दिल्ली-NCR में GRAP-4 हटाया गया, 3 में क्या छूट और क्या रहेगा बैन?
हालांकि अभी भी राजधानी दिल्ली और आस-पास के हिस्सों में स्टेज 1,2 और 3 के तहत लगाए गए प्रतिबंध बने रहेंगे। यह फैसला वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की GRAP उप-समिति की बैठक में लिया गया।

दिल्ली एनसीआर में पलूशन से निपटने के लिए लागू ग्रैप-4 के प्रतिबंधों को रद्द करने का आदेश दिया गया है। इसके पीछे की वजह वायु गुणवत्ता में आए सुधार को बताया गया है। हालांकि अभी भी राजधानी दिल्ली और आस-पास के हिस्सों में स्टेज 1,2 और 3 के तहत लगाए गए प्रतिबंध बने रहेंगे। यह फैसला वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की GRAP उप-समिति की बैठक में लिया गया।
NCR की हवा में हुआ सुधार
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ग्रैप के चारों चरणों को अलग-अलग समय पर लागू किया गया था। स्टेज 1, 2 और 3 को 16 जनवरी तक लागू कर दिया गया था, जबकि स्टेज 4 को 17 जनवरी को लागू किया गया था। लेकिन आज यानी 20 जनवरी को हुई मीटिंग में दिल्ली एनसीआर की हवा में सुधार देखा गया है। AQI 378 दर्ज किया गया। अनुमान है कि ये इतना ही रहेगा।
ग्रैप- 4 हटाया, 1,2,3 के प्रतिबंध लागू
इस आधार पर CAQM) की GRAP उप-समिति ने बैठक में डिसाइड किया है कि 17 जनवरी को लगाए गए ग्रैप-4 के प्रतिबंधों को तुरंत रद्द कर देना चाहिए। हालांकि इस बीच राजधानी दिल्ली में ग्रैप 1,2 और 3 के तहत जारी प्रतिबंध लागू रहेंगे। CAQM ने एनसीआर की सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे स्टेज-I, II और III के तहत तय जारी उपायों को और सख्ती से लागू करें।
ग्रैप-3 में क्या बैन रहेगा?
ग्रैप-3 (GRAP-3) के तहत मुख्य रूप से गैर-जरूरी निर्माण कार्यों पर रोक होती है। BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल वाहनों (गैर-जरूरी मालवाहक गाड़ियों सहित) पर प्रतिबंध होता है। कोयला/लकड़ी के उपयोग पर पाबंदी जैसे नियम भी लागू होते हैं, जबकि कुछ आवश्यक सेवाओं को छूट मिलती है। इन प्रतिबंधों के पीछे की वजह दिल्ली-NCR में गंभीर वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना होता है।
ग्रैप-3 में क्या छूट मिलेगी?
वहीं अगर ग्रैप-3 में मिलने वाली छूट की बात करें तो दूध, सब्जियां, दवाइयां और अन्य आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई करने वाले वाहन को छूट होती है। इसमें CNG, इलेक्ट्रिक, और BS-VI मानकों के वाहन भी शामिल होते हैं। अगर कंस्ट्रक्शन की बात करें, तो राष्ट्रीय सुरक्षा या रक्षा से जुड़ी परियोजनाएं, रेलवे, मेट्रो, हवाई अड्डे, और ISBTs से जुड़े प्रोजेक्ट्स चलते हैं।




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