राजस्थान से कांग्रेस पर बरसे PM मोदी,भाषण की 5 बड़ी बातें
राजस्थान की धरती से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए अपने संबोधन में कई बड़े राजनीतिक और वैचारिक संदेश दिए। अपने भाषण में उन्होंने वैश्विक मंच पर भारत की छवि, रक्षा सौदों, सेना की कार्रवाई और विपक्ष की भूमिका जैसे मुद्दों को केंद्र में रखा।

राजस्थान की धरती से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए अपने संबोधन में कई बड़े राजनीतिक और वैचारिक संदेश दिए। अपने भाषण में उन्होंने वैश्विक मंच पर भारत की छवि, रक्षा सौदों, सेना की कार्रवाई और विपक्ष की भूमिका जैसे मुद्दों को केंद्र में रखा। पीएम ने कहा कि देश की प्रगति और सम्मान को लेकर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उनके भाषण की पांच बड़ी बातें इस प्रकार रहीं:
1. एआई सम्मेलन का जिक्र, कांग्रेस पर देश को बदनाम करने का आरोप
प्रधानमंत्री ने हाल ही में दिल्ली में आयोजित दुनिया के सबसे बड़े एआई सम्मेलन का हवाला देते हुए कहा कि भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा तेजी से बढ़ी है। उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन में कई देशों के प्रधानमंत्री, राष्ट्राध्यक्ष और वैश्विक कंपनियों के प्रमुख शामिल हुए और भारत की खुलकर प्रशंसा की।
पीएम ने आरोप लगाया कि “हताश और निराश कांग्रेस” ने ऐसे समय में भी विदेशी मेहमानों के सामने देश को बदनाम करने की कोशिश की। उनके अनुसार, राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि खराब करना गंभीर विषय है।
2. कांग्रेस को देश माफ नहीं करेगा
अपने भाषण में पीएम मोदी ने कांग्रेस की तुलना ऐतिहासिक संदर्भों से करते हुए कहा कि देश की एकता और अखंडता से खिलवाड़ करने वालों को जनता माफ नहीं करती। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि विभाजनकारी सोच ने देश को नुकसान पहुंचाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज भी ऐसी राजनीति कर रही है, जो समाज को बांटने का काम करती है। पीएम ने यह भी कहा कि माओवादी ताकतें भारत के संविधान और लोकतंत्र से नफरत करती हैं और घात लगाकर हमला करती हैं। उनके अनुसार, कांग्रेस भी देश को बदनाम करने के लिए इसी तरह के प्रयास करती है।
प्रधानमंत्री ने कहा, “देश कांग्रेस के ऐसे कुकर्मों को कभी माफ नहीं करेगा।”
3. रक्षा सौदों में घोटालों का मुद्दा
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस शासनकाल के दौरान हुए रक्षा सौदों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले के दौर में विदेशी रक्षा सौदों में बड़े-बड़े घोटाले सामने आते थे, जिससे सेना की तैयारी और मनोबल प्रभावित होता था।
पीएम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के समय सैनिकों को जरूरी हथियार और संसाधन तक समय पर उपलब्ध नहीं कराए गए। उन्होंने ‘वन रैंक, वन पेंशन’ का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सैनिक परिवारों को वर्षों तक इस अधिकार से वंचित रखा गया।
उन्होंने अपनी सरकार की नीतियों का जिक्र करते हुए कहा कि बीते वर्षों में रक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और आत्मनिर्भरता पर विशेष ध्यान दिया गया है।
4. सेना की कार्रवाई और राष्ट्रीय गौरव
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत की सेना ने आतंकवाद और दुश्मनों के खिलाफ हर मोर्चे पर निर्णायक कार्रवाई की है। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय सेना ने दुनिया को अपनी क्षमता का परिचय दिया।
पीएम ने कहा कि हर मिशन में सेना ने विजय प्राप्त की और देश का मान बढ़ाया। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उसने सेना की कार्रवाई पर भी सवाल उठाकर दुश्मनों के दुष्प्रचार को हवा दी।
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि देश की सुरक्षा और सेना के मनोबल पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
5. राजस्थान से दिया राजनीतिक संदेश
राजस्थान की धरती से दिए गए इस संबोधन को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। पीएम ने कहा कि देश आज विकास, आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ रहा है, लेकिन कांग्रेस हर सकारात्मक कदम का विरोध करती है।
उन्होंने कहा कि जनता अब जागरूक है और देश के हितों के खिलाफ जाने वालों को सबक सिखा रही है। पीएम ने विकास योजनाओं, सुरक्षा और वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका को अपनी सरकार की उपलब्धि बताया।
राजस्थान में दिए गए इस भाषण के जरिए प्रधानमंत्री ने साफ संकेत दिया कि आगामी राजनीतिक मुकाबलों में राष्ट्रीय सुरक्षा, वैश्विक प्रतिष्ठा और कांग्रेस के पुराने रिकॉर्ड को प्रमुख मुद्दा बनाया जाएगा। उनके संबोधन ने जहां समर्थकों में उत्साह भरा, वहीं विपक्ष पर सीधे हमले से सियासी तापमान भी बढ़ा दिया है।
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