कोरोना के बाद हंता वायरस का खतरा, क्रूज पर तीन मौतें
विकल्प हेडिंग 1. कोरोना के बाद हंता वायरस से हड़कंप, क्रूज पर तीन

द हेग, एजेंसी। दुनिया के कई देशों में हंता वायरस से हड़कंप मच गया है। क्रूज पर हंता वायरस की चपेट में आने से अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि आठ संदिग्ध मामलों में से पांच में संक्रमण की पुष्टि हुई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
पहली मौत की जानकारी
डब्ल्यूएचओ के अनुसार, क्रूज पर पहली मौत 11 अप्रैल को हुई थी। मरने वाला 70 साल का एक डच व्यक्ति था। लगभग दो हफ्ते बाद सेंट हेलेना में उसके शव को क्रूज से उतारा गया। उसकी 69 साल की पत्नी सेंट हेलेना से हवाई जहाज से दक्षिण अफ्रीका गई। वह हवाई अड्डे पर अचानक गिर पड़ी और 26 अप्रैल को अस्पताल में उनकी मौत हो गई। तीसरी यात्री एक जर्मन महिला थी। उनकी मौत 2 मई को हो गई। इसके बाद 24 अप्रैल को दर्जनों यात्री बिना किसी कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के क्रूज से उतर गए। यह क्रूज एक अप्रैल को दक्षिण अमेरिका से अंटार्कटिका और अटलांटिक महासागर के कई दूरस्थ द्वीपों के लिए रवाना हुआ था। यह जानकारी क्रूज संचालक कंपनी (ओशनवाइड एक्सपेडिशंस) और डच अधिकारियों ने गुरुवार को दी, लेकिन नीदरलैंड के विदेश मंत्रालय ने यह संख्या करीब 40 बताई। इनके बारे में अधिक जानकारी नहीं दी गई है। वहीं, यूरोप और अफ्रीका के स्वास्थ्य अधिकारी उन लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं, जो उस क्रूज से पूर्व में उतरे लोगों के संपर्क में आए होंगे। वहीं, डब्ल्यूएचओ ने कहा कि हम क्रूज के अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
क्रूज से 12 देशों के नागरिक उतरे
कंपनी के अनुसार क्रूज पर 12 देशों के नागरिक उतरे थे, जबकि दो लोगों की राष्ट्रीयता की जानकारी उपलब्ध नहीं है। दक्षिण अफ्रीका और यूरोप के स्वास्थ्य अधिकारी उन यात्रियों के संपर्कों का पता लगाने में जुटे हैं, जो क्रूज से उतरे थे।
ब्रिटिश नागरिक को एयरलिफ्ट किया
कंपनी के अनुसार, कुछ दिनों बाद एक ब्रिटिश नागरिक को असेंशन द्वीप से दक्षिण अफ्रीका एयरलिफ्ट किया गया। वहीं, बुधवार को जहाज के डॉक्टर समेत तीन लोगों को इलाज के लिए यूरोप भेजा गया। जब जहाज केप वर्डे के पास था।
कैसे फैलता है हंता वायरस
1. हंता वायरस एक गंभीर और जानलेवा वायरस है, जो मुख्य रूप से चूहों से इंसानों में फैलता है। यह कोई नया वायरस नहीं है। इसके लक्षण और गंभीरता इसे खतरनाक बनाते हैं। डब्ल्यूएचओ के अनुसार यह वायरस संक्रमित चूहों के पेशाब, लार या मल के संपर्क में आने से फैलता है। चूहों के मल-मूत्र के सूखने पर उसके कण हवा में मिल जाते हैं और सांस के जरिए इंसान के शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। यह एक इंसान से दूसरे इंसान में पहुंच सकता है, लेकिन ऐसा बहुत कम होता है।
लक्षण क्या होते हैं?
हंतावायरस के शुरुआती लक्षण आम फ्लू जैसे होते हैं, जैसे बुखार, थकान और शरीर में दर्द, लेकिन जैसे-जैसे संक्रमण बढ़ता है, ये गंभीर रूप ले सकता है। सांस लेने में परेशानी, फेफड़ों में पानी भरना या किडनी से जुड़ी समस्याएं पैदा कर सकता है।
बचाव के तरीके
इससे बचाव के लिए साफ-सफाई का ध्यान रखना सबसे जरूरी है। चूहों से दूर रहना, घर को साफ रखना और गंदे या बंद स्थानों की सफाई करते समय सावधानी बरतना बेहद महत्वपूर्ण है। कोरोना से बचाव के लिए हाथ धोना, मास्क पहनना और भीड़ से बचना जैसे उपाय अपनाने चाहिए।
हंता और कोरोना में अंतर
हंता वायरस और कोरोना वायरस दोनों ही आरएनए वायरस हैं, लेकिन इनका फैलने का तरीका बिल्कुल अलग है। कोरोना वायरस इंसान से इंसान में तेजी से फैलता है, जबकि हंता वायरस ज्यादातर चूहों के संपर्क से फैलता है और इंसानों के बीच इसका फैलाव बहुत कम होता है। इसी वजह से कोरोना ने महामारी का रूप लिया।
भारत में स्थिति
फिलहाल भारत में हंता वायरस को लेकर कोई बड़ा खतरा या अलर्ट नहीं है। यहां इसके मामले बहुत कम पाए जाते हैं और कई बार इसकी पहचान भी मुश्किल हो जाती है, क्योंकि इसके लक्षण दूसरी सामान्य बीमारियों जैसे लगते हैं।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन