Union Budget 2026 Medanta Chairman Naresh Trehan welcomes health focused measures नरेश त्रेहन ने हेल्थ सेक्टर के बजट को दूरदर्शी बताया, और क्या बोले मेदांता के चेयरमैन, Ncr Hindi News - Hindustan
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नरेश त्रेहन ने हेल्थ सेक्टर के बजट को दूरदर्शी बताया, और क्या बोले मेदांता के चेयरमैन

मेदांता के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर नरेश त्रेहन ने केंद्रीय बजट 2026-27 में हेल्थ सेक्टर को लेकर घोषित किए उपायों का स्वागत करते हुए उन्हें दूरदर्शी बताया है। उन्होंने इन उपायों को भारत के बढ़ते बीमारियों के बोझ और लंबे समय की हेल्थकेयर जरूरतों के हिसाब से सही कदम बताया।

Sun, 1 Feb 2026 02:54 PMSubodh Kumar Mishra एएनआई, नई दिल्ली
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नरेश त्रेहन ने हेल्थ सेक्टर के बजट को दूरदर्शी बताया, और क्या बोले मेदांता के चेयरमैन

मेदांता के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर नरेश त्रेहन ने केंद्रीय बजट 2026-27 में हेल्थ सेक्टर को लेकर घोषित किए उपायों का स्वागत करते हुए उन्हें दूरदर्शी बताया है। उन्होंने इन उपायों को भारत के बढ़ते बीमारियों के बोझ और लंबे समय की हेल्थकेयर जरूरतों के हिसाब से सही कदम बताया।

बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए त्रेहन ने कहा कि ये सभी सही दिशा में उठाए गए मज़बूत कदम हैं। भारत संक्रामक बीमारियों को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। दूसरी ओर, कैंसर, मोटापा और डायबिटीज जैसी गैर-संक्रामक बीमारियों का बोझ बढ़ रहा है। सवाल यह है कि अब हम उस हिस्से को कैसे कंट्रोल करें?

उन्होंने कहा कि बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स में रिसर्च और डेवलपमेंट पर सरकार का फोकस बहुत जरूरी है, क्योंकि ये थेरेपी पुरानी बीमारियों को मैनेज करने में अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने आगे कहा कि बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स को डेवलप करने के लिए काफी रिसर्च की जरूरत होती है। बजट में इसे बढ़ावा दिया गया है।

त्रेहन ने मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य की भी बड़ी समस्याएं हैं। यह बहुत अच्छी बात है कि मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों की स्थापना भी एक बहुत ही सकारात्मक कदम है। उन्होंने उत्तर भारत में NIMHANS 2.0 स्थापित करने और रांची और तेजपुर में मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों को अपग्रेड करने के प्रस्ताव का जिक्र करते हुए यह बात कही।

मेडिकल वैल्यू ट्रैवल पर त्रेहन ने कहा कि अपनी क्षमता के बावजूद यह सेक्टर अभी भी पूरी तरह इस्तेमाल नहीं हुआ है। मेडिकल ट्रैवल वैल्यू भी एक बड़ा अनछुआ क्षेत्र है, जिसे हम व्यवस्थित कर सकते हैं। हर राज्य में पांच हब स्थापित करने के प्रस्ताव की पहचान की जा सकती है और प्रमोशन के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। हम अगले एक या दो साल में इसे दोगुना या तिगुना कर सकते हैं।

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उन्होंने ट्रेनिंग, शिक्षा और पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों पर जोर देने का भी स्वागत किया। कहा कि तीन अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों का विकास वेलनेस में योगदान देगा। आयुर्वेद में न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी ठीक करने की क्षमता है। यह प्रमोशन राष्ट्रीय स्वास्थ्य में योगदान देगा।

हालांकि, उन्होंने कहा कि कुल हेल्थ एलोकेशन में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि हमें आने वाले सालों में हेल्थकेयर डिलीवरी सिस्टम को दोगुना करने की जरूरत है, खासकर ग्रामीण स्वास्थ्य में।

अपने बजट भाषण में निर्मला सीतारमण ने 10000 करोड़ रुपए के खर्च के साथ बायोफार्मा शक्ति पहल, मेंटल हेल्थ और ट्रॉमा केयर इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार, कैंसर की दवाओं पर कस्टम ड्यूटी में छूट और आयुर्वेद, बायोसिमिलर और सहायक हेल्थकेयर सिस्टम को मजबूत करने के उपायों की घोषणा की।

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