कि मेडिकल कॉलेजों, अस्पतालों और सुपर स्पेशलिटी सेवाओं को और मजबूत किया जाएगा।
राजधानी में पहले से ही बड़े सरकारी और निजी अस्पताल संचालित हैं, जहां प्रदेश ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों से भी मरीज इलाज के लिए आते हैं। बजट में की गई घोषणाओं का उद्देश्य चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता और विशेषज्ञ सेवाओं को बढ़ाना है।
राजधानी के सर्वांगीण विकास की ओर कदम
सरकार का दावा है कि यह बजट केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समयबद्ध क्रियान्वयन के जरिए जयपुर को आधुनिक और व्यवस्थित शहर बनाया जाएगा। ट्रैफिक, ड्रेनेज, सड़क, सीवरेज और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर एक साथ फोकस कर राजधानी के समग्र विकास की रूपरेखा तैयार की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कंप्रेसिव मोबिलिटी प्लान और ड्रेनेज प्रोजेक्ट प्रभावी तरीके से लागू होते हैं तो जयपुर को जाम और जलभराव जैसी पुरानी समस्याओं से काफी हद तक राहत मिल सकती है।
कुल मिलाकर, राज्य सरकार के तीसरे बजट में जयपुर को स्पष्ट प्राथमिकता दी गई है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि इन घोषणाओं का जमीनी स्तर पर कितना और कितनी तेजी से क्रियान्वयन होता है।
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