मर्डर, एनकाउंटर और नालायक औलाद; गाजियाबाद में मारे गए सूर्या चौहान पर कैसे बढ़ गया हंगामा
बकरीद के दिन गाजियाबाद में सूर्या चौहान को मारने वाले मुख्य आरोपी असद के एनकाउंटर पर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग जहां इसे इंसाफ बता रहे हैं, वहीं कुछ लोग बिना किसी उचित ट्रायल के पुलिस की इस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में बकरीद के दिन हुए सूर्या चौहान मर्डर केस के मुख्य आरोपी असद के एनकाउंटर पर नई बहस छिड़ गई है। कुछ लोग जहां इसे इंसाफ बता रहे हैं, वहीं कुछ लोग बिना किसी उचित ट्रायल के पुलिस की इस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्षी नेता सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार पर यूपी को ‘जंगल राज’ में धकेलने का आरोप लगा रहे हैं। सपा के एक बड़े नेता ने उत्तर प्रदेश में 'एक खास धार्मिक पूर्वाग्रह' के साथ एनकाउंटर करने का आरोप लगाया है।
गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में 28 मई को 11वीं क्लास में पढ़ने वाले 17 वर्षीय सूर्या चौहान की चाकू से गोदकर हत्या निर्मम हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने हत्या के मामले में फरार वॉन्टेड आरोपी असद की गिरफ्तारी पर ₹50,000 का इनाम रखा था। 31 मई की सुबह गाजियाबाद पुलिस के साथ हुए एनकाउंटर में असद भी मारा गया था। अधिकारियों ने बताया कि वसुंधरा के पास पुलिस टीम जब उसे रोकने की कोशिश कर रही थी, तो उसने कथित तौर पर पुलिस पर गोली चला दी थी।
असद के पुराने घर पर नोटिस चस्पा
सूर्या की मौत बाद से पीड़ित परिवार, दूसरे समुदाय के स्थानीय लोगों और हिन्दू संगठनों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के एनकाउंटर और उनके घरों पर बुलडोजर चलाने की की मांग की थी। पीड़ित पक्ष इस एनकाउंटर को इंसाफ बता रहा है। वहीं, अब जिला प्रशासन ने इस मामले में बुलडोजर एक्शन के लिए कथित तौर पर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर बनाए गए असद के पुराने घर पर नोटिस चस्पाकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
एनकाउंटर और उस पर राजनीति
सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बिजनौर में अपने भाषण के दौरान किसी का नाम लिए बिना गाजियाबाद की घटना का जिक्र किया और कहा कि हिंसा की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (SP) ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार पर हमला बोल दिया।
योगी आदित्यनाथ ने मंच से अपने भाषण में कहा “दोस्ती, कैसी दोस्ती?... आपने गाजियाबाद में देखा होगा, दोस्ती की आड़ में छुरेबाजी, यह कतई स्वीकार्य नहीं है, कतई स्वीकार्य नहीं होगा... अगर कोई अपनी नालायक औलाद को समझा नहीं पा रहा है, तो समझो गलती कर रहा है।”
कांग्रेस नेता ने असद के एनकाउंटर पर उठाए सवाल
एचटी की रिपोर्ट के अनुसार, असद के एनकाउंटर के बाद यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में हिंसा की लहर फैल गई है। संदिग्ध के एनकाउंटर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि असली न्याय के बजाय, फर्जी एनकाउंटर पर जोर दिया जा रहा है।
अजय राय ने कहा कि गाजियाबाद समेत पूरे प्रदेश में कई आपराधिक घटनाएं हुई हैं। त्यागी समाज से आने वाले एक खिलाड़ी की बेरहमी से हत्या कर दी गई। हत्याओं का यह सिलसिला लगातार जारी है। अभी हाल ही में, यहीं लखनऊ में दिन-दहाड़े एक जाने-माने बिल्डर की हत्या कर दी गई। गाजीपुर में एक होटल व्यवसायी के बेटे को गोली मार दी गई, और जौनपुर में भी एक और हत्या हो गई है। इस सरकार के राज में आखिर हो क्या रहा है? असली न्याय देने के बजाय, हम देख रहे हैं कि उनका सारा ध्यान 'फर्जी एनकाउंटरों' पर है।
अबू आसिम आजमी बोले- मुस्लिम और यादव का एनकाउंटर जल्दी होता है
वहीं, महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अबू आसिम आजमी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एनकाउंटर एक खास धार्मिक पूर्वाग्रह के साथ किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पीड़ित कोई मुसलमान होता, तो कार्रवाई में इतनी तेजी नहीं दिखाई जाती। अबू आसिम आजमी ने आगे कहा अगर वो सच में अपराधी हैं, तो बेशक उन्हें सजा मिलनी चाहिए। अगर अपराध बहुत गंभीर है तो मौत की सजा दी जाए, लेकिन इसके लिए संविधान बना है, जो इसकी प्रक्रिया तय करता है। हालांकि, ऐसा लगता है कि यूपी में यह सब एक खास धार्मिक पूर्वाग्रह के साथ किया जा रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई व्यक्ति किसी मुसलमान को मार देता है तो उसका जल्दी एनकाउंटर नहीं होता... लेकिन, अगर किसी हिंदू की हत्या हो जाए, चाहे वो कोई मुसलमान करे या यादव तो एनकाउंटर बड़ी जल्दी कर दिया जाता है। यह तरीका बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। आपको इस मामले में धर्म को नहीं घसीटना चाहिए। अपराधी चाहे को कोई भी हो उसके साथ बिना किसी भेदभाव के, बिल्कुल एक जैसा ही बर्ताव किया जाना चाहिए।




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