गुरुग्राम में तेज रफ्तार थार का कहर, ली डिलीवरी बॉय की जान; 5 लोगों के परिवार में अकेला कमाने वाला था
प्रवीण अपने परिवार में अकेला कमाने वाला था। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। माता-पिता और भाई-बहन का रो रोकर बुरा हाल है। उन्हें अब भी यकीन नहीं हो रहा कि प्रवीण अब इस दुनिया में नहीं है।

साइबर सिटी गुरुग्राम में एक बार फिर थार गाड़ी का कहर देखने को मिला है। बुधवार दोपहर को सेक्टर-49 में रेडिसन ब्लू होटल के पास एक तेज रफ्तार थार ने एक डिलीवरी बॉय को कुचल दिया। हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद थार ड्राइवर फरार हो गया। राहगीरों ने युवक को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान मूलरूप से उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के गांव जकदेवपुर के रहने वाले प्रवीण कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमोर्टेम के लिए भेज दिया है।
पिज्जा डिलीवरी करने के लिए निकला था
प्रवीण कुमार अपने परिवार के साथ सेक्टर-71 में CHD सोसाइटी में रहता था। वह सेक्टर-49 के ओमैक्स मॉल स्थित डोमिनोज पिज्जा में डिलीवरी बॉय के रूप में नौकरी करता था। बुधवार दोपहर करीब ढाई बजे वह डोमिनोज से पिज्जा लेकर डिलीवरी करने के लिए निकला था। जब वह अपनी बाइक से रेडिसन ब्लू होटल के पास पहुंचा, तो आईटी स्पेज पार्क के सामने पीछे से आई तेज रफ्तार थार ने उसे टक्कर मार दी, जिससे वह सड़क पर गिर गया और गंभीर रूप से जख्मी हो गया। राहगीरों ने उसके मोबाइल से उसके मैनेजर संजय को फोन किया। संजय उसे जिला अस्पताल लेकर गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिवार में था अकेला कमाने वाला
प्रवीण अपने परिवार में अकेला कमाने वाला था। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। माता-पिता और भाई-बहन का रो रोकर बुरा हाल है। उन्हें अब भी यकीन नहीं हो रहा कि प्रवीण अब इस दुनिया में नहीं है। घरवालों ने बताया कि रोज की तरह वह सुबह तैयार होकर अपनी ड्यूटी के लिए निकला था। लेकिन अब कभी घर वापस नहीं आएगा।
पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक जांच में लापरवाही, ओवरस्पीडिंग और ड्राइविंग नियमों की अनदेखी से यह एक्सीडेंट हुआ है। प्रवीण की मां उषा देवी की शिकायत पर सेक्टर-50 थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर थार ड्राइवर की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस आरोपी का सुराग लगाने के लिए हादसे की जगह पर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है।
जान जोखिम में डाल, काम कर रहे डिलीवरी बॉय
गुरुग्राम में करीब एक लाख डिलीवरी बॉय काम करते हैं। अधिकतर कंपनियों में 10 से 15 मिनट की डिलीवरी का दबाव उन्हें रिस्की राइडिंग के लिए मजबूर करता है। गुरुग्राम में डिलीवरी बॉय के साथ होने वाले हादसों की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है। शहर में लगातार बढ़ रही सड़क सुरक्षा की लापरवाही और अमीर वर्ग की एसयूवी संस्कृति पर सवाल खड़े हो रहे हैं।




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