चाइल्ड PGI का विस्तार, पुराने जिला अस्पताल भवन में शिफ्ट होंगी 10 विभागों की OPD
नोएडा के चाइल्ड पीजीआई का विस्तार होने वाला है। इसके लिए जिला अस्पताल के पुराने भवन में 8 से 10 विभागों की ओपीडी शिफ्ट की जाएगी। मरम्मत का काम शुरू हो चुका है। विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ें यह रिपोर्ट…

नोएडा के चाइल्ड PGI में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। जगह की कमी को दूर करने के लिए अब जिला अस्पताल के पुराने भवन का उपयोग किया जाएगा जहां 8 से 10 विभागों की ओपीडी शिफ्ट की जाएगी। मौजूदा वक्त में इस भवन की मरम्मत और बिजली का काम तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर और डेंटल एवं बायोकेमेस्ट्री विभागों को भी नए परिसरों में स्थानांतरित किया जाएगा। इस पहल से अस्पताल में भीड़ कम होगी और बच्चों को बेहतर इलाज और जांच की सुविधा मिल सकेगी।
नोएडा चाइल्ड पीजीआई का हो रहा विस्तार
एक अधिकारी ने बताया कि नोएडा के चाइल्ड पीजीआई का विस्तार होने जा रहा है। नोएडा जिला अस्पताल के पुराने भवन में बाल चिकित्सालय की आठ से दस चिकित्सकीय विभागों की ओपीडी शुरू की जाएगी। इन विभागों का विस्तार और जांच सुविधाएं बढ़ेंगी। मरम्मत का काम शुरू करा दिया गया है। यह भवन बाल चिकित्सा एवं स्नातकोत्तर संस्थान (चाइल्ड पीजीआई) के अधीन है।
जिला अस्पताल के पुराने भवन का होगा इस्तेमाल
चाइल्ड पीजीआई में ये ओपीडी अभी मुख्य भवन में चल रही हैं। जगह के अभाव के कारण कई चिकित्सकीय विभागों का विस्तार नहीं हो पा रहा है। ऐसे में जिला अस्पताल के पुराने भवन का उपयोग इन ओपीडी के संचालन के लिए किया जाएगा।
चल रहा काम
पुराने भवन में टूटी खिड़कियों पर नए शीशे लगाए जा रहे हैं। इलेक्ट्रिक कार्य के लिए भी निरीक्षण चल रहा। खिड़कियों दरवाजों आदि में शीशे लगने के बाद अन्य कार्य तेजी से होंगे। दो से तीन महीने में सभी कार्य पूरे होने की उम्मीद है। सर्जरी या बिना सर्जरी वाले किसी एक से संबंधित चिकित्सकीय विभाग ही स्थानांतरित होंगे।
सुविधाओं का होगा विस्तार
यदि सर्जरी से संबंधित विभागों की ओपीडी यहां शुरू होगी तो नॉन सर्जरी वाले विभागों के डॉक्टर मुख्य भवन की ओपीडी में ही परामर्श देंगे। बाल चिकित्सा एवं स्नातकोत्तर संस्थान के निदेशक डॉ. एके सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल के पुराने भवन में ओपीडी स्थानांतरित होंगी, ताकि सुविधाओं का विस्तार हो सके। इससे मरीजों को सहूलियत होगी।
जन्मजात बीमारियों वाला केंद्र भी स्थानांतरित होगा
जन्मजात बच्चों की बीमारियों के परामर्श और इलाज से संबंधित विभाग डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर भी जिला अस्पताल के पुराने भवन में स्थानांतरित किया जाएगा। इसकी घोषणा बाल चिकित्सालय प्रबंधन ने पहले ही कर दी है। इस ओपीडी में रोजाना 50 से अधिक बच्चे इलाज के लिए लाए आते हैं।
डेंटल और बायोकेमेस्ट्री विभाग काम करेंगे
बाल चिकित्सा एवं स्नातकोत्तर संस्थान परिसर में स्थित सात मंजिला भवन की मरम्मत का काम लगभग पूरा हो गया है। इस भवन में डेंटल और बायोकेमेस्ट्री चिकित्सकीय विभाग स्थानांतरित होंगे। मार्च के पहले हफ्ते में दोनों विभागों को स्थानांतरित करने की तैयारी चल रही है।




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