पिकनिक बना काल! कोटा में चंबल नदी ने 8 दोस्तों को निगला, 4 की लाशें मिलीं; कैसे हुआ हादसा?
राजस्थान के कोटा से चार दोस्तों के मरने की दुखद खबर सामने आई है। चंबल नदी में डूबे दोस्तों में से चार के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि चार अन्य की तलाश जारी है।

राजस्थान के कोटा जिले में सोमवार को चंबल नदी में अचानक पानी बढ़ने से बह गए लोगों में से अब तक चार के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि चार अन्य की तलाश जारी है। हादसा उस समय हुआ जब एक ही गांव के आठ लोग पिकनिक मनाने के दौरान नदी में नहा रहे थे।
हादसा कैसे हुआ?
सोमवार दोपहर कोटा बैराज के 12 गेट खोले जाने के कारण चंबल नदी का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ गया। इसी दौरान कोटा जिले के एक गांव से आए आठ युवक हरी सिंह गांव के पास नदी में नहा रहे थे। पानी की तेज धार में छह लोग बह गए, जबकि दो किसी तरह बच निकले।
अब तक चार शव मिले
मंगलवार को पचूलाल मेघवाल (40) और आशू मेघवाल (18) के शव घटनास्थल से क्रमशः तीन और दस किलोमीटर दूर बरामद किए गए। इसके अलावा, बूंदी जिले के केशोरायपाटन इलाके में भी चंबल नदी में दो और शव तैरते हुए देखे गए।
इनमें से एक की पहचान त्रिलोक यादव (30) के रूप में हुई है, जो कोटा शहर के नयापुरा थाना क्षेत्र का निवासी था और रविवार से लापता था। दूसरे शव की पहचान फिलहाल नहीं हो सकी है। यह शव रोटेड़ा पुलिया के पास से बरामद हुआ।
लापता लोगों की पहचान
पुलिस ने जिन छह लोगों के बहने की पुष्टि की है, उनमें से चार अब भी लापता हैं। इनकी पहचान रमेश मेघवाल (35), संजय मेघवाल (38), धर्मराज कोली (22) और देवकीनंद कोली (19) के रूप में की गई है। सभी एक ही गांव के रहने वाले थे।
बचने वाले की गवाही से मिली जानकारी
हादसे में बचे बंशीलाल मेघवाल (35) ने पुलिस को लापता लोगों की पहचान बताई। वह भी इस समूह का हिस्सा थे और किसी तरह बच निकलने में सफल रहे। पुलिस के अनुसार, सदमे के कारण बंशीलाल शुरुआत में स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके, लेकिन बाद में उन्होंने साथियों की पहचान साझा की।
तलाश अभियान जारी
पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों द्वारा नदी में लापता लोगों की तलाश जारी है। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे जाने से बचने की अपील की है, खासकर जब बैराज के गेट खुले हों।




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