बदलेगी नोएडा की सूरत; विकास, निर्माण कार्यों पर खर्च होंगे 2800 करोड़
नोएडा प्राधिकरण ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 10,004 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट तय किया है। इसमें विकास कार्यों, जमीन अधिग्रहण और जेवर एयरपोर्ट के लिए बड़ी राशि आवंटित की गई है।

नोएडा प्राधिकरण ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 10,004 करोड़ रुपये का बजट खर्च करने का लक्ष्य रखा है। इसमें से विकास और निर्माण कार्यों पर 2,849 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, शहरी क्षेत्र में मरम्मत के काम पर 3,423 करोड़ और गांवों के विकास पर 203 करोड़ तीन लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। प्राधिकरण ने बजट को खर्च करने के लिए पूरी योजना तैयार कर ली है।अधिकारियों ने बताया कि इस बार बजट 10,004 करोड़ रुपये का रखा गया है, जबकि प्राप्तियों का 10,290 करोड़ 76 लाख रुपये का लक्ष्य रखा गया है।
जमीन अधिग्रहण पर 1100 करोड़ होंगे खर्च
नोएडा और नए नोएडा में जमीन अधिग्रहण पर 1100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इनमें नोएडा में 300 करोड़ और नए नोएडा में जमीन अधिग्रहण के लिए 800 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है। जेवर में बन रहे नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए इस वित्तीय वर्ष में 1600 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। शहर में विकास और निर्माण कार्यों पर 2849 करोड़ 65 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इस धनराशि से अंडरपास, सड़क और एलिवेटेड रोड बनाए जाएंगे।
मरम्मत पर 3,423 करोड़ खर्च करने का प्रस्ताव
शहरी क्षेत्र में मरम्मत के काम पर 3,423 करोड़ 45 लाख रुपये खर्च किए जाने प्रस्तावित हैं। शहर के आंतरिक विकास पर 591 करोड़, बाह्य विकास पर 832 करोड़ पांच लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। गांवों के विकास पर 203 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है।
बकाया जमा करने के लिए एक साल का समय मिलेगा
बकायेदार आवंटियों को ब्याज पर राहत देने के लिए एकमुश्त समाधान योजना लाने जा रहा है। ब्याज पर छूट मिलने से आवंटी बकाया जमा करने को आगे आएंगे। प्राधिकरण ओटीएस की गणना के बाद आने वाली धनराशि जमा करने के लिए एक साल का समय अपने आवंटियों को देगा। यह प्रस्ताव शासन में भेजा जाएगा। वहां पर छूट देने का प्रारूप तय होगा।
प्राधिकरण 46 प्रतिशत बजट ही खर्च कर सका
वर्ष 2025-26 के लिए प्राधिकरण ने आठ हजार 732 करोड़ 40 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया था। इसमें से 31 मार्च तक प्राधिकरण 50 प्रतिशत राशि भी खर्च नहीं कर सका। मार्च अंत तक प्राधिकरण चार हजार 101 करोड़ 62 लाख 21 हजार रुपये ही खर्च कर सका। ऐसे में 46.97 प्रतिशत ही बजट खर्च हो सका। खास बात यह है कि शहर के लोग विकास कार्य नहीं होने पर उनको पूरा करने की मांग प्राधिकरण अधिकारियों से करते रहे लेकिन अफसरों ने एक न सुनी।
अनुदान के रूप में भी बड़ी राशि दी जाएगी
प्राधिकरण गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) सहित कुछ और संस्थाओं को अनुदान राशि देती है। इस साल इसके लिए 10 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। नोएडा-ग्रेनो शिक्षा समिति को दो करोड़ रुपये दिए जाएंगे। यह शिक्षा समिति बालक-बालिका इंटर कॉलेज चलाती हैं। अधिकारियों ने बताया कि इन्वेस्ट यूपी और उद्योग बंधु को इस साल अनुदान राशि के रूप में 10 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। ईटप को एक करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
एनमएआरसी को 500 करोड़ रुपये मिलेंगे
नोएडा डेडिकेटिड अर्बन ट्रांसपोर्ट फंड के रूप में एनएमआरसी को 500 करोड़ दिए जाएंगे। एनएमआरसी नोएडा-ग्रेनो के बीच एक्वा मेट्रो लाइन का संचालन करती है। वर्ष 2025-26 में प्राप्तियों का लक्ष्य नौ हजार आठ करोड़ 26 लाख रुपये था। इसके मुकाबले 31 मार्च तक छह हजार 589 करोड़ 34 लाख 99 हजार रुपये की प्राप्ति हुई। ऐसे में 73 प्वाइंट 15 प्रतिशत प्राप्ति हुईं।




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