बजट में गुरुग्राम को मिलेगी नमो भारत की सौगात? बावल और ग्रेटर नोएडा तक ट्रेन चलाने की उम्मीद
बजट 2026 में गुरुग्राम-बावल और गुरुग्राम-ग्रेटर नोएडा नमो भारत कॉरिडोर के लिए फंड मिलने की आस है। साथ ही व्यापारी जीएसटी सरलीकरण और घर खरीदार होम लोन ब्याज पर छूट बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

केंद्र सरकार की ओर से वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आम बजट एक फरवरी को पेश किया जाएगा। बजट से स्थानीय लोगों को गुरुग्राम-फरीदाबाद से ग्रेटर नोएडा और दिल्ली के सराय काले खां से गुरुग्राम होते हुए रेवाड़ी के बवाल तक नमो भारत ट्रेन चलाने के प्रोजेक्ट को फंड मिलने की आस है।
अभी इन नमो भारत ट्रेन की परियोजना कागजों में है। दिल्ली से गुरुग्राम होते हुए बावल तक नमो भारत ट्रेन को लेकर करीब 31 हजार करोड़ रुपये की लागत आएगी, जबकि गुरुग्राम से फरीदाबाद होते हुए ग्रेटर नोएडा तक करीब 60 किमी लंबी नमो भारत ट्रेन के संचालन में करीब 16 हजार करोड़ की लागत आनी है। दोनों नमो भारत परियोजना इफको चौक पर आपस में मिलेगी।
ब्याज छूट सीमा बढ़ाने की मांग
घर खरीदार ब्याज छूट सीमा को 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख करने की मांग कर रहे हैं। गृहणियों को इस बजट से रोजमर्रा की वस्तुएं कम होने को लेकर काफी उम्मीद है। उनका कहना है कि राशन, सिलेंडर और अन्य जरूरत की वस्तुओं के दाम कम होने चाहिए। कामगार महिलाएं भी अलग से फंड की मांग कर रही हैं।
आर्थिक रूप से छोटे व्यापारियों को लाभ मिले
ऑनलाइन बिक्री से छोटे व्यापारियों को राहत मिले। सदर बाजार के व्यापारी प्रताप सिंह कदम ने कहा कि छोटे व्यापारियों को ऑनलाइन ब्रिकी करने वाली बड़ी कंपनियों से सुरक्षा का उपाय भी बजट में व्यवस्था हो, ताकि छोटे दुकानदार भी आगे बढ़ सकें। अर्थव्यवस्था में वे अपना अधिक से अधिक सहयोग दे सकें। कृषि और सिंचाई पर ध्यान दिया जाए।
बजट में सरकार से कई अपेक्षाएं
केंद्रीय बजट में लघु और सूक्ष्म उद्योगों को विशेष छूट मिल सकती है। गुड़गांव उद्योग एसोसिएशन अध्यक्ष प्रवीण यादव ने कहा कि वह केंद्र सरकार के बजट से काफी अपेक्षाएं रखते हैं। इस बार बजट में देश पर विदेशी प्रभाव करने की दिशा में घरेलू मांग और विनिर्माण को गति देने के लिए भी कोई रूपरेखा प्रस्तुत की जा सकती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार एमएसएमई के मद्देनजर लेबर और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जो प्रमोशन स्कीम के माध्यम से स्पोर्ट कर रही है। उनका लाभ जरूरतमंदों को जमीनी स्तर पर मिल नहीं रहा है।
दस्तावेजी प्रक्रिया कम होनी चाहिए
गुरुग्राम व्यापार मंडल के महासचिव प्रदीप मोदी ने कहा कि भले ही केंद्र सरकार ने पिछले बजट में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों पर विशेष ध्यान दिया, लेकिन व्यापार की दृष्टि से अभी भी काफी जटिलताएं बरकरार हैं। केंद्र सरकार को व्यापारिक दृष्टिकोण के चलते अधिकांश प्रक्रियाओं को पेपरलेस करना चाहिए। व्यापारी/कारोबारी के पास दस्तावेजी प्रक्रिया के लिए समय की काफी कमी रहती है। सुगम कारोबार चल सके, इसके लिए अन्य कई तरह की जटिलताओं को खत्म करने की ओर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
जीएसटी को और सरल किया जाए
गुरुग्राम के व्यापारी सुधीर और अधिवक्ता पीडी शर्मा ने कहा कि केंद्रीय बजट में छोटे व्यापारियों को कर मुक्त कर दिया जाना चाहिए। जीएसटी के सरलीकरण को अगले चरण पर ले जाकर उसमें राहत दी जानी चाहिए। सरकार से व्यापारी की भविष्य सुरक्षा गारंटी पर विचार करने को कहा। कारोबारी अभी भी जीएसटी की अधिक सरलता की मांग कर रहे हैं।




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