11 करोड़ कमाई, 60 करोड़ खर्च; राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर CM रेखा ने भी मांगा पैसों का हिसाब
भाजपा ने इसे राहुल गांधी की आय और विदेश यात्राओं में खर्च का बेमेल गणित बताया है। अब दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने इस मुद्दे को उठाते हुए, राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने लिखा- राहुल गांधी की रहस्यमयी विदेश यात्राओं का कच्चा चिट्ठा अब जनता के सामने है।

कमाई 11 करोड़, विदेशी यात्राओं पर खर्च किए 60 करोड़। भाजपा ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर अपनी यात्राओं में आय से 5 गुना अधिक खर्च का आरोप लगाते हुए सवाल किये हैं। भाजपा ने इसे राहुल गांधी की आय और विदेश यात्राओं में खर्च का बेमेल गणित बताया है। अब दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने इस मुद्दे को उठाते हुए, राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने लिखा- "राहुल गांधी की रहस्यमयी विदेश यात्राओं का कच्चा चिट्ठा अब जनता के सामने है।"
आया 11 करोड़, खर्च 60 करोड़- उठ रहे सवाल
दरअसल, भाजपा ने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं और उनके आधिकारिक वित्तीय रिकॉर्ड के बीच के विरोधाभास की बात करते हुए एक ट्वीट किया है। इसमें बताया गया है कि राहुल गांधी ने साल 2004-2026 में कुल 54 विदेश यात्राएं की हैं। इस दौरान करीब 60 करोड़ रुपये खर्च हुआ, जबकि उनकी 2013-2023 के बीच घोषित आय 11 करोड़ रुपये है। इस तरह भाजपा ने खर्च और घोषित आया के बीच पांच गुना से अधिक का अंतर होने की बात उठाते हुए गंभीर सवाल खड़े किए है।
राहुल गांधी का कच्चा चिट्ठा जानता के सामने
इसी मुद्दो को धार देते हुए दिल्ली की सीएम ने लिखा- "राहुल गांधी की रहस्यमयी विदेश यात्राओं का कच्चा चिट्ठा अब जनता के सामने है। अपनी घोषित आय से पाँच गुना अधिक खर्च करने वाले राहुल गांधी को देश को यह स्पष्ट करना चाहिए।" रेखा गुप्ता ने पूछा- “इन दौरों की फंडिंग का वास्तविक स्रोत क्या है?”
CM रेखा ने भी मांगा पैसों का हिसाब
उन्होंने अपनी बात रखते हुए आगे लिखा- "यदि इन यात्राओं का खर्च विदेशी संस्थाओं ने उठाया है, तो यह नियमों का सीधा उल्लंघन है।" फिर सवाल करते हुए लिखा- "यदि यह खर्च निजी है, तो इसे आधिकारिक घोषणाओं में क्यों छिपाया गया?" आगे लिखा- “पारदर्शिता का दावा करने वाले नेता प्रतिपक्ष की यह अपारदर्शिता गंभीर कानूनी सवाल खड़े करती है। राहुल गांधी को इन बेनामी खर्चों पर जवाब देना ही होगा।”
इन यात्राओं में हुए खर्च के अंतर की बात रखते हुए भाजपा ने लिखा- अनसुलझे सवाल: अगर खर्च विदेशी था, तो FCRA की मंजूरी कहां है? और अगर निजी था, तो यह टैक्स रिटर्न में क्यों नहीं है? कानून के अनुसार इन रिकॉर्ड्स का होना अनिवार्य है, लेकिन इनका गायब होना गंभीर सवाल खड़े करता है।




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