‘दिल्ली की शान है खान मार्केट’; HC ने दी बिना फायर NOC रेस्टोरेंट चलाने की इजाजत, लेकिन एक शर्त
दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को खान मार्केट को ‘दिल्ली की शान’ बताते हुए, इस इलाके के कई रेस्टोरेंट को बिना फायर एनओसी के चलने की अनुमति दे दी है। लेकिन इस शर्त के साथ कि ये 50 से कम लोगों की क्षमता बनाए रखेंगे।

दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को खान मार्केट को ‘दिल्ली की शान’ बताते हुए, इस इलाके के कई रेस्टोरेंट को बिना फायर एनओसी के चलने की अनुमति दे दी है। लेकिन इस शर्त के साथ कि ये 50 से कम लोगों की क्षमता बनाए रखेंगे। जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने कहा कि ये रेस्टोरेंट शहर के सबसे प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण व्यावसायिक क्षेत्र में स्थित हैं, जिसमें शुरुआत से ही संरचनात्मक परेशानियां रही हैं, और कोर्ट नहीं चाहता कि ये किसी बाहरी परिस्थिति के चलते बंद हो जाएं। कोर्ट खान मार्केट के कई रेस्तरांओं, जिनमें खान चाचा, एंग्लो, स्टारबक्स कॉफी और स्लाई ग्रैनी शामिल हैं, की याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था।
रेस्तरांओं ने अपने हल्थ लाइसेंस के रिन्यूवल और अन्य मंजूरियों की मांग की थी ताकि वे अधिकारियों द्वारा फायर एनओसी को पूर्व शर्त के रूप में अनिवार्य किए बिना अपना बिजनेस चला सकें। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा, ये दुकानें दिल्ली के सबसे प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण व्यावसायिक क्षेत्र में स्थित हैं, जो एक हेरिटेज मार्केट भी है। इस बाजार की बनावट, इसका खास अंदाज और संस्कृति पूरी दुनिया में पहचानी जाती है। इमारत की बनावट ऐसी है कि पहली और दूसरी मंजिल पर बने रेस्टोरेंट्स में आने-जाने के लिए केवल एक ही रास्ता संभव है। यह स्थिति इस बाजार के बनने के समय से ही ऐसी चली आ रही है।
कोर्ट ने आदेश दिया, याचिकाकर्ताओं को केवल फायर एनओसी न होने के कारण रेस्तरां चलाने से नहीं रोका जाएगा, बशर्ते याचिकाकर्ताओं के रेस्तरां में एक समय में 50 से कम लोग ही मौजूद हों। कोर्ट ने कहा अगर अग्नि सुरक्षा उपायों के अभाव में याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई विचाराधीन है, तो उसे 30 दिन की पूर्व सूचना के बिना लागू नहीं किया जाएगा।
याचिकाकर्ताओं ने दिया आश्वासन
याचिकाकर्ताओं ने आश्वासन दिया कि वे एक समय में 50 से अधिक मेहमानों को नहीं रखेंगे और फायर एनओसी को छोड़कर नॉन असेंबली बिल्डिंग के लिए सभी आवश्यक अनुपालनों का पालन करेंगे। यह देखते हुए कि याचिकाकर्ताओं पर अविश्वास करने का कोई कारण नहीं दिखता, अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ताओं को केवल संरचनात्मक बाधाओं के कारण अपने रेस्तरां चलाने से नहीं रोका जाना चाहिए।
याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि उनके रेस्तरां में बैठने की क्षमता केवल 48 है और दिल्ली के एकीकृत भवन उपनियम, 2016 के अनुसार, 50 से कम लोगों के बैठने की क्षमता के लिए फायर एनओसी की जरूरत नहीं है।




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