5 दिन पहले गायब हो गया था भतीजा, दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा तोड़ने वाले सरबजीत के परिवारवालों ने क्या बताया
दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में सोमवार दोपहर उस वक्त बड़ी सेंध लग गई, जब एक नकाबपोश व्यक्ति एसयूवी लेकर परिसर की सीमा पर बने द्वार को तोड़कर जबरन अंदर घुस गया और विधानसभा अध्यक्ष की कार पर एक गुलदस्ता रखकर उसी रास्ते से निकल भी गया।

दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में सोमवार दोपहर उस वक्त बड़ी सेंध लग गई, जब एक नकाबपोश व्यक्ति एसयूवी लेकर परिसर की सीमा पर बने द्वार को तोड़कर जबरन अंदर घुस गया और विधानसभा अध्यक्ष की कार पर एक गुलदस्ता रखकर उसी रास्ते से निकल भी गया। इसके बाद हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया। पुलिस ने बाद में उत्तरी दिल्ली के रूप नगर से चालक सहित तीन लोगों को हिरासत में लिया और टाटा सिएरा नामक वाहन को जब्त कर लिया। यह घटना दोपहर 2:10 बजे घटी, जब अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता विधानसभा स्थित अपने कार्यालय में थे। विधानसभा की सुरक्षा में हर दिन दिल्ली पुलिस और सीआरपीएफ के 100 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं।
एक अधिकारी ने बताया कि पूरी घटना महज पांच से सात मिनट में घटित हो गई। पुलिस की कई टीमों और बम निरोधक दस्ते ने विधानसभा परिसर की पूरी तरह से तलाशी ली ताकि किसी भी तरह के खतरे की संभावना को खत्म किया जा सके। इस तलाशी के बाद परिसर में कुछ भी संदिग्ध नहीं पाया गया। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने गुलदस्ते की भी जांच की।
उच्च स्तरीय समिति का गठन
पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के पीलीभीत निवासी 37 वर्षीय सरवजीत सिंह के रूप में हुई है और माना जाता है कि वह किसान आंदोलन का समर्थक है। उत्तर प्रदेश पुलिस पीलीभीत स्थित सिंह के आवास पर पहुंची और उसके परिवार के सदस्यों से पूछताछ की, जिन्होंने दावा किया कि वह मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित है और उनका इलाज चल रहा है। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा में हुई चूक की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है और पूरे मामले की निगरानी विशेष आयुक्त स्तर के अधिकारी द्वारा की जाएगी।
पुलिस का आरोप है कि घटना के दौरान, आरोपी ने पीलीभीत पंजीकरण संख्या वाली गाड़ी को खतरनाक तरीके से चलाया और ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को कुचलने का स्पष्ट इरादा दिखाया, जिससे उनकी जान को खतरा पैदा हुआ। पुलिस ने बताया कि एसयूवी में केवल सिंह ही सवार था।
पांच दिन पहले गायब हो गया था भतीजा
पुलिस के अनुसार, सरबजीत की पहचान होने के बाद, सर्किल अधिकारी प्रतीक दहिया और एसएचओ पांडे नारायणपुर इलाके में उसके घर पर गए और घटना के बारे में जानकारी जुटाने के लिए उनकी पत्नी मनदीप कौर से बात की। परिवार के सदस्यों ने पुलिस को बताया कि सरबजीत नारायणपुर में अपनी पत्नी और बेटे के साथ रहता था। उन्होंने बताया कि उनका भतीजा हरमनदीप सिंह, जो दिल्ली में बीटेक की पढ़ाई कर रहा था, 1 अप्रैल को लापता हो गया था और गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी।
3 अप्रैल को, सरबजीत अपने भतीजे की तलाश में रिश्तेदारों के साथ चंडीगढ़ चले गए। आनंदपुर साहिब में रिश्तेदारों को छोड़ने के बाद, वह बिना किसी को बताए अकेले दिल्ली के लिए रवाना हो गया। उसके बड़े भाई अवतार सिंह ने बताया कि सरबजीत का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था और उनका इलाज चल रहा था। पुलिस ने कहा कि घटना के पीछे का मकसद अभी साफ नहीं है और जांच जारी है। पुलिस अब सरबजीत की गतिविधियों और उनके संपर्कों की छानबीन कर रही है।
पिछले साल भी उत्तर प्रदेश के एक निवासी से जुड़ी इसी तरह की एक सुरक्षा चूक की घटना सामने आई थी, जब एक 20 साल के शख्स ने नई दिल्ली में संसद की चारदीवारी फांदने की कोशिश की थी, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उसे पकड़ लिया था, जिसके बाद अधिकारियों को उसकी मानसिक अस्थिरता का संदेह हुआ था।
भाषा से इनपुट




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