यह पूरी तरह से तानाशाही, AAP में लोकतंत्र कहां बचा; राघव चड्ढा को पद से हटाने के खिलाफ भाजपा से उठी आवाज
भाजपा को जवाब देते हुए सौरभ भारद्वाज ने कहा, 'भाजपा कमजोर नहीं बहुत मजबूत पार्टी है , इस मजबूती को दर्शाते हुए आप भी सुब्रह्मण्यम स्वामी जी को निष्कासित करें। अपने अंदरूनी विपक्ष का सम्मान करने के लिए मधुकिश्वर जी और सुब्रह्मण्यम स्वामी जी दोनों को राज्यसभा भेज दें।'

आम आदमी पार्टी (AAP) ने गुरुवार को अपने वरिष्ठ नेता राघव चड्डा को राज्यसभा में उप-नेता (डिप्टी लीडर) पद से हटा दिया। उनकी जगह अब पंजाब से ही राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल को यह अहम जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इस फैसले को लेकर आम आदमी पार्टी के नेता तो कुछ नहीं कह रहे हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी से राघव चड्ढा के लिए आवाजें जरूर उठ रही हैं, या यूं कहें कि वो इस मुद्दे को लेकर पार्टी पर तंज कस रहे हैं। दिल्ली से भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने AAP के इस फैसले को पूरी तरह से तानाशाही बताया है और कहा है कि केजरीवाल की पार्टी में अब लोकतंत्र कहां बचा है।
इस बारे में ANI से बात करते हुए भाजपा सांसद बिधूड़ी ने कहा, 'राघव चड्ढा जी मेरे साथ दिल्ली विधानसभा में रहे हैं, जब मैं नेता प्रतिपक्ष था, वो अच्छे वक्ता हैं। यदि आम आदमी पार्टी के नेतृत्व ने उनके बोलने पर रोक लगाई है तो मैं समझता हूं कि यह पूरी तरह से तानाशाही है। पार्टी में यदि आप इतने वरिष्ठ साथी को, जिनको बहुत ही अच्छे से सुना जाता है, तो यदि उनके बोलने पर भी आप पाबंदी लगाएंगे तो मैं अरविंद केजरीवाल जी से पूछना चाहता हूं कि फिर उनकी पार्टी में लोकतंत्र कहां बचा है। यदि ऐसा कोई निर्णय AAP नेतृत्व ने किया है, मैं उसकी कड़ी निंदा करता हूं।
'आजादी के बाद शायद कभी ऐसा नहीं हुआ'
वहीं राघव चड्ढा को राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटाने पर भाजपा सांसद ने आगे कहा, 'ये उनका अंदरूनी मामला है, उनको डिप्टी लीडर रखे ना रखे, लेकिन अपनी पार्टी के वरिष्ठ सांसद के बोलने पर आप रोक लगा दें, मैं समझता हूं कि आजादी के बाद से आज तक किसी भी पार्टी ने ऐसा निर्णय नहीं किया होगा। मैं समझता हूं कि पूरी तरह से उन्होंने अपनी पार्टी के अंदर लोकतंत्र की हत्या कर दी है।'
'राघव चड्ढा ने अराजक व भ्रष्ट नेतृत्व से बनाई दूरी'
उधर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा की प्रतिक्रिया को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए दिल्ली भाजपा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा, 'आम आदमी पार्टी के नेतृत्व का यह अधिकार है कि वह अपने संसदीय दल का नेता नियुक्त करे, लेकिन जिस तरह सांसद राघव चड्ढा को न केवल राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटाया गया है, बल्कि पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय से यह भी अनुरोध किया है कि उन्हें सदन में बोलने का समय न दिया जाए, उससे स्पष्ट है कि राघव चड्ढा ने अरविंद केजरीवाल के अराजक और भ्रष्ट नेतृत्व से दूरी बना ली है।'
'केजरीवाल एक कमजोर नेता, वह ऐसा नहीं करेंगे'
अपनी पोस्ट में पार्टी ने आगे लिखा, 'पहले स्वाति मालीवाल और अब राघव चड्ढा, जो आम आदमी पार्टी की नींव रहे हैं, अरविंद केजरीवाल से दूर हो गए हैं। संभव है कि कुछ अन्य लोग भी आम आदमी पार्टी के दैनिक कार्यों से दूरी बना चुके हों। बेहतर होता कि अरविंद केजरीवाल नैतिक जिम्मेदारी दिखाते हुए स्वाति मालीवाल और राघव चड्ढा को पार्टी से निष्कासित कर देते, लेकिन हम सभी जानते हैं कि केजरीवाल एक कमजोर नेता हैं, जिनमें विपक्ष का सामना करने का साहस नहीं है, चाहे वह विपक्षी दलों से हो या पार्टी के भीतर से।'
सौरभ भारद्वाज ने दिया वीरेंद्र सचदेवा को जवाब
उधर भाजपा नेता को जवाब देते हुए आम आदमी पार्टी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने लिखा, 'भाजपा कमजोर नहीं बहुत मजबूत पार्टी है , इस मजबूती को दर्शाते हुए आप भी सुब्रह्मण्यम स्वामी जी को निष्कासित करें। भाजपा और प्रधान मंत्री दोनों को अपने अंदरूनी विपक्ष का सम्मान करने के लिए मधुकिश्वर जी और सुब्रह्मण्यम स्वामी जी दोनों को राज्यसभा भेज दें।'




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