जमानत नहीं मिली, फिर भी क्यों खुश हैं उमर खालिद? अपनी दोस्त से ये कहा
एक ओर जमानत नहीं मिलने पर निराश पिता एस.क्यू.आर इलियास ने इसे 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया है, तो वहीं दूसरी ओर उमर खालिद का भावुक संदेश सामने आया। इसमें उन्होने खुशी भी जाहिर की है। उमर की सहयोगी और करीबी दोस्त बनोज्योत्सना ने इसकी जानकारी दी।

2020 दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। एक ओर जमानत नहीं मिलने पर निराश पिता एस.क्यू.आर इलियास ने इसे 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया है, तो वहीं दूसरी ओर उमर खालिद का भावुक संदेश सामने आया। इसमें उन्होने खुशी भी जाहिर की है। आखिर इस खुशी की क्या वजह है? उमर खालिद की सहयोगी और करीबी दोस्त बनोज्योत्सना लाहिड़ी ने इसकी जानकारी दी।
उमर खालिद की खुशी की क्या वजह?
बनोज्योत्सना लाहिड़ी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में उमर से हुई बातचीत को लिखा है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उमर ने कहा- जिन लोगों को बेल मिल गई है, मैं उनके लिए बहुत खुश हूं। इस पर बनोज्योत्सना ने जवाब दिया- मैं कल मुलाकात के लिए आऊंगी। इस पर उमर ने जवाब दिया- आ जाना अब यही जिंदगी है। इस तरह उनके मेसेज में खुशी और गम दोनो दिखाई दिए।
उमर और शरजील के अलावा इनको मिली बेल
सुप्रीम कोर्ट ने 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में आरोपियों उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा- उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत प्रथम दृष्टया मामला बनता है। न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति एन वी अंजारिया की पीठ ने इस मामले में अन्य आरोपियों गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को जमानत दे दी।
सुप्रीम कोर्ट और उमर के पिता क्या बोले?
जमानत न मिलने पर उमर के पि इलियास ने कहा, “कुछ नहीं कहना। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। मुझे कुछ नहीं बोलना। फैसला सामने है और मुझे कुछ नहीं कहना है।” आपको बताते चलें कि फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों में 53 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक घायल हुए थे। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मुकदमे में देरी कोई “तुरुप का इक्का” नहीं है, जो वैधानिक सुरक्षा उपायों को स्वतः ही दरकिनार कर दे।




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