जयपुर ‘पिंक एलिफेंट’ फोटोशूट: एक महीने पहले हुई हाथी चंचल की मौत, क्या है पूरा मामला?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों के बीच अब यह जानकारी सामने आई है कि इस शूट में इस्तेमाल की गई मादा हाथी ‘चंचल’ की करीब एक महीने पहले मौत हो चुकी है। हालांकि, अधिकारियों ने साफ किया है कि उसकी मौत का इस फोटोशूट से कोई संबंध नहीं है। -- --

जयपुर में एक रूसी फोटोग्राफर के ‘पिंक एलिफेंट’ फोटोशूट को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों के बीच अब यह जानकारी सामने आई है कि इस शूट में इस्तेमाल की गई मादा हाथी ‘चंचल’ की करीब एक महीने पहले मौत हो चुकी है। हालांकि, अधिकारियों ने साफ किया है कि उसकी मौत का इस फोटोशूट से कोई संबंध नहीं है।
यह फोटोशूट रूसी आर्ट फोटोग्राफर Julia Buruleva ने नवंबर 2025 में किया था। लेकिन हाल के दिनों में इसकी तस्वीरें और वीडियो वायरल होने के बाद मामला सुर्खियों में आया। शूट में एक मॉडल के साथ हाथी को चमकीले गुलाबी रंग में रंगकर पेश किया गया था, जिसने इंटरनेट पर बहस छेड़ दी।
‘चंचल’ की मौत ने बढ़ाई संवेदनशीलता
जानकारी के मुताबिक, फोटोशूट में दिखने वाली हाथी ‘चंचल’ की उम्र करीब 70 साल थी। यह हाथियों के लिए एक उन्नत आयु मानी जाती है। स्थानीय लोगों और अधिकारियों का कहना है कि उसकी मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है। फिलहाल ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे यह साबित हो कि फोटोशूट और उसकी मौत के बीच कोई संबंध है। फिर भी, वीडियो के वायरल होने और मौत की खबर साथ सामने आने से लोगों की प्रतिक्रिया और तीखी हो गई है।
कैसे हुआ था ‘पिंक एलिफेंट’ फोटोशूट?
यह शूट Hathi Gaon इलाके में किया गया था। हाथी गांव समिति के अनुसार, हाथी को होली में इस्तेमाल होने वाले गुलाल से रंगा गया था, जिसे कुछ ही देर में धो दिया गया था। आयोजकों का दावा है कि इसमें किसी भी तरह के केमिकल का इस्तेमाल नहीं किया गया।फोटोग्राफर जूलिया बुरुलेवा ने अपने कॉन्सेप्ट को जयपुर की ‘पिंक सिटी’ पहचान से जोड़ा। उन्होंने बताया कि राजस्थान की संस्कृति में हाथी एक अहम प्रतीक है, इसलिए उन्होंने इसे अपनी आर्ट स्टोरी में शामिल किया।
सोशल मीडिया पर बंटी राय
इस फोटोशूट को लेकर सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंट गया है। एक वर्ग इसे क्रिएटिव और आर्टिस्टिक प्रोजेक्ट मान रहा है, जबकि बड़ी संख्या में लोग इसे जानवरों के साथ अमानवीय व्यवहार बता रहे हैं। कई यूजर्स ने सवाल उठाए कि क्या इस तरह के शूट के लिए उचित अनुमति ली गई थी और क्या जानवर की सुरक्षा सुनिश्चित की गई थी।
जांच के आदेश
विवाद बढ़ने के बाद राजस्थान वन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह देखा जाएगा कि कहीं वन्यजीव संरक्षण नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ। यदि किसी तरह की लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल ‘पिंक एलिफेंट’ फोटोशूट कला, नैतिकता और पशु अधिकारों के बीच चल रही बहस का बड़ा उदाहरण बन गया है, जहां एक तस्वीर ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।




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