तुर्कमान गेट के संवेदनशील इलाकों में ड्रोन से रखी जा रही नजर, दो और गिरफ्तार
दिल्ली के तुर्कमान गेट में अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई हिंसा में पुलिस ने अब तक 18 लोगों को गिरफ्तार किया है। अफवाह के बाद भड़की पत्थरबाजी में 5 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। फिलहाल ड्रोन से निगरानी और भारी बल की तैनाती के साथ स्थिति नियंत्रण में है।

दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई पत्थरबाजी के मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 18 हो गई है। यह हिंसा 6 और 7 जनवरी की रात उस वक्त भड़की थी जब सोशल मीडिया पर मस्जिद तोड़े जाने की गलत खबर फैल गई थी। इसके बाद भीड़ ने पुलिस पर पत्थर और बोतलें फेंकीं। हमले में थाना प्रभारी समेत 5 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। तुर्कमान गेट के संवेदनशील इलाकों में ड्रोन से नजर रखी जा रही है। साथ ही सुरक्षा कड़ी रखी जा रही है।
अब तक ये आरोपी अरेस्ट
गिरफ्तार किए गए 18 आरोपियों में मोहम्मद नावेद, मोहम्मद फैज, मोहम्मद उबैदुल्लाह, मोहम्मद आरिब, मोहम्मद काशिफ, मोहम्मद कैफ, मोहम्मद अदनान, समीर हुसैन, मोहम्मद अतहर, शहनवाज आलम, मोहम्मद इमरान, मोहम्मद इमरान उर्फ राजू, मोहम्मद अफ्फान, मोहम्मद आदिल, मोहम्मद आमिर हमजा, मोहम्मद उबैदुल्लाह, फहीम और मोहम्मद शहजाद शामिल हैं।
सुरक्षा बल तैनात, ड्रोन से रखी जा रही नजर
पुलिस ने बताया कि तुर्कमान गेट के संवेदनशील इलाकों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की गई है। एक अधिकारी के अनुसार, पूरे क्षेत्र की निगरानी ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जा रही है। मौजूदा वक्त में हालात पूरी तरह नियंत्रण में और शांतिपूर्ण हैं।
पत्थरबाजी मामले की जांच जारी
अधिकारी ने आगे बताया कि पत्थरबाजी और बवाल मामले की जांच चल रही है। जांच टीमें डिजिटल सबूतों की बारीकी से जांच कर रही हैं। अफवाह फैलाने वालों और पत्थरबाजी में शामिल लोगों की पहचान करने की प्रक्रिया अब भी चल रही है।
5 पुलिसकर्मी हुए थे घायल
बता दें कि दिल्ली के रामलीला मैदान के पास फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास 6 और 7 जनवरी की रात को अवैध अतिक्रमण हटाने के दौरान हिंसा भड़क गई थी। उपद्रवियों ने पुलिस पर पत्थर और कांच की बोतलें फेंकीं थीं। इसमें थाना प्रभारी सहित 5 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
फैली थी अफवाह
हालांकि दिल्ली पुलिस ने तत्परता के साथ स्थिति को नियंत्रित कर लिया था। पुलिस की ओर से बल प्रयोग भी किया गया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, तनाव तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई गई कि अतिक्रमण हटाने के दौरान मस्जिद को तोड़ा जा रहा है। अफवाह फैलने के कारण बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा होने लगे थे। उपद्रवियों ने प्रशासन के काम में बाधा डालने की कोशिश की थी।




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