मेरा काम ही...; राघव चड्ढा का आप नेताओं को जवाब, संसदीय कामकाज पर उठाए थे सवाल
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने उनके संसदीय कामकाज की क्षमता पर सवाल उठाने वाले पार्टी के नेताओं को जवाब दिया है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि वह संसद में प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज उठाने से कतराते हैं और 'सॉफ्ट PR' में लगे रहते हैं।

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने उनके संसदीय कामकाज की क्षमता पर सवाल उठाने वाले पार्टी के नेताओं को करारा जवाब दिया है। पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया है कि वह संसद में प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज उठाने से कतराते हैं और 'सॉफ्ट PR' में लगे रहते हैं। पार्टी की बड़ी नेता आतिशी ने तो राघव चड्ढा के बीजेपी में जाने की संभावना तक जता दी है।
आवाज उठाई, कीमत चुकाई
पार्टी में किनारे कर दिए गए सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार को इंस्टाग्राम पर 'Voice Raised Price Paid' (आवाज उठाई, कीमत चुकाई) नाम से एक वीडियो शेयर किया। यह वीडियो उन क्लिप्स का एक संकलन है जिनमें वह संसद में अलग-अलग मुद्दे उठाते हुए दिख रहे हैं। इसमें उन्होंने उन लोगों को भी जवाब दिया है, जिन्होंने उनके संसदीय कामकाज पर सवाल उठाए हैं। यह वीडियो ऐसे समय में आया है जब पार्टी के साथ उनका मनमुटाव चल रहा है।
मेरा काम ही मेरी तरफ से बोलेगा
राघव चड्ढा ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि उन लोगों से, जो मेरे संसदीय कामकाज पर सवाल उठा रहे हैं, मैं पूरे सम्मान के साथ कहना चाहूंगा कि मेरा काम ही मेरी तरफ से बोलेगा। चड्ढा ने पार्टी के आरोपों को झूठ बताते हुए कहा है कि वह संसद में लोगों के मुद्दे उठाने गए थे, न कि हंगामा करने।
'बीजेपी में जा सकते हैं'
आम आदमी पार्टी ने 2 अप्रैल को चड्ढा को राज्यसभा में अपने उपनेता के पद से हटा दिया था। पार्टी ने उन पर आरोप लगाया है कि वह संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज उठाने से कतराते हैं, और इसके बजाय 'सॉफ्ट PR' (नरम जनसंपर्क) में लगे रहते हैं। आम आदमी पार्टी की बड़ी नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने तो राघव चड्ढा के बीजेपी में जाने की संभावना तक जता दी है।
डिमोशन को चुपचाप स्वीकार करने के मूड में नहीं
पार्टी के इस कदम के खिलाफ चड्ढा काफी आक्रामक तेवर अपनाए हुए हैं। उन्होंने पार्टी के आरोपों को झूठ बताकर खारिज कर दिया है। कहा है कि वह संसद में लोगों के मुद्दे उठाने गए थे, न कि हंगामा करने। उच्च सदन में आम आदमी पार्टी के उपनेता पद से हटाए जाने के बाद से राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर कई वीडियो और पोस्ट शेयर किए हैं। इससे यह साफ हो गया है कि वह अपने इस डिमोशन को चुपचाप स्वीकार नहीं करेंगे।




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