rajasthan assembly leader opposition tikaram julie taunt on budget old announcements dust political reaction पुरानी घोषणाएं धूल फांक रहीं, फिर होगी जुमलों की बौछार; राजस्थान विधानसभा नेता प्रतिपक्ष जूली ने बजट पर कसा तंज, Jaipur Hindi News - Hindustan
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पुरानी घोषणाएं धूल फांक रहीं, फिर होगी जुमलों की बौछार; राजस्थान विधानसभा नेता प्रतिपक्ष जूली ने बजट पर कसा तंज

राजस्थान विधानसभा में बुधवार को पेश होने वाले राज्य बजट से ठीक एक दिन पहले सियासी पारा चढ़ गया है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों में की गई घोषणाओं का अधिकांश हिस्सा कागजों तक सीमित है।

Wed, 11 Feb 2026 10:37 AMSachin Sharma लाइव हिन्दुस्तान
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पुरानी घोषणाएं धूल फांक रहीं, फिर होगी जुमलों की बौछार; राजस्थान विधानसभा नेता प्रतिपक्ष जूली ने बजट पर कसा तंज

राजस्थान विधानसभा में बुधवार को पेश होने वाले राज्य बजट से ठीक एक दिन पहले सियासी पारा चढ़ गया है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों में की गई घोषणाओं का अधिकांश हिस्सा कागजों तक सीमित है। उन्होंने आगामी बजट को “विकास का दस्तावेज नहीं, बल्कि आंकड़ों का मायाजाल” करार दिया।

एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए जूली ने सरकार के दावों का “रियलिटी चेक” पेश किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विज्ञापनों और प्रचार का शोर तो खूब है, लेकिन धरातल पर काम नगण्य है। जूली के अनुसार सरकार द्वारा अब तक कुल 2717 घोषणाएं की गईं, जिनमें से मात्र 754 कार्य पूर्ण हो पाए हैं। सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि 707 घोषणाएं यानी 26.02 प्रतिशत ऐसे प्रोजेक्ट हैं, जिन्हें दो साल बीत जाने के बावजूद छुआ तक नहीं गया।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब पुरानी घोषणाओं का क्रियान्वयन ही अधूरा है तो नए बजट की घोषणाओं का क्या औचित्य है? जूली ने कहा, “यह बजट प्रदेश के विकास का रोडमैप नहीं होगा, बल्कि भाजपा की विफलताओं पर आंकड़ों का पर्दा डालने की कोशिश होगी।”

“मुख्यमंत्री की नाक के नीचे विकास ठप”

नेता प्रतिपक्ष ने सरकार की प्रशासनिक सुस्ती पर सीधा हमला बोलते हुए राजधानी जयपुर का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि सिविल लाइन्स फ्लाईओवर अब भी अधूरा पड़ा है, जबकि इसी मार्ग से मुख्यमंत्री का काफिला रोज गुजरता है। “जब मुख्यमंत्री के घर के आसपास के प्रोजेक्ट ही पूरे नहीं हो पा रहे, तो दूर-दराज के जिलों में विकास की क्या स्थिति होगी?” उन्होंने पूछा।

जूली ने सहकार मार्ग फ्लाईओवर का भी उल्लेख किया, जिसे उन्होंने “कागजी पुल” बताते हुए कहा कि घोषणा के बाद से अब तक जमीन पर कोई ठोस प्रगति नजर नहीं आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास तो तेजी से करती है, लेकिन उन्हें पूरा करने में गंभीरता नहीं दिखाती।

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रिफाइनरी और इलेक्ट्रिक बसों पर सवाल

बाड़मेर रिफाइनरी परियोजना को लेकर भी जूली ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने इस परियोजना को “बीरबल की खिचड़ी” बना दिया है। पहले दिसंबर 2024 की समयसीमा तय की गई, फिर उसे बढ़ाकर अगस्त 2025 कर दिया गया, लेकिन फरवरी 2026 तक भी लोकार्पण की कोई स्पष्ट तारीख सामने नहीं आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल तारीखें बदलने में व्यस्त है।

इसी तरह 1000 इलेक्ट्रिक बसों के वादे पर भी नेता प्रतिपक्ष ने सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि 2024 में प्रदेश को 1000 इलेक्ट्रिक बसें देने का ऐलान किया गया था, लेकिन दो वर्ष बीतने के बाद भी सड़कों पर नई बसें दिखाई नहीं देतीं। “जनता आज भी धुआं उगलती पुरानी बसों में सफर करने को मजबूर है,” उन्होंने कहा।

“हेडलाइन प्रेमी सरकार”

जूली ने सरकार को “हेडलाइन प्रेमी” करार देते हुए कहा कि उसका ध्यान जमीनी काम से ज्यादा सुर्खियां बटोरने पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर बजट में बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन उनकी निगरानी और क्रियान्वयन की कोई ठोस व्यवस्था नहीं दिखती।

उन्होंने कहा कि कल पेश होने वाला बजट भी भारी-भरकम शब्दों और लुभावने जुमलों से भरा होगा। “सरकार अपनी परफॉर्मेंस रिपोर्ट, जो लगभग शून्य है, उसे छिपाने के लिए आंकड़ों की बाजीगरी करेगी,” जूली ने आरोप लगाया।

जनता से किया हिसाब मांगने का आह्वान

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश की जनता अब जागरूक है और केवल घोषणाओं से संतुष्ट नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सरकार को पिछले दो वर्षों का विस्तृत लेखा-जोखा देना चाहिए और यह स्पष्ट करना चाहिए कि जिन 707 घोषणाओं पर शून्य प्रगति है, उनका भविष्य क्या है।

बजट सत्र से पहले विपक्ष के इस आक्रामक रुख ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। अब सबकी नजरें बुधवार को पेश होने वाले बजट पर टिकी हैं कि सरकार विपक्ष के आरोपों का क्या जवाब देती है और प्रदेश को कौन-सा नया विजन देती है।

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