प्रधानमंत्री ने काफिले में कम कीं गाड़ियां
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईंधन के उपयोग को कम करने की अपील की है। इसके बाद कई केंद्रीय मंत्रियों ने अपने काफिलों की संख्या कम की है। सुरक्षा प्रोटोकॉल बनाए रखते हुए, प्रधानमंत्री ने अपने काफिले में इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री भी इस पहल का समर्थन कर रहे हैं।

नई दिल्ली, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईंधन से चलने वाले वाहनों के उपयोग में कमी लाने और मितव्ययिता उपाय अपनाने की अपील करने के कुछ दिन बाद अपने काफिले में शामिल वाहनों की संख्या बेहद कम कर दी है। इसके बाद अमित शाह, जेपी नड्डा, राजनाथ सिंह समेत कई केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों ने भी अपने काफिलों में वाहनों की संख्या कम करने और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की घोषणा की है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने हालिया गुजरात और असम दौरों के दौरान अपने काफिले का आकार काफी कम किया। हालांकि, विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) से जुड़े सभी आवश्यक सुरक्षा प्रोटोकॉल यथावत रखे गए। सूत्रों ने बताया कि जहां संभव हो, वहां बिना नई खरीद के इलेक्ट्रिक वाहनों को भी काफिले में शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं。
प्रधानमंत्री की अपील
प्रधानमंत्री ने हैदराबाद में आयोजित एक रैली में देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ाने, कार पूलिंग अपनाने, इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने तथा रेल सेवाओं के अधिक इस्तेमाल की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि मौजूदा समय में देशभक्ति का अर्थ जिम्मेदार जीवनशैली और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग से भी है।
केंद्रीय मंत्रियों की पहल
प्रधानमंत्री की इस पहल के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी अपने काफिलों में वाहनों की संख्या लगभग आधी कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था से समझौता किए बिना यह कटौती लागू की गई है।
राज्य मुख्यमंत्रियों की भागीदारी
इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ही मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी अपने काफिले में वाहनों की संख्या घटा दी। मुख्यमंत्री के काफिले में अब पहले के 13 वाहनों की तुलना में केवल आठ वाहन शामिल होंगे।
दिल्ली में सरकारी वाहनों की कमी
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी मंत्रियों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले सरकारी वाहनों की संख्या में कमी लाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा, ‘मैं सभी दिल्लीवासियों से आग्रह करती हूं कि वे भी प्रधानमंत्री के इस आह्वान का पालन करते हुए ऊर्जा संरक्षण के इस राष्ट्रीय प्रयास में सहभागी बनें।
राजस्थान और महाराष्ट्र की पहल
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उनके काफिले में वाहनों की संख्या कम से कम रखने का निर्देश दिया है, जिसके बाद बुधवार को उनके काफिले में सिर्फ पांच वाहन दिखाई दिए।
महाराष्ट्र सरकार ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिया है कि आधिकारिक यात्रा के लिए विमान का उपयोग करने से पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अनुमति ली जाए।
गुजरात का उदाहरण
गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने घोषणा की कि वह गुजरात में हेलीकॉप्टर और विमानों से यात्रा करने के बजाय ट्रेनों, राज्य परिवहन की बसों और सार्वजनिक परिवहन के संसाधनों से यात्रा करेंगे और ईंधन की बचत के लिए उनके सरकारी वाहनों के काफिले को भी छोटा किया जाएगा।
गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने प्रधानमंत्री की अपील के बाद अपनी अमेरिका की प्रस्तावित यात्रा रद्द कर दी है। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश समेत कई अन्य राज्यों के राज्यपाल ने भी ईंधन बचाने की पहल शुरू की है।
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