China s Xi Warns on Taiwan Issue US-China Relations at Risk यूएस-चीन पैकेज::शी की चेतावनी, ताइवान मुद्दे पर चीन-अमेरिका में हो सकता है टकराव, Delhi Hindi News - Hindustan
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यूएस-चीन पैकेज::शी की चेतावनी, ताइवान मुद्दे पर चीन-अमेरिका में हो सकता है टकराव

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ताइवान मुद्दे को लेकर चेतावनी दी है कि अगर इसे सही से नहीं संभाला गया, तो चीन और अमेरिका के बीच टकराव हो सकता है। उन्होंने कहा कि ताइवान चीन-अमेरिका संबंधों में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है और इसके समाधान पर दोनों देशों के संबंध निर्भर करते हैं।

Thu, 14 May 2026 07:05 PMNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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यूएस-चीन पैकेज::शी की चेतावनी, ताइवान मुद्दे पर चीन-अमेरिका में हो सकता है टकराव

शी बोले, अगर ताइवान मुद्दे को ठीक से नहीं संभाला गया तो टकराव संभव बीजिंग, एजेंसी। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने गुरुवार को बीजिंग में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बातचीत के दौरान चेतावनी दी कि अगर ताइवान मुद्दे को ठीक से नहीं संभाला गया, तो यह चीन और अमेरिका को टकराव और यहां तक कि संघर्ष की ओर धकेल सकता है। चीन की सरकारी शिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

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ताइवान चीन-अमेरिका संबंधों में महत्वपूर्ण मुद्दा

चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि ताइवान चीन-अमेरिका संबंधों में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है, और दोनों महाशक्तियों के बीच स्थिर संबंध इस बात पर निर्भर करते हैं कि इस मामले को कैसे संभाला जाता है।

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टकराव से नुकसान और साझेदारी की आवश्यकता

शी ने कहा, अगर इसे ठीक से संभाला जाता है, तो द्विपक्षीय संबंधों में पूरी तरह से स्थिरता बनी रहेगी। अन्यथा, दोनों देशों के बीच टकराव हो सकते हैं, जिससे पूरा रिश्ता बड़े खतरे में पड़ जाएगा।

शिन्हुआ ने चीनी राष्ट्रपति के हवाले से आगे कहा कि ताइवान की आजादी और ताइवान जलडमरूमध्य में शांति आग और पानी की तरह एक-दूसरे के विपरीत हैं।

प्रतिद्वंद्वी नहीं, साझेदार बने अमेरिका

बैठक के दौरान, शी ने दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच टकराव के बजाय सहयोग का भी आह्वान किया और कहा कि चीन और अमेरिका को प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि साझेदार होना चाहिए। शी ने कहा, पूरी दुनिया हमारी बैठक को देख रही है।

भविष्य के संबंधों की चिंताएँ

बीजिंग और वाशिंगटन के बीच भविष्य के संबंधों को लेकर व्यापक चिंताएं जताते हुए। शी ने पूछा, क्या चीन और अमेरिका थ्यूसीडाइड्स ट्रैप पर काबू पा सकते हैं और प्रमुख देशों के संबंधों का एक नया प्रतिमान बना सकते हैं? क्या हम वैश्विक चुनौतियों का मिलकर सामना कर सकते हैं और दुनिया के लिए अधिक स्थिरता प्रदान कर सकते हैं?

अमेरिका को 250वीं वर्षगांठ पर बधाई

शी ने नौ साल बाद चीन वापस आने पर ट्रंप का स्वागत भी किया और अमेरिकी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ से पहले अमेरिका को बधाई दी।

शी ने कहा आपसे बीजिंग में मिलकर मुझे बहुत खुशी हुई। नौ साल बाद चीन में आपका फिर से स्वागत है। यह साल अमेरिकी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ का साल है। आपको और अमेरिकी लोगों को बधाई।

नए अध्याय की उम्मीद

चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि दोनों पक्ष मिलकर अपने द्विपक्षीय संबंधों में एक नया अध्याय शुरू करने के लिए काम कर सकते हैं।

बातचीत की शुरुआत में शी का लहजा अधिक सतर्क था

दोनों नेताओं ने अपनी द्विपक्षीय बातचीत शुरू करते हुए एक-दूसरे के बारे में गर्मजोशी भरे शब्द कहे और अमेरिका-चीन संबंधों के भविष्य के लिए उम्मीद जताई।

लेकिन दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक ताकतों के लिए आगे क्या होने वाला है, इस बारे में शी का लहजा ज्यादा सतर्क था।

सहयोग और टकराव का महत्व

शी ने कहा, सहयोग से दोनों पक्षों को फायदा होता है, जबकि टकराव से दोनों को नुकसान होता है। मिलकर सफलता हासिल करनी चाहिए और साझा समृद्धि की ओर बढ़ना चाहिए, और नए दौर में बड़ी ताकतों के बीच संबंधों के लिए एक सही रास्ता तय करना चाहिए।

थ्यूसीडाइड्स ट्रैप क्या है

थ्यूसीडाइड्स ट्रैप एक ऐसा शब्द है जिसे हार्वर्ड के विद्वान ग्राहम एलिसन ने लोकप्रिय बनाया था। यह उस संघर्ष के जोखिम को दर्शाता है जो तब पैदा होता है जब कोई उभरती हुई शक्ति किसी स्थापित वैश्विक शक्ति को चुनौती देती है।

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