सबसे पहले राघव चड्ढा ने ही दी बधाई, राज्यसभा में रिप्लेस करने वाले अशोक मित्तल का बड़ा बयान
राघव चड्डा को राज्यसभा के डिप्टी लीडर पद में रिप्लेस करने वाले अशोक मित्तल का कहना है कि राघव चड्ढा ही वह पहले शख्स थे जिन्होंने उन्हें शुभकामनाएं दीं।

राघव चड्डा को राज्यसभा के डिप्टी लीडर पद में रिप्लेस करने वाले अशोक मित्तल का कहना है कि राघव चड्ढा ही वह पहले शख्स थे जिन्होंने उन्हें शुभकामनाएं दीं। दरअसल आम आदमी पार्टी ने गुरुवार को राज्यसभा में अपने नेतृत्व में बदलाव करते हुए राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर के पद से हटाकर उनकी जगह पर पंजाब से पार्टी सांसद अशोक मित्तल को इस पर नियुक्त किया है। आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर राघव चड्ढा को हटाने की मांग की थी। उन्होंने चड्ढा की जगह मित्तल को पार्टी का डिप्टी लीडर बनाने का आग्रह किया था ।
गुरुवार को पंजाब से राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ग्रीन कवर के मुद्दे पर एक सवाल पूछ रहे थे, तभी सदन में पार्टी के नेता संजय सिंह ने उन्हें बुलाया और सदन में उनकी नई स्थिति के बारे में सूचित किया।
संजय सिंह ने मित्तल को बताया, अब आप राघव चड्ढा की जगह उपनेता बनेंगे। यह सुनकर मित्तल को बड़ी हैरानी हुई। एनडीवी की रिपोर्ट के मुताबिक मित्तल ने बताया कि वह अभी पूरी स्थिति समझने की कोशिश कर ही रहे थे और अपना सवाल पूछने के बाद दोपहर करीब एक बजे सदन से बाहर कदम रखा तो राघव चज्झा ने उन्हें बधाई दी और बधाई देने वालों में सबसे पहले थे।
'चड्ढा की जगह किसी और को लाना सामान्य प्रक्रिया'
इससे पहले अशोक मित्तल ने गुरुवार को कहा था कि इस बदलाव के पीछे कोई खास कारण नहीं है और एक सामान्य प्रक्रिया है। मित्तल ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था कि उन्हें उन अफवाहों की कोई जानकारी नहीं है कि सदन में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद चड्ढा भाजपा में शामिल हो सकते हैं।
राघव चड्ढा ने क्या कहा?
राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के एक दिन बाद पार्टी सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार को कहा कि मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी अपनी ही पार्टी ने कहा है कि उन्हें सदन में बोलने का मौका नहीं दिया जाए। चड्ढा ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक वीडियो पोस्ट कर कहा, जब भी मुझे मौका मिलता है, मैं सदन में जनता से जुड़े मुद्दों को उठाता हूं, जिनमें अक्सर अनदेखी किए जाने वाले विषय भी शामिल हैं। लेकिन क्या आम लोगों की समस्याओं के बारे में बात करना अपराध है? क्या मैंने कोई अपराध किया है?
चड्ढा ने अपनी पार्टी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय से कहा है कि उनके संसद में बोलने पर रोक लगा दी जाए। चड्ढा ने कहा, आप ने संसद को सूचित किया है कि मुझे बोलने का मौका नहीं दिया जाना चाहिए। मैं उनसे कहना चाहता हूं, मेरी खामोशी को मेरी हार नहीं समझें। उन्होंने कहा, मैंने कई ऐसे मुद्दे उठाए जिनसे आम आदमी को फायदा हुआ। इससे आम आदमी पार्टी को क्या नुकसान हुआ? कोई मुझे बोलने से क्यों रोकना चाहता है?
कभी आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल के करीबी माने जाने वाले और देश के सबसे युवा सांसदों में से एक राघव चड्ढा ने पार्टी के कामकाज में खासकर पंजाब और दिल्ली में आप के कार्यकाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।




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