एक मस्जिद गिरेगी तो 10 बनेगी; जयपुर बुलडोजर ऐक्शन पर कांग्रेस MLA रफीक खान की टिप्पणी
कांग्रेस के मुख्य सचेतक रफीक खान का भी एक वीडियो सामने आया है, जो रविवार (7 जून) का बताया जा रहा है। वीडियो में उन्होंने नूरानी मस्जिद को लेकर कई महत्वपूर्ण दावे किए। उन्होंने कहा कि यह मस्जिद 1981 में स्थानीय लोगों की जमा पूंजी से खरीदी गई जमीन पर बनाई गई थी और वहां वर्षों से नमाज अदा की जा रही है।

जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत धार्मिक स्थलों को दिए गए नोटिस के बाद मुस्लिम समाज में नाराजगी और चिंता देखने को मिली है। नूरानी मस्जिद समेत पांच धार्मिक स्थलों को नोटिस जारी किए जाने के बाद स्थानीय स्तर पर बैठकें और चर्चा तेज हो गई हैं।
कांग्रेस विधायक अमीन कागजी की भावुक प्रतिक्रिया
इस दौरान कांग्रेस विधायक अमीन कागजी की भावुक प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि वे अपनी मस्जिद को अपने हाथों से ढहाने का निर्णय नहीं ले सकते। कागजी ने प्रशासन से अनुरोध किया कि मस्जिद के ढांचे को 40 फीट से घटाकर 20 फीट किया जाए, ताकि धार्मिक गतिविधियां जारी रह सकें। उन्होंने कहा कि इबादत जारी रहेगी, लेकिन इस तरह की कार्रवाई स्वीकार करना आसान नहीं है।
रफीक खान का वीडियो और 1981 की जमीन का दावा
कांग्रेस के मुख्य सचेतक रफीक खान का भी एक वीडियो सामने आया है, जो रविवार (7 जून) का बताया जा रहा है। वीडियो में उन्होंने नूरानी मस्जिद को लेकर कई महत्वपूर्ण दावे किए। उन्होंने कहा कि यह मस्जिद 1981 में स्थानीय लोगों की जमा पूंजी से खरीदी गई जमीन पर बनाई गई थी और वहां वर्षों से नमाज अदा की जा रही है।
JDA मास्टर प्लान और 80 फीट सड़क पर सवाल
रफीक खान ने आरोप लगाया कि जयपुर विकास प्राधिकरण का मास्टर प्लान बाद में लागू हुआ, जबकि जमीन का सौदा पहले ही 1981 में हो चुका था। उन्होंने यह भी कहा कि 29 जून 1994 को विकास शुल्क JDA में जमा किया गया था। इसके बावजूद बिना उचित फिजिकल वेरिफिकेशन के 2000 के बाद सड़क को 80 फीट घोषित कर दिया गया।
प्रशासनिक प्रक्रिया और समाधान की कमी का आरोप
कांग्रेस विधायक ने कहा कि स्थानीय लोगों ने कई बार अधिकारियों से बातचीत की कोशिश की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। उन्होंने यह भी कहा कि इलाके में नमाज अदा करने के लिए सीमित जगह है, जिससे स्थानीय समुदाय को परेशानी हो रही है।
कानूनी लड़ाई और सियासी बयानबाजी तेज
रफीक खान ने कहा कि वे इस मामले को कानूनी रूप से लड़ेंगे और हर स्तर पर अपनी बात रखेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन डराने की कोशिश कर रहा है, लेकिन मुस्लिम समाज किसी दबाव में आने वाला नहीं है। उन्होंने कहा, “अगर एक मस्जिद गिरेगी तो 10 मस्जिदें बनेंगी,” और इसे गंगा-जमुनी तहजीब का हिस्सा बताते हुए माहौल बिगाड़ने की किसी भी कोशिश का विरोध किया।
जयपुर की सियासत में बढ़ा तनाव
इस पूरे मामले के बाद जयपुर की सियासत एक बार फिर गर्म हो गई है। एक तरफ JDA की कार्रवाई जारी है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस विधायकों के बयानों ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। प्रशासनिक कार्रवाई और धार्मिक भावनाओं के बीच यह मामला अब कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर आगे बढ़ता नजर आ रहा है।
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