हमें क्यों पीट रहे हैं, सैलरी क्यों नहीं बढ़ा रहे; नोएडा में प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने क्या कहा
नोएडा में कारखानों में काम करने वाले मजदूरों की विभिन्न मांगों को लेकर हिंसक प्रदर्शन करने की वजह से दिल्ली से लगी उसकी सीमाओं पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।

नोएडा में कारखानों और कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों ने कई मांगों को लेकर सोमवार को उग्र प्रदर्शन किया। इस दौरान ना सिर्फ नारेबादी की गई, बल्कि पथराव के साथ-साथ तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं भी हुई। इस प्रदर्शन के चलते सुबह ऑफिस जाने वाले लोगों को भी काफी परेशानी हुई। दिल्ली से लगी उसकी सीमाओं पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।विरोध प्रदर्शनों की वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग 9 समेत कई रास्तों पर जाम लग गया और व्यस्त समय में लोग सड़कों पर फंसे रहे और गाड़ियों की कतारें कई किलोमीटर तक लग गईं। स्थिति को देखते हुए दिल्ली के प्रमुख प्रवेश बिंदुओं पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई।
अधिकारियों के मुताबिक, सुबह के समय नोएडा के अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों के मज़दूर वेतन बढ़ाने की अपनी लंबे समय से चली आ रही मांग को लेकर इकट्ठा हुए और उन्होंने नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन जल्द ही हिंसक हो गया, जिसमें कुछ प्रदर्शनकारियों ने कुछ संपत्तियों तोड़-फोड़ की, पत्थर फेंके और गाड़ियों में आग लगा दी।
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, 'हालात को संभालने और ट्रैफिक को व्यवस्थित करने के लिए दिल्ली पुलिस और नोएडा पुलिस के जवानों को तैनात किया गया था, लेकिन गाड़ियों की लंबी कतारों की वजह से जाम लग गया। वहीं जब प्रदर्शनकारियों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि सरकार उनकी सैलरी नहीं बढ़ा रही।
‘बिना किसी गलती के हमें पीटा गया’
एक महिला प्रदर्शनकारी ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, मैं मदरसन में काम करती हूं। वे हमें कम वेतन दे रहे हैं। हमें ज्यादा सैलरी चाहिए। जब हमने धरना दिया, तो उन्होंने बिना किसी गलती के हमें पीटा। सिलेंडर, सब्जियां और सब कुछ महंगा है।
महिला ने आगे कहा, मेरे पैरों में चोट लगी है। मेरी मांग है कि हमें 20,000 रुपए सैलरी दी जाए। तभी हम अपना गुजारा कर पाएंगे। नहीं तो विरोध जारी रहेगा।
‘पुलिसकर्मी लड़कियों को लाठियों से पीट रहे हैं’
एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा, सरकार ने हमारी सैलरी बढ़ाने का वादा किया था। सरकार हमारी सैलरी क्यों नहीं बढ़ा रही है? पुलिसकर्मी महिलाओं को लाठियों से क्यों पीट रहे हैं? लाठीचार्ज की क्या जरूरत है? घटनास्थल से वायरल हो रहे कई वीडियो भी सामने आए हैं जिसमें अफरा-तफरी देखी जा सकती है।
नोएडा में प्रदर्शनकारियों की मांगें
एक कामगार, मंजू देवी ने बताया कि वह कम वेतन पर लंबे समय तक काम रही हैं। उन्होंने कहा, हमारा वेतन बहुत कम है। मुझे 13,000 रुपए प्रति माह मिलते हैं। और मैं दिन में 12 घंटे काम करती हूं। उन्होंने आगे कहा, इस सैलरी में मैं चार बच्चों का पालन-पोषण कैसे करूंगी? मैं उन्हें खाना और शिक्षा कैसे दूंगी?
एक अन्य कामगार ने कहा, हमारी समस्या यह है कि पेट्रोल की कीमतें बढ़ रही हैं लेकिन हमारी सैलरी नहीं बढ़ रही है। उन्होंने कहा, सैलरी 13,000 रुपए है, इसे बढ़ाकर 20,000 रुपए किया जाना चाहिए।




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