नोएडा हिंसा का 'मानेसर कनेक्शन': 883 लोगों के WhatsApp ग्रुप से भड़की आंदोलन की चिंगारी, एडमिन की तलाश में पुलिस
Noida News : नोएडा पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि श्रमिक आंदोलन की शुरुआत एक हफ्ते पहले बने एक वॉट्सएप ग्रुप से हुई थी। 'रिचा ग्लोबल मजदूर एकता' नामक इस ग्रुप में 883 सदस्यों को जोड़ा गया था। आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने वाला एक श्रमिक मानेसर की फैक्टरी में भी काम कर चुका है।

Noida News : वॉट्सऐप पर एक सप्ताह पहले बने 883 लोगों के ग्रुप से नोएडा के श्रमिकों के आंदोलन की चिंगारी निकली। आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने वाला एक श्रमिक हरियाणा के मानेसर की फैक्टरी में काम कर चुका है। मानेसर की फैक्टरी में वेतन वृद्धि की जानकारी मिलने पर उसने श्रमिकों को एकजुट किया। पुलिस अब ग्रुप एडमिन और उसके साथियों को खोज रही है।
सूत्रों के अुनसार नोएडा फेस-2 स्थित रिचा ग्लोबल की एक यूनिट हरियाणा में भी है, जहां पिछले कई दिनों से श्रमिक वेतन वृद्धि की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। वहां कंपनी प्रबंधन ने 35 प्रतिशत तक वेतन वृद्धि को मंजूरी दी, जिसके तहत टेक्निकल स्टाफ का वेतन 20 हजार रुपये और नॉन-टेक्निकल स्टाफ का वेतन 15 हजार रुपये हो गया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, रिचा ग्लोबल का एक श्रमिक पूर्व में मानेसर की फैक्टरी में काम कर चुका है। उसे वहां चले आंदोलन की जानकारी मिली। उसने ही यह आंदोलन नोएडा में शुरू करने की योजना बनाई और बिहार निवासी अपने साथी को भी शामिल कर लिया। 8 अप्रैल को ही दोनों ने मिलकर वॉट्सऐप पर ग्रुप बनाया। ग्रुप का नाम रिचा ग्लोबल मजदूर एकता रखा। कुछ ही देर में फैक्टरी में काम करने वाले 883 लोगों को इस ग्रुप में जोड़ लिया और आंदोलन की रूपरेखा बना ली। गुरुवार को पहली बार प्रदर्शन हुआ।
अराजक तत्वों ने भड़काया
वॉट्सऐप ग्रुप पर श्रमिकों के वेतन वृद्धि को लेकर आंदोलन करने की रूपरेखा बनाई गई। श्रमिकों ने नौ मई को एकत्र होकर फैक्टरी पर प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि इसके बाद दोनों के संपर्क में कुछ अराजक तत्व आ गए। उन्होंने आंदोलन को उग्र करने की योजना बनाई। इसमें भ्रामक जानकारी देना और आंदोलन को हिंसक बनाना शामिल था।
आरोपियों की तलाश शुरू
पुलिस टीमें दोनों ही युवकों की तलाश में जुटी हैं। हालांकि, पुलिस के अधिकारी इस पर कुछ भी खुलकर बोलने से बच रहे हैं। इसके अलावा मदरसन कंपनी में भी आंदोलन को लेकर कुछ लोगों पर रणनीति बनाने का आरोप है, जिसकी पुलिस टीमें जांच कर रही हैं।
उत्पात करने पर सात मुकदमे दर्ज
नोएडा कमिश्नरेट क्षेत्र में सोमवार को हुए उत्पात के बाद पुलिस सख्त हो गई है। पुलिस ने विभिन्न थानों में उपद्रव मचाने वालों के खिलाफ सात मुकदमे दर्ज किए। पुलिस उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोमवार को 40 से 45 हजार श्रमिकों/मजदूरों ने विभिन्न क्षेत्रों में सड़क पर उतरकर उपद्रव मचाया। सेक्टर-63 क्षेत्र में दो स्थानों तथा मदरसन कंपनी परिसर के आसपास आगजनी की घटना की और हिंसक कुछ अराजक तत्वों द्वारा कानून-व्यवस्था को प्रभावित किया गया। पुलिस द्वारा संवेदनशील एवं घटनास्थलों की सतर्क निगरानी की जा रही है। कमिश्नरेट के विभिन्न थानों में सात मुकदमे दर्ज हुए हैं।




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