राजस्थान के बजट में इन 5 मंत्रियों के विभागों की रही धाक; इन 5 सेक्टरों की बल्ले-बल्ले
राजस्थान सरकार ने 2026-27 के बजट में किसानों, शहरी विकास, हरित क्षेत्रों, सामाजिक सुरक्षा और सड़क निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। वित्त मंत्री दीया कुमारी के नेतृत्व में प्रस्तुत इस बजट में कुल मिलाकर 1 लाख 19 हजार 408 करोड़ रुपए की घोषणाएं केवल कृषि क्षेत्र के लिए की गईं,

राजस्थान सरकार ने 2026-27 के बजट में किसानों, शहरी विकास, हरित क्षेत्रों, सामाजिक सुरक्षा और सड़क निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। वित्त मंत्री दीया कुमारी के नेतृत्व में प्रस्तुत इस बजट में कुल मिलाकर 1 लाख 19 हजार 408 करोड़ रुपए की घोषणाएं केवल कृषि क्षेत्र के लिए की गईं, जो इस क्षेत्र को सबसे अधिक महत्व देती हैं। राज्य की संचित निधि से 69 हजार 422 करोड़ 99 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे, जो कुल बजट का 11.36 प्रतिशत है।
राज्य के 24 मंत्रियों में से किरोड़ीलाल मीणा, झाबरसिंह खर्रा, संजय शर्मा, अविनाश गहलोत, दिया कुमारी और कन्हैयालाल चौधरी ने अपने-अपने विभागों के लिए विशेष रूप से बड़ी घोषणाएं की हैं। इनमें कृषि, शहरी विकास एवं इंफ्रास्ट्रक्चर, हरियाली, सामाजिक सुरक्षा और सड़क व पानी की सुविधाओं पर फोकस किया गया है।
कृषि क्षेत्र में बजट की प्रमुख घोषणाएं
कृषि को बजट में शीर्ष प्राथमिकता दी गई है। 1 लाख 19 हजार 408 करोड़ रुपए की घोषणाओं में किसानों की आय बढ़ाने, टेक्नोलॉजी आधारित कृषि को प्रोत्साहित करने और कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों को सशक्त बनाने के लिए बड़े प्रावधान शामिल हैं। इस साल किसानों के लिए विशेष योजनाओं के तहत आधुनिक कृषि उपकरण, बीज और सिंचाई सुविधाओं में सुधार पर जोर दिया गया है। राज्य सरकार ने वर्ष 2047 तक राजस्थान को टेक्नोलॉजी-ड्रिवन कृषि शक्ति बनाने का लक्ष्य रखा है।
शहरी विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर
शहरी विकास और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में इस बजट में 53 हजार 978 करोड़ रुपए की घोषणाएं की गई हैं। इस राशि का उपयोग शहरी क्षेत्रों में जल, सड़क, विद्युत और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में किया जाएगा। शहरों के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने और नागरिक सुविधाओं को बढ़ाने के लिए विशेष योजना तैयार की गई है।
हरियाली और पर्यावरण
हरित बजट के तहत हरियाली पर 33 हजार 476 करोड़ 53 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 20.18 प्रतिशत अधिक है। राज्य में वृक्षारोपण, जल संचयन और हरित आवरण बढ़ाने के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे। इसके अलावा, पेड़ लगाना, नदियों और तालाबों के संरक्षण सहित पर्यावरणीय जागरूकता बढ़ाने के कार्यक्रम भी शामिल हैं।
सामाजिक सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण
सामाजिक सुरक्षा क्षेत्र को बजट में चौथी बड़ी प्राथमिकता दी गई है। रूरल विमन बीपीओ, लखपति दीदी योजना का विस्तार, 11 हजार अमृत पोषण वाटिका का निर्माण और 11,924 आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्मत व सुधार इस बजट में शामिल हैं। महिलाओं और बुजुर्गों के कल्याण के लिए कई नई योजनाओं की भी घोषणा की गई है। इससे ग्रामीण और शहरी महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार में नए अवसर मिलेंगे।
सड़क और परिवहन
सड़क और पानी की सुविधाओं को भी इस बजट में महत्वपूर्ण स्थान मिला है। 16,430 किमी नई सड़कों का निर्माण, 155 विशिष्ट सड़क प्रोजेक्ट्स और 250 ग्रामीण कंक्रीट पथ की घोषणाएं की गई हैं। इन योजनाओं से ग्रामीण और शहरी इलाकों में परिवहन सुविधाओं में सुधार होगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और लोगों की आवाजाही आसान होगी।
इस बजट के माध्यम से राजस्थान सरकार ने न केवल आर्थिक विकास बल्कि सामाजिक कल्याण, पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण पर भी जोर दिया है। वित्त मंत्री दीया कुमारी ने कहा कि यह बजट राज्य के प्रत्येक नागरिक के लिए योजनाओं और विकास की एक नई दिशा प्रदान करेगा।
राजस्थान का यह बजट इस बात का संकेत देता है कि कृषि और ग्रामीण विकास के साथ-साथ शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर, हरित पहल और सामाजिक सुरक्षा को भी समान महत्व दिया जा रहा है। राज्य सरकार का यह प्रयास है कि सभी क्षेत्र विकसित हों और आर्थिक तथा सामाजिक दृष्टि से राजस्थान देश में आगे बढ़े।
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