Noida Techie Car Pulled Out 3 Days After It Fell Into Pit 3 दिन बाद गड्ढे से बाहर निकाली गई नोएडा इंजीनियर की कार, अहम सबूत मिलने के आसार; VIDEO, Ncr Hindi News - Hindustan
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3 दिन बाद गड्ढे से बाहर निकाली गई नोएडा इंजीनियर की कार, अहम सबूत मिलने के आसार; VIDEO

नोएडा के सेक्टर-150 में टेक इंजीनियर युवराज मेहता की ग्रैंड विटारा कार को कंस्ट्रक्शन साइट के गड्ढे से 3 दिन बाद निकाला जा सका है। ये हादसा 16-17 जनवरी की दरमियानी रात को हुआ था।

Tue, 20 Jan 2026 07:33 PMRatan Gupta लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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3 दिन बाद गड्ढे से बाहर निकाली गई नोएडा इंजीनियर की कार, अहम सबूत मिलने के आसार; VIDEO

नोएडा के सेक्टर-150 में टेक इंजीनियर युवराज मेहता की ग्रैंड विटारा कार को कंस्ट्रक्शन साइट के गड्ढे से 3 दिन बाद निकाला जा सका है। ये हादसा 16-17 जनवरी की दरमियानी रात को हुआ था। हादसे में इंजीनियर की मौत हो गई थी, और इतने दिनों से कार को भी नहीं निकाला जा सका था। कार बाहर आने के बाद संभावना जताई जा रही है कि घटना से जुड़े अहम सबूत मिल सकते हैं।

खस्ता हाल में गड्ढे से बाहर आई कार

मंगलवार शाम को नोएडा के सेक्टर-150 में एक क्रेन ने ग्रे SUV को 20 फुट गहरे गड्ढे से बाहर निकाला, जिसका ज्यादातर हिस्सा घास-फूस से ढका हुआ था। विजुअल्स में दिख रहा था कि कार का बोनट खुला हुआ था और उसमें सिलवटें थीं। आगे का हिस्सा अंदर की ओर दब गया था, जिससे पता चलता है कि आगे का हिस्सा किसी चीज से टकराया था। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि कार गड्ढे में गिरने से पहले सड़क को अलग करने वाले नाले के बैरियर से टकराई थी।

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अहम सबूत मिलने के आसार, कैसे?

SUV का सनरूफ भी खुला था और अधिकारियों ने कहा कि मेहता ने गाड़ी से बाहर निकलने के लिए या तो उसका या टूटी हुई विंडशील्ड का इस्तेमाल किया होगा। मेहता के एक दोस्त, पंकज टोकस ने एनडीटीवी को बताया कि सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने कार में डैशकैम लगाया था, जिसकी फुटेज से पुलिस को रात की घटनाओं को फिर से बनाने में अहम सुराग मिल सकते हैं।

तो इस वजह से खाई में जा गिरी थी कार

जानकारी के अनुसार रिफ्लेक्टर और बाउंड्री वॉल नहीं होने के कारण युवराज (27) की कार करीब 50 फुट गहरे नाले में गिर गई, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी। मृतक पेशे से इंजीनियर था और गुरुग्राम स्थित अपने कार्यालय से सेक्टर-150 स्थित घर लौट रहा था। इस तरह भले ही कोहरा और अंधेरा था, लेकिन अगर बाउंड्री वॉल होती, तो शायद ये हादसा टल सकता था।

आधे घंटे तक लगाते रहे थे मदद की गुहार

हादसा घने कोहरे और अंधेरे के कारण हुआ। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, सड़क पर न तो चेतावनी संकेत लगे थे और न ही नाले के किनारे कोई सुरक्षा व्यवस्था थी। कार नाले में गिरने के बाद युवराज करीब आधे घंटे तक अपने मोबाइल फोन की टॉर्च जलाकर मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन समय पर सहायता नहीं मिल सकी।

लोग बोले, ये कोई नई घटना नहीं, पहले भी…

घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। महज एक सप्ताह पहले भी इसी स्थान पर एक ट्रक नाले में गिर गया था, इसके बावजूद संबंधित ने कोई सबक नहीं लिया और न ही सुरक्षा के इंतजाम किए गए।

एएनआई के इनपुट भी शामिल हैं।

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