संशोधित खबर: दिल्ली की पांच प्रमुख सड़क कॉरिडोर का होगा पुनर्विकास, रात में भी रहेंगी गुलजार
नई दिल्ली में पांच प्रमुख सड़क कॉरिडोर को सजाने और रात में लोगों के मनोरंजन के लिए अनुकूल बनाने का प्रस्ताव है। उपराज्यपाल ने बैठक में वायु प्रदूषण को कम करने और जल निकासी व्यवस्था को विकसित करने के निर्देश दिए। इसमें महिला और बच्चों की सुरक्षा के लिए निगरानी प्रणाली को भी शामिल किया जाएगा।

इन पांच सड़क कॉरिडोर पर बाजार, मनोरंजन, साइकिल ट्रैक आदि की सुविधा प्रदान करने का सुझाव नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता
प्रस्तावित योजनाएं
राजधानी की पांच प्रमुख सड़क कॉरिडोर को सजाने संवारने के साथ रात में भी लोगों के मनोरंजन और खरीदारी के अनुकूल बनाने की दिशा में काम होने जा रहा है। यातायात के लिहाज से बेहद व्यस्त पांच प्रमुख सड़क कॉरिडोरों में तमाम जन सुविधांए स्थापित करने का प्रस्ताव है। ऐसी संभावना है कि इन पांच सड़कों के पुनर्विकास का काम जल्द शुरू होगा। इन कॉरिडोरों को हमेशा धूल-मुक्त, पैदल यात्रियों के अनुकूल, हरियाली युक्त और रोजगार व मनोरंजन गतिविधियों से जोड़ने के लिए विकसित किया जाएगा। इन पांचों सड़कों पर यह सुविधाएं विकसित करने के लिहाज से स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए) के साथ उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने परियोजना की समीक्षा बैठक की। बैठक में स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए) और संबंधित सड़क एजेंसियों के बीच अब तक हुए समन्वय की प्रगति पर चर्चा हुई।
वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना
बैठक में उपराज्यपाल ने कहा कि इन अत्यधिक व्यस्त मार्गों को सड़क की धूल और उससे होने वाले वायु प्रदूषण से पूरी तरह मुक्त बनाने का लक्ष्य होना चाहिए। इसके लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की रूपरेखा के अनुरूप काम किया जाएगा। परियोजना के तहत वैज्ञानिक तरीके से जल निकासी व्यवस्था विकसित की जाएगी ताकि जलभराव न हो और बारिश के बाद सड़कों पर गाद जमा न रहे। इससे बरसात में यातायात सुचारु रहेगा और धूल प्रदूषण भी कम होगा।
हरित पट्टी का विकास
इसके अलावा केंद्रीय हरित पट्टी को घास और पाइप आधारित सिंचाई प्रणाली के साथ विकसित किया जाएगा। इससे पानी के टैंकरों के कारण होने वाली गाद और यातायात बाधा दोनों समाप्त होंगी। उपराज्यपाल ने एसपीए को निर्देश दिया कि वे ऐसे डिजाइन तैयार करें, जिनसे यह सुनिश्चित हो सके कि फुटपाथों की पक्की सतह इस तरह बनाई जाए कि उसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री पर्याप्त रूप से छिद्रयुक्त हो, ताकि पानी आसानी से रिस सके, और साथ ही वह इतनी मजबूत भी हो कि उसकी देखरेख की जरूरत कम से कम पड़े।
ज्ञात हो कि ऐसा सामने आया है कि कई जगहों पर कंक्रीट के बने फुटपाथों में छिद्र न होने से पानी सड़क पर आ जाता है।
समाज के लिए सुविधाएं
उपराज्यपाल ने सुझाव दिया कि इसमें एकीकृत पैदल रास्तों का विकास, जिसमें साइकिल ट्रैक हों और जिनके बीच-बीच में सार्वजनिक उपयोगिताएं और विश्राम स्थल हों। साथ ही चलित वेंडर स्पेस, सांस्कृतिक और हस्तशिल्प बाजारों को भी जोड़ा जाएगा ताकि रात्रिकालीन अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिल सके। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए निगरानी प्रणाली और बेहतर स्ट्रीट लाइटिंग भी प्रस्तावित है।
पुनर्विकास के लिए चिन्हित मार्ग
इन पांच मार्गों को पुनर्विकास के लिए किया गया है चिन्हित
विकास के लिए प्रस्तावित कॉरिडोर इस प्रकार हैं-
मिंटो रोड से आईटीओ- कड़कड़डूमा
मिंटो रोड-अरुणा आसफ अली मार्ग-जवाहरलाल नेहरू मार्ग-दिल्ली गेट
नेताजी सुभाष मार्ग-शांति वन-महात्मा गांधी मार्ग (यमुना के किनारे)- आइटीओ-आईपी एस्टेट मेट्रो स्टेशन
धौला कुआं-जेल रोड करियप्पा मार्ग-तिलक नगर क्रॉसिंग
उत्तम नगर-तिलक नगर-राजौरी गार्डन (नजफगढ़ रोड पर)
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